पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/२६४

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२५६ बहादुरशाह श्य-वहाली से पंजाबमें शान्ति स्थापित हो गई थी। पांच वर्ष राज्य था, इस कारण सम्राट्ने इसके प्रतिविधानके लिये सूय. करनेके बाद ७१ वर्षकी उमरमें उनकी मृत्यु हुई । ख्वाजा मल्ल जाटको भेजा और साथ ही उनसे राज्य-सम्पत्ति कुतुबउद्दीनकी कनके पास इनका दफन किया गया, जो छीन लेनेका आदेश दिया। १७५७ ६०में जाट-राजाने "खुलद मअिल" के नामसे प्रसिद्ध है। इनके चार इन्हे युद्ध में परास्त कर मार डाला और राज्य छोन पुलों में जहन्दार शाह पितृसिंहासनके अधिकारी हुए थे। लिया। सुजनचरितकाव्यमें इसका विस्तृत विवरण बहादुरशाह श्य-दिल्लीके आखिरी मुगल वादशाह। लिखा है। इनका पूरा नाम-अबुल मुज़फ्फर सिराज उद्दीन मह- बहादुरशाह-अहमदाबादके अन्तिम मुसलमान राजा । म्मद बहादुरशाह है। श्य अकबरशाहको मृत्युके बाद १६०७ ईमें इन्होंने मुगलोंसे सूरतको छीन लेनेका प्रयल १८३७ ई० में ये पितृ-सिंहासन पर बैठे थे। इनकी माता- किया था, परन्तु मुगल-सेनाने इन्हें परास्त कर दिया । का नाम था लालबाई। १७७५ ई० में इनका जन्म इन्हीं के अधिकारकालमें अगरेजों को अहमदाबादमें हुआ था। बाणिज्य करनेकी आज्ञा दी गई थी। दाक्षिणात्यमें महाराष्ट्र-शक्तिके अभ्युत्थानसे मुगलों- बहाना (हिं० कि० ) १ प्रवाहित करना, द्रव पदार्थोको का बल दिन पर दिन घट रहा था। वहादुरशाह महा निम्नतलकी ओर छोड़ना। २ प्रवाहके साथ छोड़ना। राष्ट्रोंके हाथमें गुडा बने हुए थे। कवियोंमें कायरताका | ३ सस्ता बेचना। ४ फेकना, डालना। ५ घायु संचा- भाव रहता ही है। ये भी फारसीके एक अद्वितीय लित करना, हवा चलाना। ६ व्यर्थ व्यय करना, खोना। विद्वान थे। उर्दू कविता लिखनेके कारण विद्वत्समाज ७ ढालना, लुढ़ाना। द्वारा इन्हें 'जाफर" की उपाधि मिली थी। इनके बहाना ( फा० पु०) १ किसी बातसे बचने या कोई मत- बनाये हुए "दोवन" बहुत मिलते हैं। कवित्वरसमें लब निकालनेके लिये अपने संबंधमें कोई झूठ बात ड्वे रहनेके कारण ये राजकीय प्रायः सभी कार्य भूल कहना. होला ।२ प्रसङ. निमित्त । ३ वह बात जिसकी जाया करते थे । सन् ५७के गदर में सहयोगिताके सिवा ओटमें असल बात छिपाई जाय। इनके जीवनमें विशेष कोई युद्ध-विग्रहका उल्लेख नहीं बहार (फा० स्त्री० ) १ वसन्त ऋतु, फूलोंके खिलनेका मिलता। १८५७ ई०के सिपाही-युद्धमें इन्होंने नेतृत्व मौसिम । २ नारंगीका फूल। ३ एक रागिनी। ४ प्रहण किया था। १८५८ ई०में, जब कि गदर शान्त हो प्रफुल्लता, विकाश । ५ आनन्द, मौज । ६ शोभा, खुका था, ये कैद कर लाये गये। पश्चात् यहांसे भेगेरा सौन्दर्य। ७ यौवनका विकास, जवानीका रंग। ( II. M. S. Megeria ) जहाजमें बिठा कर सपरिवार बहारगुर्जरी ( फा० स्त्री० ) सम्पूर्ण जातिकी एक रागिनी रंगून पहुचाये गये और वहां नज़रबंद रखे गये। अपने | जिसमें सब शुद्ध स्वर लगते हैं। भरण-पोषणके लिये ये अंग्रेजोंसे मासिक १ लाख रुपये बहारनशाख (फा०पू०) मकाम रागका पुत्र, एक राग। पाते थे। बस, यहीं से भारतमें तैमूर-वंशका राज्य बहारना (हि० कि०) बुहारना देखो। लोप हुआ। इनके पुत्र मिर्जा मुगल और मिर्जा ख्वाजा ना मुगल आर मिजा ख्वाजा बहारागढ़--बिहारके सिंहभूम जिलान्तर्गत एक प्रधात सुलतान तथा पौत्र मिर्जा आवू बकर विद्रोहमें शामिल बाणिज्य स्थान। यह अक्षा० २२१६ १६ उ० तथा पाये जानेके कारण अङ्गारेजों द्वारा पकड़े और मारे गये। देशा० ८६४५३० पू०के मध्य अवस्थित है। विद्रोहके बख्त बहादुरशाहने अपने नामसे सिक्के बहारी (हि० स्त्री०) बुहारी देखो। . चलाये थे। बहाल (फा०वि०) १ पूर्ववत् स्थित, ज्यों का त्यों । २ बहादुर सिंह राव-अन्तर्वेदीय गुर्जर-चंशीय एक राजपूत स्वस्थ, भला चंगा। ३ प्रसन्न, खुशहाल । राजा। घसेरा और कोयल प्रदेश इनके अधिकारमें था। बहाली (फा० स्त्री० ) १ पुनर्नियुक्ति, फिर उसी जगह इन्होंने बिना दोषके नवाब सफदर जङ्गका उच्छेद किया। पर मकररी। २ धोखा देनेवाली बात, झांसा पट्टी।