पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/३११

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बात-बादर ३०५ संस्कृत-स्तव पाठ करते थे उन्हें सुन कर ही ये मुखस्थ वातप ( हिं० पु० ) हिरन । बातफरोश ( हिं० पु० ) १ वात बनानेवाला, पात गढ़ने- परिचय पा कर एक दिन इनके पिताने कहा, 'भविष्यमें पाला। २ झूठमूठ इधर उधरकी बात कहनेवाला। बाणू भी एक पण्डित होगा।' उनकी उक्ति मिथ्या न हुई। बातर ( हिं० पु० ) पंजाबमें धान बोनेका एक ढंग। थोड़ी ही उमरमें ये सब शास्त्रोंमें पण्डित हो गये। इनको वातलारोग (हिं० पु० ) एक योनिरोग जिसमें सुई चुभने- बनाई हुई सुललित और पाण्डित्यपूर्ण अनेक कविताएं कोसी पीड़ा होती है। प्रचलित हैं। पहले ये नवद्वीपाधिपति महाराज कृष्ण- बातिङ्गन (सं० पु०) बान्की, बगन । चन्द्र के सभा-पण्डित थे। पीछे कलकत्ते आ कर इन्हों- बाती (हिं० स्त्री० १ लम्बी सलाईके आकारमें बटी हुई ने महाराज नवकृष्णकी सभा उज्ज्वल की। बडे, लाट रुई या कपड़ा। २ कपड़े या रुईको चट कर बनाई हुई वारेन हेष्टिंसने जिन सब पण्डितोंको सहायतासे 'विवादा- सलाई जो तेलमें डुबा कर दिया जलाने के काममें आती र्णवसेतु' नामक बृहत् धर्मशास्त्रसंग्रह प्रकाशित किया है, बत्ती। ३ वह लकड़ी जो पानके खेतके ऊपर बिछा था, उनमेंसे बाणेश्वर एक थे। कर छप्पर छाते हैं। बात (हिं० स्त्री० ) १ वाणी, पचन । २ प्रचलित प्रसंग, बातुल ( हिं० पु०) पागल, बौड़हा। . फैली हुई चर्चा। ३ प्रसङ्ग, चर्चा, जिक्र । ४ प्राप्त | बातूनिया ( हिं० वि० ) बातूनी देखो। संयोग, घटित होनेवाली अबस्था । ५ परस्पर कथोप बातूनी (हिं० वि० ) बकवादी, बहुत बोलने या बात करने- कथन, गपशप। ६ संदेश, संदेसा। ७ व्यवस्था, | वाला। हाल, माजरा। ८ झूठ या बनावटी कथन, मिस, बहाना। बाथू (हिं० पु०) बथुआ नामका साग। ६ कोई मामला ते करनेके लिये उसके सम्बन्धमें चर्चा, बाद (हिं० पु० ) १ तर्क, बहस। २ प्रतिक्षा, शत। ३ किसीके साथ कोई व्यवहार या संबंध स्थिर करनेके लिये नाना प्रकारके तक वितर्क द्वारा बातका विस्तार, भाक- परस्पर कथोपकथन । १० फंसाने या धोखा देनेके लिये झक। ४ विवाद, झगड़ा। (अव्य ) ५ नियोजन, कहे हुए शब्द या किए हुए व्यवहार । ११ अपनी हैसि- यत, योग्यता, गुण, सामर्थ्य इत्यादिके संबन्धमें कथन बाद (फा अध्य०) १ पश्चात्, पीछे । (वि०) २ अलग किया या पाक्य। १२ आदेश, उपदेश, सीख । १३ रहस्य, हुआ, छोड़ा हुआ। ३ दस्तूरी या कमीशन जो दाममैसे भेद, मर्म । १४ प्रतिज्ञा, कौल । १५ मानमर्यादा, प्रतिष्ठा। काटा जाय । ४ अतिरिक्त, सिवाय । ५ असलसे अधिक १६ विश्वास, प्रतीति । १७ कामना, इच्छा । १८ ढंग, | दाम जो व्यापारी माल पर लिख देते और दाम बताते तौर । १९ गुण या विशेषता, खूबी। २० प्रश्न, सवाल । | समय घटा देते हैं। २१ प्रशंसाका विषय, तारीफकी बात । २२ चमत्कार- | बाद (फा० पु० ) वात, हवा। पूर्ण कथन, उक्ति। २३ गूढ़ रहस्य, अभिप्राय । २४ बादकाकुल (सं० पु०) तालके मुख्य ६० भेदों से एक अभिप्राय, तात्पर्य । २५ कत्त व्य, उचित पंथ या उपाय । भेद । २६ दाम, मोल । २७ वस्तु, पदार्थ । २८ स्वभाव, गुण, वादनुमा (फा० पु० ) वायुकी दिशा सूचित करनेवाला प्रकृति । २६ सम्बन्ध, तअल्लुक। ३० आचरण, व्यव- यन्त्र, पवन-प्रकाश । हार। ३१ तत्त्व, मर्म। बादबान (फा० पु०) पाल । वातकंटक (हिं० पु० ) एक वायु रोग। बादर (सं० पु०) बदर-स्वार्थे अण् । १ कार्पासवृक्ष, कपास- बातचीत ( हिं० स्त्री०) दो या कई मनुष्योंके बीच कथोप- का पौधा। २ कार्पास सूत्र, कपासका सूत । ३ कर्पूर कथन, वार्तालाप। कपूर । ४ नैऋत्यकोणमें एक देश। (वृहत्सहिता) (नि०) पातड़ (हिं० वि०) वायुयुक्त, वायुवाला। ५ र नामक फलका, उससे उत्पन्न या उससे संबन्ध Vol. xv, 77