पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/४४७

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बुद्धधर्मस-बुद्धि बुद्धधर्म सङ्घ ( स० पु०) बौवधर्म के तीन प्रधान अङ्ग बुद्धमिहिर-सिंहके पुत्र एक प्रसिद्ध वौद्ध । १४० शकमें अर्थात् बुद्ध, उनका चलाया हुआ धर्म और उनकी उत्कीर्ण उनकी शिलालिपि पाई जाती है। अनुयायी श्रवणसम्प्रदाय। बुद्धरक्षित (सं० पु. ) बुद्ध न रक्षितः। १ बुद्ध द्वारा बुद्धनन्दि ( स० पु.) अष्टम बौद्ध स्थविर। उत्तर रक्षित। २ बोद्धभिक्ष भेद । भारतमें इनका वास था। बुद्धराज (स.पु.) राजभेद । बुद्धनाथ-एक कणफटयोगी। काफट शब्द देखो। बुद्धलोकनाथ-प्रसिद्ध वौद्ध-यति । बुद्धनिर्माण-इन्द्रजालविद्या द्वारा बुद्धका मूर्तिगठन । बुद्धवचन ( स० क्ली० ) १ बौद्धसूत्र । २ बुद्धके वाक्य । बुद्धनीलकण्ठ-नेपालमें अवस्थित एक छोटा ह्रद । इसके बुद्धवन ( स० क्ली०) बुद्धन नामक पर्वतभेद। यहां उत्तर-पूर्व कोनके प्रस्रवणसे जलधारा निकलती देखी बाँसका एक बड़ा वन है। जाती है। कहते हैं, कि शङ्खधारी तीन प्रस्तरको जो बुद्धवर्म --चालुक्यवंशीय एक राजा । चालुक्यराजवंश देखो। मूर्ति हैं उन्हीं के हाथ के शंखसे वह जल हदमें गिरता बुद्धविषय ( स० पु०) बुद्धक्षेत्र । है। वह स्रोतस्विनी रुद्रमती नामसे प्रसिद्ध है। हृदके बुद्धसंगीति (सं० स्त्री०) १ बौद्ध ग्रंथभेद। २ बुद्धके मध्यभागमें जलशयन नामक विष्णु-मूर्ति प्रतिष्ठित है। सद्धर्मको रक्षाके लिये तीन बौद्ध महासभा । वौद्र देखो। सूर्यवंशीय राजा हरिदत्तवम उक्त मन्दिरकी प्रतिष्ठा कर बुद्धसिंह (सं० पु० ) असङ्ग बोधिसत्त्वके एक शिष्य। — गये हैं। बुद्धसेन (संपु०) राजकुमारभेद। बुद्धपालित ( स० पु०) नागार्जुनका शिष्यभेद । इन्होंने बुद्धस्थान -राजपूतानेके अन्तर्गत एक प्राचीन जनपद । आर्यदेव विरचित ग्रन्थादिकी टीका लिखी है। : यह जयपुरसे बैराट जानेके रास्ते पर अवस्थित है। बुद्धपिण्डी--बुद्धका स्तूप। यहां बुद्धपद आदि पाये जाते हैं। बुद्धपुर---कसाई नदी तीरवत्तीं एक प्राचीन ग्राम । यह बुद्धागम (सं० पु० ) बौद्धशास्त्र। मधुयार्दिके दूसरे किनारे अवस्थित है। यहां एक गण्ड बुद्धानुस्मृति ( स० स्त्री०) बौद्ध सूत्रभेद । शैलके ऊपर बहुतसे ध्वंसावशिष्ट मन्दिर दृष्टिगोचर होते ' बुद्धान्त (स० पु०) बुध-भावे-क्त, तस्य अन्तः परिच्छदः। हैं। यहांको लिङ्ग-मूर्ति बुद्ध श्वर नामसे प्रसिद्ध है। जीवकी अवस्थाभेद, जाप्रदवस्था। स्थानीय लोग गयापुरीके गदाधरकी तरह बुद्धपुरीके बुद्धावतारस्थान-फल्गूनदो तीरवत्ती बोधगया। यहां बुद्ध श्वरका माहात्म्य गाते हैं। शाक्यसिंह बुद्ध हुए थे। बुद्धपुराण (स० क्ली० ) १ बुद्धाविर्भावादि ज्ञापक पुराण- बुद्धि ( स० स्त्री०) बुध्यतेऽनयेति बुद्ध-क्तिन् । १ निश्च: भेद। २ लघु ललितविस्तरका नामान्तर । यात्मिका अन्तःकरणवृत्ति, वह शक्ति जिसके अनुसार बुद्धभद्र (स० पु०) एक ख्यातनामा बौद्ध। इन्होंने : मनुष्य किसी उपस्थित विषयके सम्बधमें ठीक ठीक अपने माता पिताको प्रसन्न करनेके लिये सुगतावास विचार या निर्णय करता है। पर्याय-मनीषा, घिषणा, निर्माण किया।

धी, प्रज्ञा, शेमुषी, मति, प्रेक्षा, उपलब्धि, चित्, सम्बित्,

बुद्धभूमि ( स० स्त्री०) बौद्धोंका सूत्रप्रथभेद । प्रतिपद्, शप्ति, चेतना, धारणा, प्रतिपत्ति, मेधा, मनन, बुद्धमन्त ( स० क्लो०) १ धारणी । २ बुद्धका मन। मनस, शान, बोध, हल्लेख, संख्या, प्रतिभा, आत्मजा, बुद्धमार्ग (स.पु.) १ बुद्धका अवलम्बित पंथ, बौद्ध-. पण्डा, विज्ञान । ( राजनि० शब्दरत्ना०) धर्म। २ एक बौद्ध भिक्षु । ये महाराज कुमारगुप्तके भगवद्गीतामें सात्त्विक, राजसिक और तामसिक राज्यकालमें विद्यमान थे।

इन तीन प्रकारको बुद्धिका उल्लेख है।।

बुद्धमित्र ( स० पु०) वसुबन्धुके शिष्य नवम बौद्ध सात्त्विकी बुद्धि-"प्रवृत्तिच निवृत्तिम कार्याकार्ये भयाभये । स्थविर। बन्ध मोक्षच या वेत्ति बुद्धिः सा पार्थ सात्त्विकी। Vol, XV. 111