पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/१८५

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१७६ बनासपती-बनेलीराज मारा और विहियाके मध्य इसके ऊपर रेलपथका एक थो। उक्त व्यक्तिने मुगलकी अधीनता स्वीकार कर इस पुल है। इसका संस्कृत नाम पर्णाशा है। स्थानीय लाम-धर्म ग्रहण किया था। यहां एक मसजिद है। अवस्था देखनेसे मालूम होता है, कि एक समय शोण : बनिस्बत (फा० अव्य० ) अपेक्षा, मुकाबलेमें। नदीका कुल जल इसी बनास नदीके खात हो कर बहता बनिहार (हिं० पु० ) वह आदमी जो कुछ घेतन अथवा था। महाभारत सभापर्व-वे' अध्यायमें हम लोग उपजका अश देनेके वादे पर जमीन जोतने, बोने, फसल देखते हैं, कि शोण महानद शोण और पर्णाशा महानदी आदि काटने और खेतकी रखवाली करनेके लिये रखा नामसे प्रसिद्ध था। जाय। बनासपती (हि. स्त्री) १ जड़ी, बूटी, पत्र, पुष्प इत्यादि, बनिहाल--काश्मीर राजाके अन्तर्गत एक हिमालय-गिरि- फल फूल पत्ता आदि । । सङ्कट। यह अक्षा० ३३२१ उ० और देशा० ७५ २० बनासा-१ युक्तप्रदेशके गढ़वाल राज्यान्तर्गत एक गण्ड- पू० समुद्रपृष्ठसे प्रायः ७ हजार फुट ऊँचा है। प्राम। यह अक्षा० ३०४६ उ० और देशा० ७.२७ पू० बनी ( हिं० स्त्री०) १ वनस्थली, बनका एक टुकड़ा।२ यमुना और बनासाके संगम स्थल पर यमुनाके बाएं। वाटिका, बाग । ३ एक प्रकारको कपास जो दक्षिण देशमें किनारे अवस्थित है। एक गण्डशैलके ऊपर अवस्थित उत्पन्न होती है। (पु.) ३ बनिया। रहनेके कारण इसका स्वाभाविक सौन्दर्य देखने लायक बनीनो ( हिं० स्त्री० ) वैश्य जातिकी स्त्री, बनियेकी स्त्री। है। यहाँ बहुतसे उष्ण प्रस्रवण हैं । १८१६ ई०में पर्वतका बनेठी (हिं॰ स्त्री० ) वह लबी लाठी जिसके दोनों सिरों कुछ भाग धंस जानेके कारण नगरका अर्धांश नष्ट हो पर गोल लट्ट लगे रहते हैं। इसका व्यवहार पटेवाजीके गया है। ___ अभ्यास और खेलों आदिमें होता है। २ आसाम प्रदेशके अन्तर्गत एक नदी। बनेला (हिं० पु०) एक प्रकारका रेशमका कोड़ा। वनिक (हिंपु०) वणिक देखो। बनेलोराज - नेपाल प्रान्तवत्ती भागलपुर कमिश्नरीके पूर्णिया बनिज (हिं पु०) १ व्यापार, वस्तुओंका क्रय विक्रय ।२ जिलेके अन्तर्गत चम्पानगरके एक प्रसिद्ध और प्राचीन धनी यात्री, मालदार मुसाफिर। ३ व्यापारकी वस्तु, राजवंश। इस वंशके राजा मैथिल ब्राह्मण हैं। १२वीं सौदा । शतान्दोके अन्तमें गदाधर नामक एक धार्मिक विद्वान् बनिजारा (हिं पु०) वनजारा देखो। मैथिल ब्राह्मण दरभङ्गा जिलेके बैंगनी नवादा प्राममें रहते बनिजारिन् (हि. स्त्री०) बनजारा जातिकी स्त्री। थे। उनकी विद्वता चारों ओर फैली हुई थी। उनके बनिता हि स्त्री० ) १ औरत, स्त्री। २ भार्या, पत्नी। . मुकाबलेके कोई भी पण्डित उस समय नजर नहीं आते बनिया ( हि पु०) १ व्यापार करनेवाला व्यक्ति, थे। उस समय बङ्गाल बिहारके शासक थे वादशाह वैश्य । २ आटा, दाल, चावल आदि बेचनेवाला, बलवनके छोटे लडके सुलतान नासिरुद्दीन। सुलतान मोदी। पण्डितजीको अच्छी खातिर करते थे और उन्हींके यत्नसे बनियाइन (अ.स्त्री० ) सुर्राबी बुनावटकी कुरती या पण्डितजोका आगे चल कर भाग्य चमका। कहते हैं, बडी जो शरीरसे चिपकी रहती है, गंजी। कि १३२४ ई० में जब गया सुद्दीन तुगलक तिरहुत पधारे, बनियाचड़-बङ्गालके श्रीहट्ट जिलेके हबीगञ्ज उप-विभाग- तब नासिरुद्दीनने ही पण्डितजीका उनके साथ परिचय का एक ग्राम। यह अक्षा० २४३१ उ० और देशा० : करा दिया था। गयासुद्दीनने प्रसन्न हो पण्डितजीको ६१४१०के मधा अवस्थित है। जनसंख्या तीस प्रचुर सम्पत्ति दी जिससे उनके सितारे चमक उठे। हजारके करीब है। अबदरेजा नामक किसी स्वधर्म- पण्डित गदाधर मासे नवीं पीढ़ीमें देवनन्दन माने त्यागी हिन्दूराजाने १८ वीं शताब्दीके प्रथमभागमें इस जन्मग्रहण किया। देवनन्दनके दो सुपुत्र थे। परमा- नगरको बसाया। पहले इन लोगोंकी लौर में राजधानी नन्द झा और माणिक मा । परमानन्दका शुभ-जन्म १७२०