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पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष भाग 1.djvu/१३

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अँड़ुआ बैल—अंतिओक
को उसका अण्डकोश कुचल देंगे। इसीको बधिया करना कहते हैं।
अँड़ुआ-बैल (हिं॰ पु॰) जो बैल बधिया न हो, सांड़। २ जिस मनुष्यका अण्डकोष बड़ा रहे।
अँड़ुवारी (हिं॰ स्त्री॰) एक प्रकारकी बहुत छोटी मछली।
अंडैल (हिं॰ वि॰) अण्डेवाली, जिसके पेटमें अण्डा रहे।
अंतघाई (हिं॰ वि॰) विश्वासघाती, धोकेबाज़।
अँतड़ी (हिं॰ स्त्री॰) आँत, नला। अन्त्र देखो।
अंतरछाल (हिं॰ स्त्री॰) छालके भीतरकी कोमल झिल्ली, जो मुलायम हिस्सा बकलेमें हो।
अंतरजाल (हिं॰ पु॰) कसरत करनेकी एक प्रकार-को लकड़ी।
अँतरा (हिं॰) अन्तर देखो।
अँतराना (हिं क्रि॰) १ अलग करना, पृथक् करना। २ भीतर रखना।
अंतरौटा (हिं॰ पु॰) बारीक साड़ीके नीचे जो कपड़ा स्त्री पहनती हो। इससे साड़ी बारीक रहते भी शरीर नहीं दिखाई देता।
अंतावरी (हिं॰ स्त्री॰) अँतड़ी, आँतका ढेर।
अंतिओक (Antioch) किसी प्राचीन यूनानी शहरका नाम। यूनानी-सम्राटों ने सोलह शहर इस नामपर बसाये और बारह शहरोंका नाम बदलकर अंतिओक रखा था। किन्तु ओरसटस् नदीके वाम तटका नगर सबसे अच्छा रहा। सन् ई॰ से ३०० वर्ष पहले यूनानी सम्राट् सलूकस् निकटरने इसे बसाया और सिरीया प्रान्तका प्रकृत केन्द्र बनाया था। कहते हैं, कि सम्राट् सिकन्दरने यहाँ डेरा डाला और जियस बोटियसकी वेदी उठवा दी। इस नगरकी प्रतिष्ठा अन्तिगोनस कर गये थे, सलूकस् ने उसे पूरे उतारा। यह नगर बनते अच्छे अच्छे ज्योतिषियोंसे मुहूर्त पूछा गया था। इसका नक्श़ा अलक्ज़न्दराके नमूनेपर खिंचा रहा। नगरसे ऊंचे सिल्पियस् पहाड़पर क़िला खड़ा किया गया था। उसके बाद १ले अन्तिओकस् ने कई महल्ला बसाया। यह नगर कोई दो कोस पूर्व-पश्चिम लम्बा

और उतना ही उत्तर-दक्षिण चौड़ा रहा। कहते हैं, कि सन् ई॰ के ४थे शताब्दीमें इसकी जनसंख्या दो लाखसे अधिक थी। इस नगरसे दो कोस बाहर पश्चिममें डफनी नामक स्वर्गोद्यान रहा। उस बागमें नहर चारों ओर लहरें मारती और पेड़ झुमा करते, बीचमें पीथियन अपोलोका मन्दिर बना था। मन्दिरके बनवानेवाले १ले सलूकस रहे। देवताकी मूर्ति भली भांति सोनेपर खुदो थी। हेकेटका पुण्यागार डिवोक्ले शियनने ज़मीनके नीचे खोदवाया रहा। डफनीकी सुन्दरता पाश्चात्य जगत् में प्रसिद्ध थी; उसके कारण अंतिओकका भी अच्छा नाम हुआ। इस नगरकी रम्यतापर कितने ही प्राचीन लेखकोंने बहुत कुछ लिखा है।
१ले अन्तिओकस्‌के समय यह नगर पाश्चात्य सलूकिट साम्राज्यकी राजधानी बना था। सन् ई॰ से २४० वर्ष पहले अङ्गिरा-युद्धके कारण इसका प्राधान्य बढ़ा। सलकिटुका प्रभाव एशिया माइनरसे घटते ही परगामनका उपद्रव उठा था। उसके बाद सलूकस् इस नगरमें रहने लगे और इसे अपनी राजधानी बना लिया। यूनानियोंसे उस बातका कोई पता नहीं मिला, हालके रोमन लेखकोंने कुछ कुछ आभास दिया है। इसको यूनानी इमारतोंमें सिर्फ़ किसी नाट्यशालाका ही वर्णन पायें, जिसका ध्वंसावशेष अब भी सिल्पियसकी बग़ल में देखेंगे। यहां अच्छे अच्छे लेखक और शिल्पकार हो गये हैं। फाटकपर बनी स्वर्णमूर्तिसे विदित होता, कि अंतिओक बहुत ही भव्य नगर रहा; किन्तु सीसनिक उपद्रवके कारण इसकी मरम्मत सदा आवश्यक होती थी। सन् ई॰ से १४८ वर्ष पहले यहाँ बड़े वेगसे भूकम्प हुआ और लोगोंको अमित क्षति उठाना पड़ी। सन् ई॰ से १४७ और सिकन्दर बलल् से १२४ वर्ष पहले देमेत्रियस्‌के विरुद्ध प्रजाने हथियार फटकारा था। सलूकिटु-वंशके अन्तिम विरोधमें अंतिओकको प्रजा अपने निर्बल शासकोंसे ख़ूब बिगड़ी रही। सन् ई॰ से ८३ वर्ष पहले अरमेनियाके टिगरेनोंको उसने इस नगरपर अधिकार करनेको बुलाया, सन् ई॰ से ६५ वर्ष