पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/७२५

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बादको तोरवी खान मनोलोव भावांचा पारिधि (..) ललित १ मेल, खा । साहविरियाक पूर्वागमें यह भाषा पलतो विहारवरा, मोजता, जगदी। एमनस । (वि.)४ " मान १२२७ में मङ्गोलोयोंने पुरियात. विप्रतिष । विनामो, तब चलनेवाला। पोलोट वा बालमय प्रदेशोंको पोर एकब कर मोगल (वि) मौत नमनाला, जो पोस राजत्व खापन विवा। मो समयसे मङ्गोलोय, तुमय पता हो। ... और तातारीय भाषायादो मनुथ एक देशक पन्तर्गत (मो .) स्वरलाल, निहाल । मो।.. | १ चित्र, पोपता, दी। . . भारत माह मझे बिमार उच पोर निज सनावर तू (मो .) तू साहाते तुर खत् । वामद, प्रदेशी लेबर भूटान तक गाजासूरानो भाषा (प. एक प्रकारका बाजा, तुरही, सिंचा। हिमालय ) प्रचलित है . पवम् बाहि पूर्व सूर्य सड (स.पु.) तूस व बाथर्मक सपदीपीको उत्तरदेशीय भाषा , पासामकी मिचिर] एक प्रकारचा बाजार जातिवी भाषा और बोडो काहाड़ी, कुकी, नागा, गोड पूर्व जीव (सं.वि.) तूर्व पाजोषः जोबिया यस । प्रति पूर्व-बासकी पसभ्य जातियों को भावा बोल (Murloian ) बाबबवसायो, जो बाजा बजावर मुला, सबाल भूमिज प्रकृति पश्चिम बङ्गालको सभ्यपणी जोषिका निर्वाह करता।.. जातियोबी भाषा और छोटा नागपुरको मुखानातिकी पूर्व मथ (af) तूर्य बर्ष भयर । तखाया. भाषा लोहिलातरानी भाषाके अन्तर्गत है। तामिपीव वर्मक एव बाणा। तरानी भाषाके मध्य बेलुधिस्सामको बाहर जातिको पूर्वा (पु.) पूर्व पापा तत्। बाजो भावा, मोड़ भाषा, कमाडामठेशको तुतुब जातिको भाषा, वाप विषयमे बिचा देता। • कर्णटकी भाषा नीलगिरिको तोड़ा जातिको भाषा, सिवा पूर्व ( मो.) तुप एक पूर्वाणे हीच । पिा, की मलयालम भाषा, तामिल भाषा, तेलगू भावा, योता, बन्दो। तामी और मम दाक मध्यवर्ती मोल, कुर, कोई बादि तयार. वि. ) पूर्व यान यस । विगामी, पौभाषा गग्मोय है। पूर्वोपपत्रके मध नियन| तेज चलनेवाला । () १ एक गमाया नाम। साबापौर साम्बालकी भाषा बहुत कुछतर- मो.) न हो। १चित्र.योता। देशोष तूगनीषासे मिलती जुलतो । पसिधाको तून (सं.को.) तूलयते पूरयति सर्व ज्यावयात्मात्य भाषा तामिल गुरूप । तुवाको माया पौरा१पावाय । २ पापनाशार अवविधष, भूतका व्याकरण पविल तुरानीय भाषाके समान है। पकमातून, पर्याय-तूद, अमाहा मान, पूजा, पानी (फा वि. ) तूरान सम्बन्धी तरान देशवा।। मादार, सुपुष्प, मुरूप, गोलान्तक, कामुक, विप्रवाह. . तुग मसी० ) तर सदाकारः पुष्पादौ पस्वासति मदसार। गुष-मार, मन्स, हाहनामक, बलकारक तर-पाच गरा डोष । धुस्त र वृष, धतूरका पेड़। बवाय और बफमाधक। देणे। तूई (मो .) त्वर भाव व पर्व बड़भाव तत जट. | (पु.) कपास, महार. सेमर पादिक डोक भीतर. निष्ठा तस न । (ज्वरत्वरेति । पा६।१२० इति।) कट. ( रदाभ्य निष्ठा त इति । पा ८।२। ४२ इति ) तस्य । | का पूया। पर्याय-पितु, पितुक मितुम और १ यौन, जम्दी, तुरन्त । २ वराया, जिसमें तेजो हो । तूर्षक(म..) सुबतके पनुसार एक प्रकारका |तून ( पु.) १ सती कपड़ा जोपटकौले साल क. वापस जिसे त्वरितक कहते है। का होता है। महरा वासरा। तर्णय (सतो.) सूर्ण मनुते पच पम् । सदक, चूनपा (संजी.) तूर खावातूल, कपाम । .पा . - - ... तबकामुक (सी .) तूलाब तूलकोटमायबाक. Vol. Ix.19