पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/७८

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अनमनना-हराना २ प्रयुत्ता होना, ठहरना, जमना। ४ उधत होना । चा भाग खाली नसो, मीतर मला जिसको मुस्तैद होना। बुनावट बहुत धनी हो, गाठा, गफार ४ हड़, मजब त। ठममनना (हि. कि. ) उनमनना देखो। ५ गुरु, भारी। निस्त्रिाय, सुस्त महर। जो कुछ ठनाका (Eि Y० ) ठनकार, ठनठन शब्द । खोटा होने के कारण ठीक पावाज न दे। सम्पब, टनाठन (रि कि० ) झनकारके साथ । धनाव्य । ८ लपण, कजुस । १० हठी, जिदी। ठपना (हि. कि० ) १प्रारम्भ करमा, छेड़ना । २ ममाल | उसक (हि'• स्त्री०) १ अभिमानपूर्ण चेष्टा, नखग। करना, अच्छी तरहसे करना। ३ निश्चित करना, पका ! २ दर्प, गुमान, शान।। करना। ४ प्रयुक्त करना, लगामा, नियोजित करना। ५. उसकदार (हि. वि. ) १ घमण्डी, शान करनेवाला। ठनना । । मनमें दृढ़ होना। ७ स्थापित करना २ जिसमें सूच सड़क भड़क हो। ठहराना। ८ स्थित होना, जमना। ८ लगना, प्रयुक्ता ठसका (हिं० पु.) १ सूखी खाँसो। २ ठोकर, धक्का । होना। ठसाठस (हि• क्रि०-वि• ) अच्छी तरहसे परिपूर्ण ठप्पा (हिं० पु०) १ लकड़ी धातु मट्टो आदिका खण्ड । रस | किया हुघा, खून कस कर भर। हुमा, खचाखच । पर किसी प्रकारको पालति इस प्रकार खुदी रहती है | उस्मा (हि.पु.) १ छोटी रुखानी जो मक्काशी बनाम- कि उसे किमी वस्तु पर रख कर दबानेसे दूसरी वस्तु पर के काममें पाती है। २ गवं पूर्ण चेष्टा, नखरा। ३ भी बहो पातति बन जाती है, साँचा। २ छापा। ३ | महहार, घमण्ड, शाम, गुमान। ४ ठाट बाट, वह वह मांचा जिससे गोटे पड़े पर बल बूटे उभारे जाते हैं। जिसमें सड़क भड़क हो। ५ मुद्रा, पासन । ४ छाप, मकृण। ५ एक प्रकारका घोड़ा मकापोदार ठहक (हि स्त्री०) मगार बजनका शब्द। गोटा। ठहरा (हि.क्रि.) घोडौंका बोलना। २ घण्टं का ठमक (हि. स्त्री०) १ नकावट । २ चलनेमें हाव | बजना, उनठनाना। भाव, लचक । ठहर (हि.पु.) १ ठौर, स्थान, जगह । ३ वह स्थान जो ठमकना हि कि.)१ चलते चलते रुक जाना । २ रसोईके लिये महोमे लोपा गया हो, चौका। ३ रोई लचकके साथ चलना। घरमें महीकी लिपाई, पोताई। ठमकाना (हि० कि०) ठहराना, रोकना। ठहरना (हिं. क्रि०) १ गतिमें न होना, रुकना, ठमकारना (हिं. कि. ) ठमकाना। घमना। २ विश्राम करना, कुछ काल तकके लिये ठरना (हि क्रि०) १ अत्यन्त शोत लगनेसे ठिठुरना। पाराम वरना। ३ खित रहना, इधर उधर होना । ४ २ अत्यन्त ठण्ड पड़ना । खिर रहना, टिका रहना। ५ बहुत दिन तक रहना, ठरा हिं० पु.) १ मोटा सूत । २ वह बड़ी ईट जो पच्छो जल्दी खराब न होना, चलना। ६ सुन्ध जलको खिर सरह पकी न हो। ३ महुवेको निशष्ट शराब । ४ होने देना, पानी पादिका हिलना डोलना बंद करना, अगियाका बन्द, सनी। ५ एक प्रकारका जूता । ६ भहा थिराना । ७ प्रतीक्षा करना, पासरा देखना । ८ रुकना, पोर बेडौल मोती। थमना। निश्चित होना, पका होना, तै पाना। टरौं (हि. स्त्री.) १ धानक बोज जिनके अंकुर उठे | ठहराई ( बी०) खिर करनेकी क्रिया । २ खिर हुए न हो। २ बिना पंकुर उठे हुए धामको बोपाई। करानकी मजदूरौ। ३ अधिकार, कमा। ठवनि (हि. स्त्रो०) एक स्थिति, बैठक। २ मुद्रा ठहराज (M• वि.)। नियत समय पहले नष्ट नहीं पासन। होना, हरनेवाला। २८, मजबूत, टिकाऊ। ठवर (हि.पु.) गैर देखो। गरामा (हि.नि.)गति बद करना, समेसे उस (हिं० वि०) कठिन, ठोस, कड़ा। जिसके भीतर | रोकना। २ विधाम वरना. टिकानाटिकामा