पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/७४७

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७३५ .. दिमाशो- मद्राज पन्तर्गत गुन्दुर विमा पक रासी .) मधम रच, कवचन, मकारक तालुकाया था. १५४५ मे १६२४..बोर देशा० सर्वमाम । ०११ मे ८.५४ के मध्य कणा भदौको बाएं वरि-१ चावक कोहाट जितेको एकतासोल। यह हिमा अवस्थित है। भूपरिमागः ६४४ वर्ग मील और पा० १२४ ७ . पोर देशा० २५ लोकसंस्था प्रायः २८८१२७ ।।समें कुल १५० ग्राम में पवलित है। भूपरिमाण १५ वर्ग मील लगीराजसप्रायः १५७५...)२० काराणा पोरगोकसंस्था प्रायः रस हुन पाम नदोसे जानार बाटो गई है, उसोसे जलया काम लगी। तस्योलको पाय लगभग ८५. को पाता है। या तालुक उस प्रान्तमें भबसे बड़ा।। यहां युवप्रिय सहक जातिका वाम उन सहर २ उतालुकका एक शार। यह पचा• १५१५ ग्वाजा महमदबाने हटिश गवर्मेटको विसो महान उ. और दया. ८०पूमे अवस्थित है। लोकसंसा समायता पगार यो, मो पर गवने को तेरि १.२०४ -कोष्ट-रेलवे (East Coast Railway) सोल आगोरके तौर पर दे दो। . के बल जानी यह हर दिनों दिन बहुत तरको कर २. समतामोलका एक सदर । यह पचा. रहाका मन्दिर बहुत प्राचीन है और उसमें उ.पौर देवा. १७ में पखित ।। वा प्रायः बहुतसी शिलालिपियो । सो कारमें विजयनगरके सारे मात बार' मनुचोका वाम। जामोरवारका राजा माणदेव सभा-कवि गर्मपति रामलिङ्गमका या प्रासाद पसौं नगरौ । सो सिमाया और भी बहुत हुमा था। .. मो मसनिः तथा सुन्दर पहालिमायानगरके बोच तेन्द्रखेडा-मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिलेका एक नगर। बाजार, पायनिवास, बाना, विद्यामय पोर पोवधालय यह पक्षा. २३१.७० पोर देखा. ७८५०पू० गादर. . . बाड़ा रेल-स्टेशनसे ११ कोस दूर पस्थित है। इस तेरितोई-कोहाट जिलेकी एक नदी । मोर दोहे नगरसे एक कोसको दुरो पर लोहेको स्थान । छोटे स्रोत निकल कर तिरिमनरसे ५ कोस दूर तम (स• पु०) तिम-धम् । पार्दोभाव, पाता, गीला- एक दूसरेसे मिल गये है। उसो जगंज या नदो नरितो पन। नाम धारण कर पूर्व को पोर बहती मिनदोम का तमन (स'• को०) तिम-त्य ट्। । पार्टीकरण, गोला- गिरो है। जिन पहाड़ोसे या नदी बहती है, प्राय: उनसे करनेको त्रिया । २ व्यसन, पका हुमा भोजन। समीप नमकको सान । तमनी ( स. खो० ) तमन-डोप । पुलोभेद, चना। हरिदाल-मांगल नामक दक्षिण-पहाराहायक पन्त- तेमक.( पु.) दूका बच पावन सका पेड़। गत एक नगर। यह पक्षा० १६०० और शा. तेरज ( पु.) खतियोनौका गोमवारा। ७५ पू. गणा नदीके दाहिने किनारे पवखित ।। तेरस (स्त्रिो०) बयोदयो, किसो पत्रको तेरहवीं लोकसंस्था प्रायः ६१२५ ।। पूर्व समबमें यार तिथि। . .. चारों पोर दीवारसे घिरा था। अब भो दुर्म के प्राचारका तेरस (Eि.वि.) १ जो गिनती में दधसे तोन अधिक भग्नावशेष देखने पाता है। यह शहर माविषका केन्द्र हो। ( पु० ) १.वर संस्था जो दश पोर तोनी योगले यो साड़ो धोती पौर पच्छे पई बमल तैयार बनी हो। होते हैं। यहांक ११८७१ में बने हुए प्रभुलामी तेरहवां ( वि.) जो कामसे तेरह खाम पर पड़े। : और,भगवान नेमनाथ खामोकं जनमन्दिर बहुत प्रसित तेरही (हि.सी.) विमो मनुषको मत्युक हिनसे तेरपयौं । यस विद्यालय और चिकित्सालय भी ।। । far | समें पिसदान और प्राममोजन करके दाह तेवन्धर-१ मध्यभारत के रेवा राज्यको एक तहसील । कामेवाचा घोर बात पर सोमवावा लापमा २४ र २५११० तथा देया. ६१