पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/१५७

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बटोरन-बड़गल १५१ जो इधर उधरसे बटोर. कर या इकट्ठा करके लगाया गया बट्ट बाज (हि. वि. ) नजरबदका खेल करनेवाला, ___ जादूगर । २ धून, चालाक । बटोरन (हिं० स्त्री०) १ वस्तुओंका ढेर जो इधर उधरसे बठिया ( हि स्त्री० ) उपलोंका ढेर, पाथे हुए सूखे कंडोका झाड़ बटोर कर लगाया गया हो। २ खेतमें पड़ा हुआ ढेर । अन्नका दाना जो बटोर कर इकट्ठा किया जाय। ३ कूड़े बढ़चना ( हि क्रि० ) वैठना। करकटका ढेर। बठूसना (हिं क्रि० ) बैठना । बटोरना ( हि क्रि०) १ इकट्ठा करना, एकत्र करना। २ बलुगा (हिं० पु० ) लंबा बल्ला जो छाजनके बीचोबीच इधर उधर पड़ी चीजोंको बिन बिन कर इकट्ठा करना, लंबाईके बल आधार रूपमें रहता है, बँडेरी। चन कर एकत्र करना । ३ समेटना, फैला न रहने देना। बगडी । हिपू० ) घोडा। ४ फैली या बिग्वरी हुई वस्तुओंको समेट कर एक स्थान बडंगू ( हि पु० ) कोङ्कण, मलावार, लावङ्कोर आदिकी पर करना। ओर होनेवाला एक जंगली पंड। इसमें से एक प्रकार बटोहिया (हिं पु. ) वटोही देखो । का तेल निकलता है। बटोही । हि पु० ) पथिक, राही। बड हि स्त्री०), प्रलाप, बकवाद। । पु०)२ वर बट्ट (हि, पु०) १ गेंद। २ गोला, बटा। ३ बाट, वटखरा। ४ बल, शिकन। गदका पेड़.। बट्टा ( हि पु० ): दलाली, दस्तूरी, डिसकाउंट। २ वड़ का ( हिं० वि० ) वाग देखो। हानि, नुकसान । ३ पत्थरका गोल टुकड़ा जो किसी बड.कुइयां ( हिं० पु० ) कच्चा कुआं। वस्तुको कृटने या पीसनेक काममें आवे. कटने या बड कौला ( हि पु० ) वरगदका फल । - बडखोहिया क्षद् जातिका हरिण । हरिण देखो। पीसनेका पत्थर, लोढ़ा । ४ पत्थर आदिका गोल टुकड। ५ कटोरा या प्याला जिसे औंधा रख कर बहगा चट्टग्रामके डेकनाफ पर्वतमालाके अन्तर्गतका छोटा पहा । वाजीगर यह दिखलाते हैं, कि उसमें कोई वस्तु आ गई , बड़गल मन्द्राजप्रदेशवासी वैष्णव सम्प्रदाय। ये लोग या उममें से कोई वस्तु निकल गई। ६ एक प्रकारकी रामात्-सम्प्रदायके अन्तभुक्त हैं। कमसे कम छः सौ वर्ष उबालो हुई सुपारी । ७ पान या जवाहिरात रखनेका गोल पहले काञ्चीपुरनिवासी तेसिकर नामक एक चैदान्तिक डिब्बा। ८ पूरे मूल्यमें वह कमी जो किसी सिक ब्राह्मण इस सम्प्रदायका प्रवर्तन कर गये। उन्होंने यह आदिको बदलने या तुड़ानेमें हो, वह अधिक द्रव्य जो प्रचार कर दिया था कि, "दाक्षिणात्यमें ब्राह्मणकलके सिक्का भुनाने या उसी सिक्के की धातु लेनेमें देना पड़े। आचार व्यवहारका संशोधन और दक्षिणापथमें आर्या- । खोटे सिक्के धातु आदिके बदलने या वेचनेमें वह कमी वर्तके सनातन शास्त्र और धम की पुनः प्रतिष्ठा करनेके जो उसके पूरे मूल्य में हो जाती है। लिये मैं जगदीश्वरसे भेजा गया है।" वट्टाखाता (हि.पु.) वह बही या लेखा जिसमें नुकसान लिखा जाय, डूबी हुई रकमका लेखा या बही। ये लोग साक्षात् विष्णुके उपासक हैं । विष्णुकी तरह विष्णु शक्तिका अस्तित्व और प्रभावशालित्व स्वीकार बट्टाढाल (हिं० वि०) इतना चौरस और चिकना कि उस पर कोई गोला लुढ़काया जाय, खूब समतल और चिकना। करते हैं। तिलकधारण इस सम्प्रदायका एक प्रधान बट्टी (हि स्त्री० ) १ छोटा बट्टा, पत्थर आदिका गोल अङ्ग है । ये लोग गमानन्दोकी तरह ऊद्ध पुण्ड के मध्य- छोटा टुकड़ा। २ समडौल कटा हुआ टुकड़ा, बडी स्थल में बिन्दु न दे कर रक्तवर्ण श्री धारण करते हैं, टिकिया। ३ कूटने पीसनेका पत्थर, लोढ़िया। किन्तु उन लोगोंकी तरह भौं के नीचे नाकके ऊपर सिंहा. बटू (हिं० पु० ) धारीदार चारखाना। २ बजरबट्ट, सन अङ्कित नहीं करते । यही तिलक ले कर इन लोगों के ताली। ३बोडा, लोबिया । साथ वहांके तिङ्गलोंका महाविवाद हो गया था। आखिर