पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/७०८

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तुकाराम सेनापति थे। विद्रोहमें पिताके मारे जाने पर तुलारामने पाड़ तुमास्व ) तुलार्य तोलमा । तुला. पर जा कर पाश्रय लिया और यहां वे अपना प्रभ,त्व दखित ऐन, तराज को रखो जिसने एसो बधे फैशाने लगे। • १८२४ में ब्रह्म-सनाने पाकर अघ अछाज्य तुनि (मो .) तुरि-स्खला १:तुरो, शुसाहको पर पाक्रमगा किया, तब उस समय तुलारामने उन कूचो। २ चिवकरको वत्तिका, . पिa बनानेको लोगों को कुछ सहायता की थी। १८२८ ईमें कछार कुंची। राज्यको बाध्य होकर तुलारामा लिए कछ पानीय तुलिका ( मो.).तोलयति सादृश्य गछति तुल भूभाग छोड़ देना पड़ा। १८३४ ई में राजा गोविन्द बाहुलकात् स्कन सच वित् । १. सानपयो । २ तुलि, चन्द्रको बाके बाद तुलारामने महर और दया नदी- पूची। पन्ती तथा दयाह और कापिलो नदीको मध्यवर्ती तुलित ( सं. वि.. ) तुल-तत्-करोतीति णिच, भूमि गवर्मेण्टको छोड़ दो। कमपित। १ परिमित, तुला एमा। २ बराबर, - इससे पहले तुम्नागमने सेनापति' उपाधिग्रहण कर . मान । सोयो । उत्तरमें दयाल और जमुना नदी, दक्षिमे महा पुल " तु लिमो ( स० स्त्रो. ) तु समस्ति फलेऽस्या हल इनि मदों, पूर्व में धनखरी तथा पश्चिमम दयाङ्ग नदोको मध्य. डीप, पुषो. इस्खः । शाल्मली, सेमरका पेड़। 'वर्ती समस्त भूमि तुलाराम सेनापतिक अधिकारमें धो। लिफला (सं• खो०) तुलि तुलयुक्त फल यन्याः स खानका सरकारी कागजातोंमें 'तुलाराम सेनापतिका । पृषो• इखः । गाल्मली, सेमरका.पेड़। राज्य, वा 'महाल रशिलापुर' नाममे उल्लेख किया । तुलो (म खो०) तुरो रस्य सः। तम्बवायको तुरो, जुलाहीको यो। गया है। तुलो। हिखो.) छोटा राज, कांटा। तुलाराम पहले गवर्मको प्रतिवर्ष ४ हाथी ( बाद- में 82. इ. ) कर देते थे । प्रत्यार हो जाने के तुलुव (स• पु.) दक्षिणके एक प्रदेशका प्राचीन नाम । • कारण १८१४१०में इन्होंने अपनो सम्पत्ति दोनों पुत्रोंको यह सह्याद्रि पोर समुद्र के बीच पक्षा १२ २७ से १३. १५० पोर देखा ७४४५ से ७५३० पू० बोट दो। १८५०१०में इनको मृत्यु हो गई। इनके कल्याणपुर और चन्द्रगिरि दोनों नदियोंके किनारे । बड़े लड़के का नाम था नकुलराम १८५७ ९०में । अवस्थित है। मचाद्रिसहमें यह खान "तोलव" नागापोंके विरुद्ध युद्ध करते समय मारे गये। देश नामसे प्रसिद्ध है। उसके बाद तुलाराम सेनापति राज्य में माना प्रकार• "ततः सत्या विशिसारे पहरे दृष्टगन्मुनिः । को विनासा होने लगो, जिमसे हटिश-गवर्म एटने नानाफलप्रसवगै नाकन्दरसानुभिः । ( १८५४ में ) तुलारामके परिवार के ५ व्यलियोको अवतीर्य ददर्शाप तौलव देशमुत्तमम् । कुछ लाखराज जमीन और मामान्य वृत्ति ठहरा कर . . तरक्षेत्र प्राप्तवान् रामो मेधावी भगुनादनः। समस्त भूभाग उत्तर-वाहारमें शामिल कर लिया। उम महाविर सम्यक पूजयामास थामतः।" समय उतभूभागका परिमाण १००० वर्गमोल था। (उत्तराई २१।५३.५७) तुलावत् (म त्रि.) तुला विद्यतेऽस्य तुम्ला-मतुप, मस्य स स्थानके अधिवासो भी बचाहिब में "तोसव" व तुलाधारी, तगज पकड़नेवाला । मामले मगर । (मयादि २ । ५। ९) पाजकल तुलावा (R• पु० ) गाडोको एक लकड़ो। इसके सहारे इस प्रदेशको उत्तर कमाड़ा कहते हैं। सान्दपुराण यादोपदी करके ध रीमें तेल दिया जाता है और पहिया , 'तसुननाद उत्पत्ति माम्या पत्व में एम खानका माराम