पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/३२२

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बाबूना-पायल बाबूना (फा० पु० ) यूरोप और फारसमें होनेवाला एक | पाय (हिं स्त्री० ) बाउली, बेहर। छोटा पौधा। यह पंजाबमें भी पाया जाता है। इसका पायक (हिं० पु०) १ कहनेवाला, बतलानेवाला । २ पढ़ने- सूखा फूल बाजारों में मिलता है और सफेद रंगका होता | वाला। ३ दूत। है। इसमें एक प्रकारकी गंध होती है और इसका स्वाद बायकाट ( पु.) १ वह व्यवस्थित बहिष्कार जो कड़वा होता है। इसके फूलको तेलमें डाल कर एक किसी व्यक्ति, दल या देश आदिको अपने अनुकूल बनाने प्रकारका तेल निकाला जाता है जिसे बाबूनेका तेल' कहते या उससे कोई काम कराने के उद्देश्यसे उसके साथ उस हैं। यह पेटकी पीड़ा, शूल और निर्बलताको दूर करता | समय तकके लिये किया जाय जब तक वह अनुकूल न है। इसका गरम काढ़ा वमन करानेके लिये दिया जाता हो जाय या मांग पूरी न करे। २ सम्बन्ध आदिका है और स्त्रियों के मासिक धर्म बंद होने पर भी उपकारी त्याग या वहिष्कार। माना जाता है। बायन (हिं० पु०) १ भेट, उपहार । २ वह मिठाई या बाभन-भूमिहार देखो। पकवान आदि जो लोग उत्सवादिके उपलक्षमें अपने इष्ट बाम (सं०त्रि०) वाम देखो। मित्रोंके यहाँ भेजते हैं। ३ मजदूरीका थोड़ा अंश जो बाम ( फा० पु० ) १ अटारी, कोठा । २ मकानके ऊपरकी किसोको कोई काम करनेकी आशा देनेके साथ ही इस छत, घरके ऊपरका सबसे ऊंचा भाग । ३ एक मान लिये दे दिया जाता है जिसमें वह समय पर काम करने जो साढ़े तीन हाथका होता है, पुरसा। आवे, और जगह न जाय । ४ मूल्यका कुछ अंश जो बाम (हिं० स्त्री०) १ एक प्रकारकी मछली। यह देखने में किसी चीजको मोल लेनेवाला उसे ले आने या पूरा दाम सांपसी पतली गोल और लंबी होती है। इसकी पीठ पर चुकानेके पहले मालिकको दे देता है जिसमें बात पक्को रहे कांटा होता है। यह खानेमें स्वादिष्ट होती और इसमें और वह दूसरेके हाथ न बेचे। बायबरंग (हि स्त्री०) बायबिडंग देखो। केवल एक ही कांटा होता है। २ खियोंका कानोंमें | बायबिडंग : हि पु०) हिमालय पर्वत, लंका और वर्मामें पहननेका एक गहना। वामा देखो। होनेवाली एक लता। इसमें छोटे छोटे मटरके बराबर वामड़ा--मध्यप्रदेशके सम्बलपुर जिलेका एक सामन्त गोल गोल फल गुच्छोंमें लगते हैं। ये फल सूखने पर राज्य । वामड़ा देखो। औषधके काममें आते हैं और देखने में कबाबचीनीकी तरह बामदेव (सं० पु०) वामदेव देखो। लगते हैं। बैद्यकमें इसका स्वाद चरपरा कड़वा लिखा बामनघाटी-उड़िसा प्रदेशके मयूरभंज राज्यके उत्तरका है और इसे रूखा गरम और हलका माना है। यह कृमि- एक विभाग। अंगरेजी अमलमें आनेके बादसे सिंहभूममें नाशक, कफ और बातको दूर करनेवाला, दीपक तथा डिपुटी कमिश्नर द्वारा इस स्थानका शासनकार्य परिचा- उदर रोग प्लीहा आदिमें लाभकारी होता है। लित होता है। पहले के प्रजा-विद्रोहके बाद घृटिश सर- वायबिल-बाइबिल देखो। कारने यहांका शासनभार छीन लिया था। पीछे १८७८ ई०में यह पुनः लौटा दिया गया। बायबी (हिं० वि० ) १ अपरिचित, अजनवी। २ नया बामनियावास -राजपूतानेके जयपुर राज्यके अन्तग त एक आया हुआ। इस देशमें जितनी विदेशीय जातियां आई वे सबकी सब प्रायः वायव्य कोण हीसे आई । अतः नगर। बायबी शब्द जो बायबीयका अपभ्रश है गैर, अक्षात, अन- धामा (सं० स्त्री) वम देखो। नबी आदि अर्थों में रूढ़ि हो गया है। बामानी--रंगपुर जिलान्तर्गत एक नगर और प्रधान बायव्य (संपु०) वायव्य देशो। वाणिज्य स्थान । बायरा (हि.पु०) कुश्तीका एक पेच । बामी (हि. स्त्री०) बांबो देखो। बायल (हिं० वि०) जो दांव खाली जाय, जो दाव किसी बाय (हिं० वि० ) १ बायां। २ खाली, चूका हुआ। को न पड़े।