पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/४९३

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वेचवाना-बेजा खा बचूर बेचवाना (हिं०कि.) बिकवाना देखा। था। उसकी दयाने दूसरेको उनका पक्ष अवलम्बन घेचारा (फा० वि० ) जिसका कोई साथी या अवलम्ब न करनेका पाध्य किया। यहां तक कि वह परम दयावान् हो, गरीब, दीन । योद्धा समझा जाता था। बेचाराम- कविकल्पलता-टीकाके प्रणेता। १८४४ ई०में सर चालस नेपियरने उसके पैतृक- बेवाराम न्यायालङ्कार - आनन्द-तरङ्गिणी और सिद्धान्तरि राज्य पुलाजीगढ़ पर आक्रमण करना चा । । म उद्दश- नामक ग्रन्थ-टोकाके रचयिता । अन्यकनि उस प्रन्थमें, में उन्होंने कप्तान टेटको ५०० सी अश्वाराहा और लेफ्ट- संस्कृत काव्यरत्नाकर, चैतन्यरहस्य, भैषज्यरत्नाकर और नाण्ट फिटसजो गल्डको २०० उपद्र-आराहो नाकं साथ मक अन्धोका उल्लेख किया है। पावल्यप्रदेश भेजा। उक्त दोनो अंगरज समापनिने मरु अलावा इसके सिद्धान्तमागम जग नामक उनका वनायः भूमि पार कर देखा कि वेजा माँ माजत सेनादल के हुआ एक ज्योतिग्रन्थमा मिलता। माय अंगरेजी सनाका रोकनक लिन विटा तयार है। बेचिराग ( फा. वि० ! जहा आ तक न जलता हा, अब दाना में मुठभेड हुई। टेट गान और क्षति उजड़ा हुआ। ग्रस्त हा भागे। इस समय बेजा ग्यांने वहां पर जितने बेचू–एक निम्नश्रेणीके कवि । इनका जन्म १७५० ई०मे कृप थे उन्हें मासे भरवा दिया। किन्तु अंगरेजाक हुआ था। इन्होंने भक्तिरसको कविता की है। मौभाग्य एक कृप इट गया । उस। कृपके जलसे अंग स्मृतिरत्नावलाक रायता। रसोंने अपनी जान बचाई। बेचैन ( फा०वि०) जिस किसी प्रकार चैन न पड़ता हो, . बेजाखाँक इस जयलाभसे मुसलमान लोग चारों ओर- बेकल । से बेजाके दुग; इकडे होने लगे और उन्होंने प्रकाश्य बेचैनो ( फा० स्ना० ) विकलता, घबराहट । रूपस घोषणा कर दी कि वे लाग अमरीशेर महम्पदको बेजड़ ( फा० f० ) जिसकी काई जड़ या बुनियाद न ला कर पुनः मिन्धु राज्य स्थापन करेंगे। हा, जिसके मूलमें कोई तत्त्व या सार न हो। इधर दुभको और जाकगनो जानि सीमान्त पर वजण्डला- मन्द्राज प्रदेशक कृष्णा जिले के गुण्दर तालुक- विद्रोही हो उठी। इस समय शिकारपुरक १४ ग्यक के अन्तर्गत एक प्राचीन ग्राम । यहांक गोपालस्वामोके : देशीय पदाति सेनादलमें भी विद्रोहिताका पूर्वलक्षण मन्दिर के प्रवेश-द्वार में एक प्रस्तलिपि प्रथित है। दिखाई देने लगा। यह देख मर चार्ज काय हानिका बनानेस- वम्बई प्रदशक काठियावाड़ विभागकं गोहेल आश सम्पयं १८५६०को १८वीं जनवरीको उनका वाड-प्रान्तस्थ एक छाटा सामन्त राज्य । भूपरिमाण दमन करनेक उशसं रवाना हा। विरोहिया २६ वगमोल है । यहांक सामन्त बडादाकं गायकवाड़का थोड़ ही समयके अन्दर शिकारपुरक सिपाहियों का वाषिक ३१ रुपये कर दत है। येजनानेस प्राममं हो : अच्छी तरह दण्ड दिया। कप्तान सलटरने दरिया ग्याँके सरदारका वास है। अधीनस्थ सान मी जाकरानी दस्युको परास्त किया। बेजबान ( फा० वि० ) १ जिसमें बातचीत करनेकी शक्ति ठीक उसी समय कमान येकवने बेजा बांक पत्रके अधी- न हा, मूक, गूगा। २ जो अपनी दानता या नम्रताके : नम्श जितनी सेना थी उनका उच्छेद कर डाला। कारण किसी प्रकारका विरोध न करे, दान। अगरेजोंके मित्र मरदार बुलीचाँदने इस समय बेजा ( फा० वि० ) १ जो अपने उचित स्थान पर न हो, पुलाजी-जुगैमें येजा ग्वाँको परास्त कर निजयलक्ष्मी प्राप्त बेठिकाने । २ अनुचित, नामुनासिब। ३ खराब, बुरा। की। उपयुपरि इस प्रकार के नाम युद्धोंमें हार खा कर बेजा खाँ---सिन्धुप्रदेशके एक विख्यात दस्युसरदार । यह , वेता खाँ क्रोधसे अधोर हो उठा और उक्त पर्वतके पश्चिम- जातिका मुसलमान था। दस्युवृत्ति उसके जीवनका एक ार्य की ओर चल दिया इधर मलटर उच्छेकी ओर मात्र कार्य होने पर भी, सच पूछिये तो वह निष्ठुर नहीं डटे रहे और येकव तथा बुलचाँदने फिरसे पुलाजीदुर्ग