पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/३८३

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३७७ बाबादेव-पासवीदिशा नालाके किनारे प्राचीन ध्वंसराशिके ऊपर यह प्राम बसा प्रियतमके आनेके समय केलि-सामग्री सन्जित करे। हुआ है। हसन अबदलसे हरिपुर (हजारा जिला) जानेके बासखारी-अयोध्या प्रदेशके फैजाबाद जिलान्तर्गत एक रास्ते पर यह स्थान पड़ता है। हसन अबदल और नगर । प्रसिद्ध मुसलमान साधु मखदुम असरफने १३८८ पावतीपिण्डके मध्यवस्ती लङ्गरकोट या श्रीकोट नामक ई०में इसे बसाया। उनके वंशधर इरा नगरके सत्त्वाधि- स्थान बहुत प्राचीन है। प्रवाद है, कि श्रीकोटदर्ग कारी है। रसालूके चिरशत्रु राजा शिरकपके अधिकारमें था। बासठ ( हि० वि० ) १ साठ और दो, इकतीसका दूना। बाबादेव-अर्पणमीमांसा नामक संस्कृतग्रन्थके रचयिता (पु.)२ साठ और दोकी संख्या जो इस प्रकार लिखो बावाशास्त्री-स्वरोदय विवरणके रचयिता । जाती है-६२। बाशिंदा (फा० पु०) निवासी, रहनेवाला। बासठवाँ ( हिं० वि० ) जो क्रममें बासठके स्थान पर हो, बास्कल (सं० पु.) १ एक दैत्यका नाम । २ वीर, योद्धा। गिनतीमें बासठके स्थान पर पड़नेवाला। ३ एक उपनिषद्का नाम । ४ एक ऋषिका नाम । ५ गैग्य, बासड़ा २४ परगनेके सुन्दरवन विभागका एक गएडप्राम। चांदी। यह अक्षा० २२ २२ उ० तथा देशा० ८८३७ पू० विद्या- बाकलक (सं० वि० ) बाकल सम्बन्धीय । धरी नदीके किनारे अवस्थित है। फकीर मुवारक बाष्कलि (सं० पु० ) १ वैदिक आचार्यभेद । २ बाकल गाजीके समाधिमंदिरके लिये यह स्थान बहुत मशहूर है। प्रति वर्ष यहां एक मेला लगता है जो 'गाजीसाहबका का अपत्य। मेला' कहलाता है। प्रवाद है, कि गाजी साहबने जङ्गली बाकिह ( स० पु० ) बष्किह अपत्यार्थे अण। वष्किहका पशुओंको स्तम्भित कर दिया था। यहां तक कि बाध अपत्य। उनका वाहन बन गया था। आज भी लकड़हारे गाजी- वाष्प ( हिं० पु० ) १ भाप। वाष्प देखो। २ लोहा । ३ साहबको पूजा दिये बिना लकड़ी काटनेके लिये जङ्गल अश्रु, आंसू। ४ एक प्रकारको जड़ी। ५ गौतमबुद्धके नहीं घुसते। निकटवत्तीं प्रायः सभी ग्रामोंमें गाजी- एक शिष्यका नाम। साहबकी वेदी देखी जाती है। उस वेदोके सामने बाप्पी (सं० स्त्री०) हिंगु पत्री। लकड़हारे गाजी साहबके वंशधर फकीर द्वारा नैवेद्य बास (हि.पु०)१ रहनेकी क्रिया या भाव, निवास ।२ चढ़ाते हैं। निवासस्थान, रहनेका स्थान । ३ एक छन्दका नाम । वासदेव ( हिं० पु० ) १ अग्नि, आग । २ वासुदेव देखो। ४ वस्त्र, कपड़ा। (स्त्रो०) ५ गन्ध, महक, वू । ६ इच्छा, " बासन (हिं० पु०) वरतन, भांड़। बासना। ७ अग्नि, आग। ८ एक प्रकारका अस्त्र। बासना (हिंस्त्री०) १ इच्छा, चाह । २ गन्ध, महक। ६ तेज धारवाली छुरी, चाकू, कैची इत्यादि छोटे छोटे । ( क्रि० ) ३ सुगन्धित करना, महकाना। शस्त्र जो रणमें तोपोंमें भर कर फेके जाते हैं। बासफूल ( हिंपु०) १ एक प्रकारका धान। २इस __ (पु०) १० एक बहुत ऊँचा वृक्ष। इसको लकड़ी धानका चावल। रंगमें लाली लिए काली और इतनी मजबूत होती है, कि बासमती ( हि पु० ) १ एक प्रकारका धान। २ इस साधारण कुल्हाड़ियोंसे नहीं कर सकती । इस लकड़ोसे | धानका चाबल। यह पकने पर अच्छी सुगंध देता है। पलंगके पावे और दूसरे सजावरी सामान बनाये जाते बासर ( हिं• पु० ) १ दिन। २ प्रातःकाल, सबेरा।३ हैं। इसमें बहुत ही सुगंधित फूल लगते हैं। इसका सबेरे गानेका एक राग। गोंद कई कामोंमें आता है। पहाड़ोंमें यह पेड़ ३००० पासव (संपु०) इन्द्र। फुटको ऊँचाई तक होता है। वासवी (हिं पु०) अजुन। पासकणी (सस्त्री०) यज्ञशाला।। | मासवीदिशा (सं० पु०) पूर्व दिशा, यह इन्द्रकी दिशा पासकसजा (सस्त्री० ) वह नायिका जो अपने पति या | मानी जाती है। Vol, XV.95