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पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष भाग 1.djvu/३७१

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अधिमात्र—अधियार
अधिमात्र (सं॰ त्रि॰) अधिक मात्रा यस्य। १ अधिक प्रमाण, मौताज से ज्यादा। (अव्य०) २ कविता-विषयपर, शायरी के मज़मूनसे।

अधिमात्रकारुणिक (सं॰ त्रि॰) १ अधिक रूपसे दयालु, निहायत मेहरबान। (पु॰) २ बौद्धोंके एक महाब्राह्मणका नाम।

अधिमास (सं॰ पु॰) अधिको रविसंक्रान्तिद्वयमध्य-वर्त्तिचन्द्रमासः, रविसंक्रान्तिशून्य शुक्लप्रतिपदादिदर्शान्त श्चन्द्रमासः, प्रादि-स॰। असंक्रान्त मास, अधिक-मास; मलमास, लौंदका महीना। मलमास देखो।

अधिमित्र (सं॰ क्ली॰) अधिकं मित्रम्, प्रादि सं॰। ग्रहगणका परस्पर मिलनविशेष, ग्रहोंका आपस में मिलान। ज्योतिषके मतसे चन्द्र, मङ्गल और वृहस्पति सूर्यके, सूर्य और बुध चन्द्रके, सूर्य, चन्द्र और वृहस्पति मङ्गलके, सूर्य और शुक्र बुधके, सूर्य, चन्द्र और मङ्गल वृहस्पतिके, बुध और शनि शुक्रके, और बुध और शुक्र शनिके मित्र हैं।

फिर शुक्र और शनि सूर्यके, बुध मङ्गलके, चन्द्र बुधके, बुध और शुक्र वृहस्पतिके, रवि और चन्द्र शुक्रके और रवि, चन्द्र और मङ्गल शनिके शत्रु होते हैं। चन्द्रका कोई शत्रु नहीं। सिवा मित्र और शत्रुके अवशिष्ट ग्रह सम समझे जाते हैं। जैसे,—रविके चन्द्र, मङ्गल और वृहस्पति मित्र, किन्तु शुक्र और शनि शत्रु होते हैं; इसोसे बुध रविके सम है।

ग्रहोंके तात्कालिक मित्र-निरूपण करनेका नियम यह है,—जिन ग्रहोंसे चतुर्थ, दशम, द्वितीय, तृतीय और एकादश—इन सकल स्थानोंमें जो सकल ग्रह रहेंगे, वह उन्हीं-उन्हीं ग्रहोंके तात्कालिक मित्र समझे जायेंगे। इन सकल स्थानसे भिन्न दूसरे स्थानमें रहने से ग्रह तात्कालिक होते हैं। जो ग्रह जिस ग्रहका स्वाभाविक मित्र, सम और शत्रु हुआ करता, वह तात्कालिक अधिमित्र, मित्र और सम बन जाता है।

अधिमुक्तक (सं॰ पु॰) माधवीलता, चमेली।

अधिमुक्ति (सं॰ स्त्री॰) १ अनुभव, तजरबा। २ दृढ़ विश्वास, पुख़ता एतक़ाद। इस शब्दका व्यवहार बौद्ध अधिक करते हैं।

अधिमुक्तिक (सं॰ पु॰) बौद्ध धर्मानुसार—महाकाल, सबको नाश करनेवाला परमेश्वर।

अधिमुक्तिका (सं॰ स्त्री॰) मुक्तागृहा, शक्ती, सीप।

अधिमह्य (सं॰ पु॰) शाक्यमुनि। चौंतीसवें पूर्वजन्ममें शाक्य-मुनिको अतिमुह्य कहते थे।

अधियज्ञ (सं॰ पु॰) अधिकृतो यज्ञो यस्मात्, प्रादिबहुव्री॰। १ परमेश्वर, यज्ञको अधिकृत करनेवाला पुरुष। अधिकः अधिकाङ्गयागः, प्रादि स॰। २ अधिकाङ्ग याग, वह यज्ञ जिसमें अनेक अङ्ग रहते हैं। ३ प्रधान यज्ञ। (त्रि॰) ४ यज्ञ सम्बन्धीय, यज्ञका। ५ यज्ञके विषयमें, यज्ञको अधिकार कर, यज्ञकी बातपर।

अधिया (हिं॰ पु॰) १ अर्धांश, आधा टुकड़ा। २ मौज़ेमें निस्फ़, पट्टीकी शिरकत, 'आधी पट्टीकी हिस्सेदारी।' ३ उत्पन्न हुए शस्यका अर्धांश प्रभु और अर्धांश कार्य करनेवालोंको प्रदान करनेका नियम, उपजका आधा हिस्सा मालिक और आधा मजदूरों को देनेका क़ायदा। ४ गांवकी आधी पट्टीका ज़मीन्दार, अधियार।

अधियाङ्ग (सं॰ क्ली॰) अधिक अङ्ग फजूल अज़ो।

अधियान (हिं॰ पु॰) गोमुखी; जप करनेकी थैली। यह थैली प्रायः ऊनकी बनती और गोमुख-जैसी होती है। इसके ऊपर कारीगर रङ्गीन रेशम या ऊनसे गो, राम, कृष्ण आदि देवतोंके चित्र भी बेल बूटोंमें निकाल देते हैं। भक्त इसके भीतर रुद्राक्षकी माला डाल अपने इष्टदेवका मन्त्र जपा करते हैं। कहतें हैं, कि बिना गोमुखी खोलकर माला फेरनेसे सिद्धि प्राप्त नहीं होती।

अधियाना (हिं॰ क्रि॰) अर्धांशमें विभाजित करना, आधा-आधा हिस्सा लगाना, दो समान भागों में बांटना बराबर-बराबरके दो टुकड़े उतारना।

अधियार (हिं॰ पु॰) १ सम्पत्तिका अर्धांश, मिलकियतका निस्क हिस्सा, जायदादका आधा साझा। २ अर्धांशका प्रभु, निस्फ़का क़ाबिज़। ३ गांवके आंधे जोतका असामी। ५ दो गांवों में बराबर हिस्सा रखनेवाला जमीन्दार या आसामी।