पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/३९६

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


३६० बिजलीमार-बिजना आमकी गुठलीके अन्दरकी गिरी। ३ एक प्रकारका | बिजोलिया-राजपूतानेके उदयपुर राज्यका एक प्रधान आभूषण जो कानमें पहना जाता है। ४ एक प्रकारका | | शहर। यह अक्षा० २६१० उ० तथा देशा० ७५२० आभूषण जो गलेमें पहना जाता है। (वि०) ५ बहुत पू०के मध्य अवस्थित है। इसमें ८३ प्राम लगते हैं । अधिक चंचल या तेज। ६ बहुत अधिक चमकनेवाला यहांके सरदार मेवारके एक सम्भ्रान्त व्यक्ति हैं। इनकी चमकीला। उपाधि राव सवाई है। राजस्व ५७६००) रु० है जिस- बिजलोमार (हि. पु० ) आसाम और दारजिलिङ्गके मेंसे २८६० २० दरवारमें कर स्वरूप दिये जाते हैं । कहते आस पासको तराइयों में अधिकतासे होनेवाला एक हैं, कि वर्तमान सरदारके पूर्वपुरुष १६ वीं शताब्दीमें प्रकारका बड़ा वृक्ष। यह बहुत सुन्दर और छायादार बयानासे मेवार आये थे। ये लोग पोनवर राजपूत हैं। होता है। इसके होरकी लकड़ो बहुत कड़ी होती है | इस शहरका प्राचीन नाम विन्ध्यवल्ली था। यहां तीन और प्रायः सिरिसको लकड़ीको तरह काममें आती है। सित मन्दिर और पांच जैन मन्दिर हैं। आसामवाले इस वृक्ष पर एक प्रकारको लाख भी उत्पन्न बिजोहा (हिं० पु० ) केशवके अनुसार एक छन्दका नाम । बिज्जूहा देखो। बिजहन (हिं० वि० ) जिसकी रोपण शक्ति नष्ट हो गई बिजौरा ( हिं० पु०) नोधूकी जातिका एक वृक्ष। इसके हो, जिसका बीज नष्ट हो गया हो। पत्ते नीबूके पत्ते के समान, पर उससे बहुत अधिक बड़े बिजाती हिं० वि०) १ दूसरी जातिका, और जाति या तरह- होते हैं। इसके फूलोंका रंग सफेद होता है और फल का। २ जो जातिसे बहिष्कृत कर दिया गया हो, जाति बड़ी नारंगीके बराबर होते हैं। यह दो प्रकारका होता से निकाला हुआ, अजाती। है, एक खट्टे फलवाला और दूसरा मोठे फलबाला । बिजायठ (हि.पु. ) बांह पर पहननेका बाजूबंद गहना।। फलोंका छिलका बहुत मोटा होता है । इसका गुण खट्टा, बिजावर-बीदावर देखो। गरम, कण्ठशोधक, तीक्ष्ण, हलका, दीपक, रुचिकारक, बिजिपुर-मन्द्राज प्रदेशके विजागपत्तन जिलान्तर्गत एक स्वादिष्ट और त्रिदोष, तृषा, खाँसी, हिचकी आदिको दूर 'मूता' भूमि । पहले यहां नरबलि प्रचलित थी। करनेवाला माना गया है । इस वृक्षको जड़, इसके फल बिजेपुर-१ राजपूतानेके उदयपुर राज्यके अन्तर्गत एक और फलोंके बोज तीनों औषधके काममें आते हैं। नगर। यह चित्तोर नगरके पूर्ववत्ती उपत्यका देशमें बिजौरी ( हिं० स्त्री० ) उड़दकी पीठी और पेठेके मेलसे अवस्थित है। नगरके चारों ओर एक लंबा चौड़ा बांध बनी हुई बड़ी, कुम्हडौरी। है। यहांके सरदार ८१ प्रामका शासन करते हैं। बिज्जू (हिं० पु०) बिल्लीके आकार-प्रकारका एक जंगली बिजेबाघेगढ़-मध्यप्रदेशके जब्बलपुर जिलान्तर्गत एक जानवर। यह दो हाथ लंबा होता है और प्रायः जंगलों- भूमिभाग। भूपरिमाण ७५० वर्गमील है। पहले राज- में बिल खोद कर अपनी मादाके साथ उसीमें रहता है। वंशी सरदार इस प्रदेशका शासन करते थे। १८५७ दिनको वह बाहर निकल कर चूहों, मुरगियों आदिका ई०में सरदारके असद्व्यवहार पर असन्तुष्ट हो वृटिश- शिकार करता और उनको खा जाता है। कभी कभी सरकारने उनका अधिकार छीन लिया। यहां लोहेकी यह कब्रोंको खोद उनमेंसे मृत शरीरोंको निकाल कर भी एक खान है। | खा जाता है। २ उक्त भूभागका प्रधान प्राम। यहां सरदारका विज्जूहा (हिं० पु०) एक वर्णिक वृत्त। इसके प्रत्येक आवास-भवन और दुर्ग है। ! चरणमें दो रगण होते हैं। विजैसार (हिं० स्त्री०) बिजयसार देखो। विजना--१ बुन्देलखण्ड एजेन्सीके अष्टभाई जागीरों मेंसे एक विजोरा (हिं० पु० ) १ बिजौरा देखो। (वि०) २ अशक्त, छोटो जागीर। इसका भूपरिमाण २७ वर्गमील और कमजोर । । जनसंख्या डेढ़ हजारसे ऊपर है। इसके पूर्व भोर