पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/१२९

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फ्रान्स १२३ आदि ले कर फरासो राज्य १३१ विभागोंमें परिणत हुआ। चेम्बर आव डिपुटीमें ५३२ सदस्य और सेनेटमें ३०० विख्यात जर्मन-युद्धके बाद अन्तमें फरासी लोग राज्यके सदस्य निर्वाचित हुआ करते है । ३६२ जिलोंसे सिपुटी कुछ अंश खो बैठे। अनन्तर फरासी राज्य ८६ विभागों- सभाके सदस्य और उपनिवेशी तथा डिपार्टमेण्टोंसे में ३६२ जिलोंमें ( 1rrontlissciments ) और क्रमशः सेनेटके सभ्य निर्वाचित होते हैं। २५ वर्ष के उमरवाले ३५६८६ उपविभागों ( कमिउन ) में विभक हुआ था। फरासी डिपुटी और ४२ वर्षवाले सेनेटर होनेके योग्य जो सब प्राचीन प्रदेश फरासी इतिहासमें वर्णित हुग हैं : हैं। सेनेट और डिपुटी सभाके प्रेसिडेण्ट भोट द्वारा उनकी एक तालिका नीचे देते हैं। हो चने जाते हैं। १८७२ ईमें राजकार्य चलानेके लिये प्रदेश । डिपार्टमेण्टसंख्या। प्रदेश। डिशर्टमेण्टसंख्या। एक और मभा: Couseil i'litat) स्थापित हुई। आलसस गैसकनि जातीय महासमिति ( The national Assemblr ) १८७१ ईमें २। गिनि जमनीके हाथ इले-डि-फ्रान्म और प्रजातन्त्रके प्रतिनिधि द्वारा ही उसके सभ्य नियुक्त आया। लाङ्गोयेडक ८। होते हैं। विचारविभागके प्रधान मन्त्री (मिनिष्टर आञ्ज मय और औनिस २। लिभोसे आव जष्टिस : inic cles Sccaus ) उस सभाके आजु १। लोरेन सभापतिका पद पानेके योग्य हैं। एतद्भिन्न प्रजातन्त्रके आटोंई १ १८७१ ईमें जर्मनीक४। आभिग्नो १। हाथ आया। एक सहकारी सभापति ( Vice Presiklent ) और ३ भाभाणे १। ल्युने विभागीय सभापति ( Sectional President ) हैं। वाणे और नाभारे । मेन ___ धर्म ।-राजकीय निमानुसार सभी धर्म समान २। मार्क भावमें रक्षणीय और पालनीय है। किन्तु सिर्फ रोमन वोाने १। निभाणे कैथलिक और प्रोटेटण्ट खटान नथा यहूदीगण ही राज- बागयने वा वरगण्डी । नार्मण्डी कीय वृत्ति पाते हैं। यहां सैकड़े पीछे १८ रोमन कैथ ब्रिटिनी ५। ओर्लिने लिक और बाकी प्रोटेटण्ट स्वष्टान हैं। कैथलिक धर्मके स्याम्पेन ४। पिकाडी प्रतिष्ठाकालसे यहां ८६ पिलेट, १७ आर्कविशप और ६६ कोमटेडिफई १। पोइटू विशप नियुक्त हैं। लुथारण सम्प्रदायके कार्यको देख- डफ्ने ३। प्रभेन्स रेख करनेके लिये ( General consistory ) सभा और फण्डर ३। रोसिलो १।। कैलभिनिष्टकी स्वतन्त्र सभा पारीनगरमें प्रतिष्ठित है। झाम्सेकोप्टे ३। सेण्टाङ्ग विक्षाविभाग। फ्रान्सकी शिक्षा-प्रणाली बिलकुल उक्त प्रदेशोके मध्य राजधानी पारी (Paris ) और स्वतन्त्र है । गवर्मे एट ही शिक्षा-विषयमें विशेष पक्षपाती लियम्स, मार्साएल, वोर्दो, लीले, हलो, नाण्ट और रावेन हैं। जिससे प्रजामण्डलीके मध्य शिक्षाका विस्तार हो. भादि महानगरीमें लाखसे अधिक लोगोंका वास है। इसके लिये शिक्षाविभागके एक मन्त्री ( Minister of शासमविधि । -फरासी राज्यमें अभी प्रजातन्त्र विद्य-: Instruction ) नियुक्त रहते हैं। यहां धर्मतत्त्व, व्यव- मान है। सबकी सम्मतिसे नियुक्त प्रेसिडेण्ट हो यहांके हारशास्त्र, आयुर्वेद, विज्ञान, नौयुद्ध, युद्धविधा और सर्वमय कर्ता हैं। राज्यशासनभार उन्हींके हाथ है, किन्तु शिल्पविद्या पढ़नेके लिये स्वतन्त्र राजकीय विश्वविद्या- सात वर्षसे अधिक वे आसन ग्रहण नहीं कर सकते। लय प्रतिष्ठित हैं। राजकोषसे उनका खर्च दिया जाता राजविधि-संस्कारके लिये यहां चेम्बर आव डेपुटिज और ' है। सेनेट नामक दो सभा स्थापित हैं। ये ही लोग राज्यके वाणिज्य । -घड़ी, जवाहरातके अलङ्कार, युद्धास्त्र, आईनका सङ्कलन और संस्कार कर सकते हैं। जनताकी काष्ठका शिल्प, यान निर्माण, मट्टी, कांच और क्रिष्टलका सम्मति के अनुसार इस सभाके सदस्य नियुक्त होते हैं। परतन, संगीतयन्त्र, पित्तलपुतली, रासायनिक द्रव्य,