पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/६९१

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था; परन्तु सन्तुर नर्म मौन कूट-कोपसमे दुर्वस तुळ. उसे चालीस राजार सटिंग-सैनिकों का प्रवास समझ को भो.रम युधमें घसोट. लिया। जर्मनीको तरफसे कर डरके मारे स्थान छोड़ कर भाग गये। तुरुकके युद्धक्षेत्रमै अवतो होनेमें कमाल पाशाका १८१८. पक पर मासमें एशिया-माइनरके दो व्यतिगत विकर मत था । परन्तु जब युद्धको घोषणा हुई स्थानों में युद्ध केन्द्रोभून हुमा था। एक स्मरना और तब उनोंने सेन्यदसमें योग दिया। कुछ दिन बाद मिग- एडिनका पंशया (प्रजों को सहायता रोक लोग सेनाने कमष्टेटिनोपलकी घोर अग्रसर होनिकी चेष्टा सो तरफ थे) और दूसरा बोगदादशा च जहां की। इससे प्रधान सेनापति विचलित हो पठे; परन्तु टिश सेना उपखित यो। तुर्कोवा आतीय सेना बन निर्भीक कमाल पाशाने उस समय प्रस्ताव दिया कि दोनों दलों के साथ प्रस्थत धोरता और सतर्कता 'मुझे युद्ध-परिचालयाका भार दिया जाय।" उन्होंने साथ गुरुवारनको लिए अग्रसरको रहो घो। बामाल अपने अपर भार ले कर जी सेनाको पनाफोर्समें गया इस ममय तुर्कीजाति बन्दर स्वदेशप्रेम लाने- रस तरह परास्त किया, कि समग्र जगत् इस पमानुषिक के लिए भो चेष्टा कर रहे थे। उनके निमानुसार घटनाको देख कर दंग हो गया। इसमें सन्देश नहीं तुर्कीको राष्ट्रीय महासभा परिचालित तो बी। हमोंने कि उनको रस विजयसे को तुर्की सामान्य मिवित पारामें एक महासभा कर उसमें कुछ जातोय. पर्स' सके ग्राससे बच गया। इसके बाद जमनोने चहात निर्घात को थीं । जो नोचे सिसौ जातो.- . कर पानवार पोर कमाल पाशाको नाना विपदों में जिन स्थानों में परबबासियों को संवा अधिक डालने का प्रयास किया था। . उन खानो' से तुर्की का दावा सग लिया जायगा। परन्तु शोघ्र हो पुनः तर कके जोवन-मरणको समस्या परन्त तुकाक पवशिष्ट अंश एक राष्ट्र एकातिर उपस्थित ह। कमाल पाशा कोशिश करने पर भो एक धर्म को समष्टि समझो जायगो। . . कुछ न कर सके। जर्मन लोग बोगदादमें पराजित हो. २. पश्चिम-सक अधिवासिगव पपने देवको रति गये । १८१८ में जब महायुद्धका पवमान एमा, तब पात व्यताकै सबन्ध में विचार कर सकेंगे। परन्तपूर्व ( ३० प्रकवरको) पर्मिष्टिस्को मन्धिक पनुसार घटोः सबै विषयमें काई भी मयखता न मानो जायगी। मान-गवन मेण्ट मित्र शशिक समक्ष सम्म ग रूपसे हत् पति-पुत्रने नवोन बुद्रराज्यों के थिए प्रात्म-समर्पण करने के लिए बाध्य हुई। कनष्टष्टि- जितनी भी शत कायम को मान्य हो मो। नोपल इस ममय मित्रशतिक अधिकारम था। पेरा । कनष्ट ण्टिनोपल पौर ममुद-माटों (प्रसालियो)- पौर गालाटामें ग्रेजो मनाने तथा रस्ताम्ब लमें फरा- को बिना शतके तुर्वियो को दे देना पड़ेगा। सोसो सेनाने शिविर-पनिवेश किया था। सुलतान बापिन्धक सुभोतके लिए स्वार्थ सनिष्ट प्रतिसमका उस समय ग्रेजों के यहां नजरबन्द थे। पर्मि टिसके न्याय्य खत्व मान्य होगा। समयमे हो मावभूमि को रक्षाके लिए तुर्कों में सर्वत्र ऐसे राष्ट्रीय पार्थिक और विचार-मबन्धीय समस्त छोटे छोटे दलोका संगठन हो रहा था । कमाल पाशा. कार्याम तुर्कीको स्वाधीनताको माममा पड़ेगा। . धन्य ने उन्हीं कोटे कोटे दलोको एक हत्तर जातीय माका शब्दों में यो ममझना चाहिए कि तुर्कीको सिवा पायान्य रूप दे दिया। रसो ममय ग्रोसों ने स्मरमा अधिकार देशों में तुरुकको जितनी भी प्रजा है, उनको स्वायत्त कर लिया। स्मरमा तकियों का एक प्रयोजनीय वाणिज्य शासन देना होगा। केन्द्र था। कमाल पाशा पंग्रेज पोर प्रोक-सेनाको रसो बीचमें सुलतामने सेभस बी सन्धि खोकार कर बाधा देनेके लिए अग्रसर हुए। तुर्कियो नेटश लौ. जिसमे जातोय दल अत्यन्त हुब हो गया। १८२१ सेनाको उपस्थितिम ही पश्चिम पानातोलिया पर कमा जिसे सिमामालियामा को जनवरीमें प्रोक सेना बुह-यावाके लिए प्रस्तुत कर लिया। पकी फयादे १५ मौषमागतो मेनाको देश, । कमाल पाशाने उन्हें पार. पर बाधा पहुंचाई,