पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/१५६

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१५ बटना-पटोर तार। ३ चिपटे आकारको बड़ी गोल घुडी । यह घुडी बटु ( स० पु० ) ३८ देखो। कोट, कुरते, अंगे आदिमें टंकी रहती है और इसे बटुआ (हिं० पु०) बटुवा देखो। छेदमें डाल देनेसे खुली जगह बंद हो जाती है तथा बटुक (सपु०) वटुक देखो। कपड़ा वदनको पूरी तरहसे ढक लेता है। बटुरना (हिं० कि० ) १ सिमटना, फैला हुआ न रहना। बटना ( हिं० क्रि० ) १ कई तंतुओं तागों या तारोंको एक २ एकत्र होना, इकट्ठा होना । साथ मिला कर इस प्रकार ऐठना या घुमाना कि वे सब बटुर (हिं॰ स्त्री० ) एक कदन्न, खेसारी । मिल कर एक हो जाय । २ मिल पर रख कर पीसा बटुला ( हिं० पु० ) बड़ी बटलोई । आना, पिसना। बटुवा (हिंपु०) १एक प्रकारकी कपडे या चमडे की बटना (हि.पु.)। रस्मी बटनेका औजार। २ सरसों गोल थैली। इसके भीतर कई खाने होते है और मुंह चिरौंजी आदिका लेप जो शरीरको मैल छुड़ानेके लिये पर डोरे पिरोए रहते हैं जिन्हें खींचनेसे मुंह खुलता मला जाता है, उवटन । और बंद होता है। लोग इसे सफरमें साथ रखते हैं, बटपार ( हि पु० ) बटमार देखो। क्योंकि इसके भीतर बहुतसी फुटकर चीजें भा जाती बटपारी (हि. स्त्री० ) बटमारका काम, उकैती, ठगी। हैं। बटम ( हि पु० ) पत्थर गढनेवालोंका एक यन्त्र जिससे बटेर (हिं॰ स्त्री० ) भारतवर्ष से लेकर अफगानिस्तान, कोना साधते हैं, कोनिया। फारस और अरब तकमें मिलनेवाली एक छोटी चिड़िया। बटमार (हिं पु०) मार्ग में मार कर छोन लेनेवाला, साकू, यह तीतर या लवाकी तरह होती है। इसका रंग भी लुटेरा। तीतरका-सा होता है, पर यह उससे छोटी होती है। बटला ( हि पु० ) बड़ी बटलोई. देग, देगचा। लोग इसका शिकार करते हैं, क्योंकि इसका मांस बहुत वटली ( हिं० स्त्री० ) बटलोई । पुष्ट समझा जाता है। लड़ानेके लिये शौकीन लोग इसे बटलोई (हि स्त्री०) दाल, चावल आदि पकानेका चौड़े पालते भी हैं। ऋतुके अनुसार यह स्थान भी बदलती मुहका गोल बरतन, देगची। है और प्रायः झुडमें पाई जाती हैं। यह धूपमें रहना बटवाना (हिं० कि० ) बटवाना देखो। पसन्द नहीं करती, छाया हूँढती है। बटवायक ( हि पु०) चौकीदार, रास्तेमें पहरा देने- बटेरबाज ( हि पु० ) बटेर पालने या लड़ानेवाला । वाला। बटेरबाजी ( हि स्त्री० ) बटेर पालने या लड़ानेका काम । बटवार ( हि पु० ) १ राह बाटको चौकसी रखनेवाला बटेरा (हि.पु. ) कटोरा।। कम चारी, पहरेदार। २ रास्तेका कर उगाहनेवाला। वटेश्वर-युक्तप्रदेशके आगरा जिलान्तर्गत एक नगर । यह बटा (हि. पु० ) १ वत्तु लाकार वस्तु, गोला । २ पथिक, अक्षा० २६५६ उ० और देशा० ७८.३३ पू० आगरा राही। ३गेंद। ४ रोडा, ढेला। से दक्षिण-पूर्वमें अवस्थित है। जनसंख्या दो हजारसे बटाई ( हि स्त्री० ) १ षटने या ऐंठन डालनेका काम। ऊपर है। यहां प्रतिवर्ष कार्तिक संक्रान्तिमें एक बड़ा २ वटनेकी मारी। २ बटाई देखो। भारी मेला लगता है। इस समय डेढ़ दो लाख मनुष्य जमा बटाऊ ( हि पु० ) बाट चलनेवाला, बटोही, पथिक। होते हैं। बटेश्वरक्षेत्रमें उस दिन गङ्गा-स्नान महापुण्य- बटाना ( हि क्रि० । बंद हो जाना, जारी न रहना। जनक माना गया है। अलावा इसके मेलेमें ७ हजार बटाली (हि. स्त्री० ) बढायोंका एक औजार, रुखानी। घोड़े, ३ हजार ऊंट और १० हजार गायें बिकने आती हैं। बटिया (हि स्त्री०) १ गोल मटोल टुकडा, छोटा गोला। वटोई (हि.पु०) बटोही देखो। २ छोटा बट्टा, लोढ़िया। बटोर (हिपु० ) १ बहुतसे आदमियोंका इकट्ठा होना, वटी (हिंस्त्री०) १ बड़ी नामका पकवान । २ गोली। जमावड़ा। २ कूड़े करकटका देर। ३ वस्तुओंका देर