पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/७०५

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दुलाई । २ तोलने का काम या भाव । ३ तोलनेको मज- यात्री तुलजा देवीका दर्शन और सरोवर बाग वरने के लिए यहा भात है। सन्द पुराचीयं तुजामाहात्मने 'तुलाकविरो-कावेरी नढोका उत्पत्तिखांन । कूर्ग- हम सामको कथा विशेषकपर वर्णित है। यहाँको राज्यके पतिम सहाद्रिका जो पंश बधगिरि नाममे पहाड़ पर खोदी पुरे पक गुहारजिनमें १८२३१० प्रसिद्ध है उसोके अपर पक्षा० १२ २३ १. स. पोर तक चोर डकैत लोग रहते थे। • देशा० ७५३४१. पूके मध्यगिरिक वाद देशस भाग तुलाजापुर-(तुलजापुर) १दराबाद सबके गौसमाना- मलमे २ कोसको दूरी पर तुला-कावेरी प्रवाहित बाद जिलेका पूर्वीय तालुवा यहाको लोकसंख्या ध्वति स्थानके निकट एक बहुत पुराना देवमन्दिर । और भूपरिमाण ४११ वर्गमील रसमे दो गारपोर १५४ ठेव दर्शन करनेके लिए जारी तीर्थ यातो यहां पात बाम लगते १३ ला तालुकका एकमायापा. है। तुला-वाविरोके पीक मातरम्य पाये जाते जिन- १० पौर देशा पू. मध गोलापुरते मसे कोई तो अग्निपुराणीय, कोई बकवतं पुरानीय २८मोल पोर पीसमानाबादी १४ मोगलांव पौर फिर कोई बवत पुराय नामसे प्रचलित 'खित है। लोकसंस्था १२ वही एव पुलिस । खलपुराण में लिखा कि तुला या कार्तिक एसपैकरका पफिस, एकपसतानाजाला मासमें यस गङ्गाजी पाई। उस समय यहां बान पोर एक स्कूल पायव्यवसाय एवमनद्र। करनसे पयेष फल मिली और सब पाप जाते रहते हैं। पहाड़क" नीचे तुलजाभवानीमा एक मन्दिर बर्ग इस महनिम वर्ग के प्रायः हर एक घरसे एक एक दुर्गापूजा समय दूर दूर देशोंसे पाये ये यापियांचा मनुख गङ्गाको पूजा करने पात। 'समागम होतो व शिसतारापोर पोलापुर मन्दिरकी देवसेवा लिए गवर्मेण्टको पोरसे वार्षिक गजापीके मन्दिरका निर्माण विधाप्रति २३२) मिलते हैं। मानवारको यहां भाट लगती। ' तुमाकूट (स.ली) तुलायाः कूट' ६-तत् । तुसामानका दुखावो-तचीरके विषोताहो एक प्रमि लान कूट, तौलमें कसर। तुलायां कूट यस्व । तुलावार ११५ १०८ तक राज्य किया था। मिल कारक लोक, तौसम बासर करनेवाला, डोदी मार लिखित प्रबर-१ पादिधर्म सारसं ग- वाला मनुष। कुल तेजोनिधि (ज्योतिष), रोमावि तुलाकोटि (स'. स्त्रो०) तुला साह कोटयते कुटन्। मन्त्राचार, ५ राजधर्म भारतब। राम १न पुर। तुलाया कुटति कुटान्। २ मानर्मद, एक धौन,'७ वाक्यामृत और संबोतरारत। . तौलका नाम। ३ रानको डोके दोनों छोर जिनमें तुनामी पोय-प्रसिद्ध महाराष्ट्र दस्युबमाधाका पलड़े की रस्मो बँधो रहता है। बुंद संख्या। एक पुत्र। कनोजीके जैसा हमसे सत्यात . तुलाकोष (सं. पु. ) तुलायाः परिमाणे पीष । भोर महाराष्ट्रगर बहुत व्यस्त हो गये थे। तुला परोक्षा। बम्बई गवर्मेण्ट और महाराइसिनापति 'मिस कर . तुलाजा ( तुलना) काठियावाहक भन्तर्गत मावनगर तुलाजीको परास्त किया था। । । राज्यका मधस्थित एक प्राचोरवेष्टित नगर। यह पचा. तुलादगड (सपु.) तुलायाः दण्डः। मानल मायने. २१.२१ १५३.और था. ७५"४. पहाडकी को डो। ठालुवा भाग पर स्थित है। इसके चारों और प्रत्यन्त तुलादाम (सल0) तुलया खेमानने तुला सुन्दर और शिल्पने पुखयुक्त बनकनन्दिर । पुरुषसंजक महादाम, एक प्रगरका दान जिसमें पहाड़के शिखर पर प्रमिह तुलजाभवानीको मन्दिर विमी मनुबकी तोमा बराबर बना हान होता है। और पशमन्दर सरोवर विद्यमान है। सैकड़ों तीर्थ' 4 मील महादानी मेसे पुरुषदान देणे। Vol Ix 174