पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/३८१

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


बाल्टी-बावर ३७५ है। उस ध्वंसावशेषमै प्राचीन हिन्दू-प्रभावका काई ३बालक सम्बन्धी, बालकका । ४ बालककी अवस्थासे निदर्शन नहीं मिलता । जो कुछ मिलता भी है, वह संबंध रखनेवाला, बचपनका । मुसलमानी अमल में ही स्थापित हुआ था । उसका बाल्यावस्था (सं० स्त्री० ) प्रायः सोलह सलह वर्ष तककी परिमाण प्रायः २० मील है। प्राचीन बालख नगरके पास अवस्था, लड़कपन । ही नूतन नगर बसाया गया है। नगरके तोरण द्वारसे ले बाल्वङ्गिरा ( सं० स्त्री०) श्र्वारुलता, ककड़ोकी लता। कार प्राचीन नगरकी उत्तरी सीमा तक प्रायः एक घण्टेका बाल्वज (सं० वि० ) बल्वज तृणसम्बन्धीय । रास्ता है । जब किसीको नूतन नगरमें मकान बनाने होते बाल्वजभारिक (सं० त्रि०) उलपतृण-भारवाहक । हैं तब वे पुरातन भग्नावशेषसे ईट आदि खरीदते बाल्वजिक (सं० वि०) भारभूत बाल्बजहारक । है। नूतन नगरमें आज भी कितने हिन्दू-मन्दिर देखे बालहक (सं० क्लो०) बल हिदेशे भवः बाहु बुभ । कुरुकुम, जाते हैं। आज उनमें एशियाके वणिक लोग रहते | केसर। हैं। यहाँके शासनकर्ता प्रत्येक हिन्दू और यहूदियोंसे बाल हायन (सं०नि०, बल्हे जातकं फक । १ बलिहदेशो. जजिया कर वसूल करते हैं। प्रत्येक हिन्दूको कपालमें द्भव। (क्ली०) २ हिंगु। तिलक-चिह्न लगाना पड़ता है। मध्यएशियाके लोग बाल्हि ( सं० क्ली० ) बाल खदेश । प्राचीन बाल ख नगरोको 'अम्मुद बलाद' कहते हैं। बालिहक (सं० क्ली०) बल्हि स्वार्थे ठम् । १ कुंकुम, केसर। नादिरशाहको मृत्युके बाद अहमदशाह दुराणीने २ हिंगु । ३ देशभेद । ४ उस देशके अधिवासी। ५ उस इस प्रदेशका शासनभार हाजी खां नामक किसो सेना- देशके राजा। ६ प्रतीपपुत्रभेद । पतिके हाथ सौंपा। उनके पुनके शासनकालमें बोखारा बाल्हीक ( स० पु० ) १ गन्धर्वभेद । २ वसुदेवकी पत्नी जातिके उत्साहसे वहांके प्रायः सभी अधिवासी विद्रोही रोहिणीके पिता। ३ जनमेजयके एक पुत्र । ४ प्रतीपपुत्र- हो गये। किन्तु तैमुरशाह दुराणीने दलबलके साथ भेद। ५ बालिहक देशके लोग। जा कर उनका दमन किया। तैमुरको मृत्युके बाद बाव ( सं० पु०) १ वायु, हवा। २ अपान वायु, पाद । १७६३ ई० बोखारापति शाह मुरादने इस नगरमें घेरा ३ बाई। डाला, पर वे कृतकार्य न हुए। १७६३ से १८२६ बाव (फा० पु०) जमीदारोंका एक हफ जो उनको असामी- ई. तक बालखराज्य अफगानोंके अधिकार में रहा । पाछे को कन्योके विवाहके समय मिलता है, भुरस । दो वर्ष तक कुन्दुजके अधिपति मुरादवेगने इसका बावड़ी (हिं० स्त्री०) १ वह चौड़ो और बड़ा कुंभा जिसमें शासन किया । पीछे बोखाराके अमीरने उसे छीन उतरने के लिये सीढ़ियां होती हैं, बावली। २ छोटा लिया। १८४१ ई० तक यह बोखारापतिके हाथ रहा। तालाव । अनन्तर शाहसुजाके हाथसे खुरमवासी मीरवालीके हाथ बावन (सं० पु० ) १ वामन देखो। २ पचास और दोकी आया। इस समयसे ले कर १८५०६० तक यह स्थान | संख्या या उसका सूचक अंक। (वि०) २ पचास और किसके अधिकारमें था, मालूम नहीं। जिस साल मह- दो, छब्बीसका दूना। म्मद आकाम खाँ बरकजैने इस राज्य पर माक्रमण किया बापना (हिं० वि० ) बौना देखो । उसी समयसे यह अफगान शासनभुक्त चला आ रहा | बावभक (हिं० स्त्री०) पागलपन, झक । बावर (का. पु०) विश्वास, यकीन । बाल्टी. (हि.स्त्री०) बालटी देखो । बावर (जहिरुद्दीन महम्मद )--दिल्लीके मुगल साम्राज्यके बाल्य (सं० श्ली०) बालस्य भावः कर्मधा० बाल-( पत्यन्त | प्रतिष्ठाता। इनके पिताका नाम उमर शेख मिर्जा, पितामह- पुरोहितादिभ्यो यक् । पा ५॥२१२८) इति यक् । १ बालकका का आवू सैयद मिर्जा, प्रपितामहका महम्मद मिजो, भाव, लड़कपन । २ पालक होनेकी अवस्था। (वि०)वृद्धप्रपितामहका मिराणशाह और मतिर प्रपितामहका