पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/२२७

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बलविनाशन बला २२१ भाशङ्का देग्ले, तब उसी.ओ. आत्म सेनाको बढ़ावे तथा २०३६ ३० उ० तथा देशा ७२५८ ४० पू०के मध्य उन सब सेनाको पद्मव्यूहाकारमें सजा कर आप अवस्थित है। यहां शालकाष्ठका विस्तृत वाणिजा चलता बीचमें छिप कर खड़े रहें। सैन्यसंख्या थोड़ी रहनेसे है। संहतभावमें और अधिक रहनेसे विस्तृत भावमें सन्निः बलसुम ( हिं० वि० ) बलुआ, जिसमें बालू हो । घेशित करना विधेय है। (मनु ७ अ०) व्यहरचना देखो। : बलमूदन ( स० पु० ) बल तन्नामा प्रसिद्ध असुरं सूदय- बलविनाशन (स.पु० ) चलनाशक इन्द्र। तोति बल सद-ल्यु । र इन्द । इद ने इस असुरको युद्ध में बलवोर ( हि पु० ) बलवोर देखो। मारा था, इस कारण उनके वलसदन, बलारि, बलविना- बलवीर्य (सं० पु० क्ली०) १ भरतका बंशधरभेद । २ बल . शन आदि नाम पड़े हैं। २ विष्णु। और वीर्य। बलसेना ( स० स्त्री० ) सेनादल। बलव्यसन ( स० पु० ) सेनाको हराना या तितर बितर बलमोर उड़ीसा प्रदेशका एक जिला । बालेश्वर देखो। करना। बलस्थ : स० वि० ) १ बलशाली, बलवान् । २ सैन्यदल- बलव्यूह ( स० पु०) एक प्रकारको समाधि। भुक्त। बलशाली ( सवि०) बलेन शालते शाल-णिनि। बल- बलस्थिति ( स० स्त्री० ) वलानां स्थितिरवस्थान यत्र, विशिष्ट, बली, ताकतबर ।

अभिधानात् स्त्रीत्व। शिविर, छावनी ।

बलशील ( स० त्रि०) शक्तिवाला, बली।

बलहन् । सपु०) बलं सामर्थ्य हन्तीति बल हन-क्षिप् ।

बलसन-पञ्जावके अन्तर्गत एक पार्वतीय राज्य। यह १ श्लेष्मा, कफ। बल तन्नामानमसुर हन्तीति । २ अक्षा० ३०५८ से ३१७ उ० तथा देशा० ७७ २४ से . इन्द । (त्रि०) ३ बलविनाशक । ७७३५ पू०के मध्य अवस्थित है। भूपरिमाण ५१ बलहर ( स० त्रि० ) हरतोति ह्र-अच् हरः, बलस्य हरः। वर्गमील और जनसंख्या सात हजारके करीब है। यह बलनाशक। सिमलासे ३० मील पूर्वमें पड़ता है । यहांके सामन्त राणा बलहरा -एक हिन्दू राजा। ये जलन्धरके सीमान्तवी उपाधिधारी राजपूत हैं। राजाका विचार कार्या उन्होंके : कसर प्रदेशमें राजा करते थे। यहांको स्त्रियां अस्तान- द्वारा होता है, पर किसी अपराधीको प्राणदण्ड देनेमें शाह' कहलाती थी। जिस समय उमर अबदुल अजीज उन्हें पार्वतीय राजाके परिचालक अंगरेज कर्मचारीसे। खलीफा-पद पर सुशोभित थे, उस समय भी ये दोर्दण्ड- अनुमति लेनी पड़ती है। राजस्व ६०००) रु०का है। प्रतापसे राजाशासन करते थे। आखिर खलीफाके जिसमेंसे १०८० रु० वृटिशसरकारको देने पड़ते हैं । इस आदेशसे मुसाल्लमके पुत्र असू ने युद्ध करके उन्हें वशमें राजामें देवदारका एक लम्बा चौड़ा जंगल है। कर लिया था। बलसम्भव ( स० पु०) धान्यविशेष, साठो धान। बलही - मध्यप्रद शक भण्डारा जिलान्तर्गत एक शैल- बलसाने-खान्द शजिलेके पिम्पलन-उपविभागके अन्तर्गत माला। यह प्रायः ११ कोस तक फैली हुई है। एक उपविभाग। भूपरिमाण २०८ वर्ग मील है। यहां बलहीन ( स० वि० ) वलेन हीनः । १ बलशून्य । ( पु०) बहुत-सी गुहाएँ और सुरक्षित तथा सुप्राचीन मन्दिर देखे २ ग्लानि, बलहीनता। जाते हैं। • बला ( स० स्त्री० ) कार्यकारित्वेन बलमस्त्यसमाः बल- बलसार--१ बम्बई प्रदेशके सूरत जिला तर्गत एक उपवि- अश आदित्वादच्, तताप । ( Sida cordifolia ) भाग। भूपरिमाण २०८ वर्ग मील है। यहांका तिथल स्वनामख्यात क्षु पविशेष, बरियारा नामक क्षुप । संस्कृत नामक समुद्रोपकूलवती स्थान बम्बई प्रदेशमें एक अच्छा पर्याय--वाट्यालक, समगा, ओदनिका, भद्रा, भदीदनी, स्वास्थ्य निवास समझा जाता है। खरकाठिका, कल्याणिनी, भद वला, मोटा, पाटी, बलाया . २ उक्त जिलेका एक नगर और बन्दर । यह भक्षा० . शीतपाको, वाट्या, बाटी, बिमया, वाट्याली, बाटिका । बला Vol. xv.: 56