पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/१२०

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


फैजपुर-फानाबाद फैजपुर --बम्बई प्रदेशके खान्देश जिलेका एक नगर । यह, जित और निहत हुए थे । कन्नोज-युद्धके बाद यहां मुसल- अक्षा० २.१० उ० और देशा० ७५.५२ पू० धूलिमासे मानी-शासन प्रतिष्ठित हुआ। १८वीं शताब्दीके प्रथम ७२ मील उत्तर-पूर्वमें अवस्थित है। जनसंग्च्या दश भागमें अयोध्यासे राजधानी उठा कर फैजाबाद लाई हजारसे ऊपर है। सूती कपड़े की छींट तथा नील और ; गई। १७६६ ई०में अयोध्याके शासनकर्त्ता सुजाउद्दौला लाल रंग प्रस्तुत होनेके कारण यह स्थान प्रसिद्ध है। ने यहां चिरस्थायी वासका बन्दोवस्त किया। उनकी प्रायः ३०० घर इसी काममे अपना गुजारा चलाते हैं। मृत्युके बाद ( १७८० ई० में ) राजधानी लखनऊ नगर नगरमें गई और काठको भी अच्छी बिक्री होती है। यहां लाई गई । अनन्तर १८५७ ई०का गदर ही यहांका प्रधान- कुल मिला कर पांच स्कूल हैं। तम तिहासिक घटना है। सिपाही विद्रोह देखो। फैजाबाद १ युक्तप्रदेशके अयोध्या प्रदेशके अन्तर्गत एक इस जिले में है शहर और २६६१ प्राम लगते हैं। विभाग। यह अक्षा० २५ ३४ से २८ २४ उ० ! जनसंख्या दश लाखसे ज्यादा है । सैकड़े पीछे १० हिन्दू और देशा० ८०.५६ से ८३.८ पू०के मध्य अवस्थित . और १० मुसलमान हैं । फैजाबाद, अकबरपुर, बीकापुर, है। भूपरिमाण १२११३ और जनसंख्या सात लाखके ' और टएडा नामकी इसमें चार तहसील लगती हैं। लगभग है। इसमें फैजाबाद, गोएडा और वहराइच: यहां धानकी अच्छी फसल लगती है और यही जिले नामक तीन जिले लगते हैं। भरका प्रधान खाद्य है। धानके अलावा चना, गेहूं, ____२ उक्त विभागका एक जिला । यह अक्षा० २६ से मटर, मसूर, जौ, अरहर, कोदों भी उपजता है। अनाज २०० और देशा ४१ से ३ ०के मध्य (खास कर चावल ), चीनी, कपड़े, तेलहम, अफोम, अवस्थित है। भूपरिमाण १७४० वर्ग मील है। इसके ! चमड़े, और तमाकूकी रफ्तनी तथा थान, धातु और उत्तर-पूर्व में गोगरा नदी, दक्षिण-पूर्व में आजमगढ़ और नमककी आमदनी होती है। बनारससे लखनऊ तक सुलतानपुर तथा पश्चिममें बरबाँकी है। जिलेकी प्रधान जानेवाली अवधरोहिलखण्ड रेलवेकी लप लाईन इसी नदी गोगरा है जो उत्तरी सोमा १५ मील तक बह गई। जिले हो कर गई है। इस जिलेको दुर्भिक्षसे कई बार है। यहां पलाशगृक्षके धने जङ्गल नजर आते हैं जिनमें : मुकाबला करना पड़ा था जिससे इसकी महती क्षति नोलगाय वहुतायतसे पाई जाती है। पलाशवृक्षके सिवा हुई थी। यों तो कई बार दुर्भिक्ष पड़े हैं, पर १८७८के आम्रकानन भी अनेक हैं। दुर्भिक्षने भयङ्कर रूप धारण किया था। लिपटी कमिश्नर इस जिलेका पुरावृत्त अयोध्याके इतिहासके साथ इण्डियन सिभिलसर्विसके एक या दो सदस्य और चार मिला हुआ है। अयोध्या मोर श्रावस्ती देखो । रामचन्द्र डिपटी कलेक्टरकी सहायतासे राजकार्य चलाते हैं। और उनके वंशधरोंके शासनके बाद हम बौद्धधर्म का इस जिलेके अधिकांश मनुष्य विद्याशिक्षासे वञ्चित पूर्णप्रभाव और अवनति देखते हैं। उज्जयिनीराज । हैं। सैकड़े पीछे ४ मनुष्य पढ़े लिखे मिलते हैं। फिल- विक्रमादित्यके समय ब्राह्मण्यधर्म का पुनः आविर्भाव हाल यहां ३० प्राइमरी और सेकेण्डी स्कूल, ३ सरकारी देखा गया। पीछे दोनों मतावलम्बी राजाओंका संघर्ष तथा १०० म्युनिसिपल स्कूल हैं। स्कूलके अलावा हुआ और ८वीं शताब्दीमें हिन्दुधर्म का फिरसे प्रभाव ११ अस्पताल हैं। जिले भरमें दो म्युनिसिपलिटियां जमा। किन्तु उक्त, समयका कोई धारावाहिक इतिहास । हैं, एक फैजाबादमें और दूसरी टण्डामें । बहवा बहुत अच्छी है। नहीं मिलता। ११वीं शताब्दीमें मुसलमानी आक्रमणसे हो यहांका प्रकृत इतिहास लिपिषद्ध किया जाता है। २ उक्त जिलेकी एक तहसील। यह अक्षा० २६ ३२ से २६५० और देशा० ८१४८ से ८२२६° पू०के १०३० ईमें सुलताम् महमूदके सेनानायक सैयदसलार : मध्य अवस्थित है । क्षेत्रफल ३७१ वर्गमील और जन- मसाउदने अयोध्या आक्रमणकालमें फैजावादको लूटा संख्या साढ़े तीन लाखके करोष है। इसमें ४ शहर था। उस युद्ध में सैयदसलार राजपूतोंके हाथसे परा- . और ४४६ ग्राम लगते हैं।