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अनभिभवनीय-अनभोगा
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अनभिभवनीय (सं॰ त्रि॰) न अभिभवनीयम्, नञ्तत्। अपराजय, फतेहके नाकाबिल; जीता न जा सकनेवाला।
अनभिभूत (सं॰ त्रि॰) न अभिभूतम्, नञ्-तत्। १ अपराभूत, लाशिकस्त; हराया गया। २ अप्रति-हत, बेरोक।
अनभिमत (सं॰ त्रि॰) न अभिमतम्। १ असम्मत, रायसे अलग। २ विरत, बुरा। ३ अनीप्सित नापसन्द।
अनभिम्लात (सं॰ त्रि॰) न-अभि-म्लै-तन्। दीप्यमान, प्रकाशमान; फूला, खिला; मुरझाया नहीं।
अनभिम्लातवर्ण (सं॰ त्रि॰) अनभिसात देखो।
अनभिम्लान (स॰ त्रि॰) अनुत्कण्ठित, बख्वाहिश।
अनभिरूप (सं॰ त्रि॰) कुरूप, बदसूरत; जिसका चेहरा-मुहरा और डील-डौल ख़ूबसूरत न हो।
अनभिलक्षित (सं॰ त्रि॰) १ चिङ्गविहीन, बेनिशान; जिसपर कोई चिह्न या सङ्केत न हो। २ धूर्त, दगाबाज; जिसका लक्षण जाना न जाये।
अनभिलाष (स॰ पु॰) न अभिलाषः, अभावे नञ्तत्। १ अभिलाष या वाञ्छाका अभाव, बेख़ाहिशी; चाहका न रहना। २ निरानन्द, बेलुत्फ़ी; मज़ेका न आना। ३ अवविद्वेष, गिजासे नफरत। ४ अरुचि, भूखका न लगना।
अनभिलाषिन् (सं॰ त्रि॰) वाञ्छारहित, बख्वाहिश; चाह न रखनेवाला।
अनभिव्यक्त (सं॰ त्रि॰) न अभिव्यक्तं प्रकाशितम्, नञ्-तत्। अपरिस्फट, अव्यक्त; पोशीदा, छिपा हुआ, ज़ाहिर नहीं।
अनभिशस्त (वै॰ त्रि॰) न-अभि-शन्स-क्त, नञ्-तत्। अनिन्दित, अपरिवादग्रस्त, प्रशस्य; बेऐब, जिसकी कोई बुराई न बताये। निरुक्तमें इस शब्दके दश पर्याय लिखे हैं,-१ अस्रेमा, २ अनेमा, ३ अनेद्य, ४ अनवद्य, ५ अनभिशस्ता, ६ उक्थ्य, ७ सुनीथ, ८ पाक, ९ वास, १० वयुन।
अनभिशस्त्य (वै॰ त्रि॰) न अभिशस्तिं निन्दामर्हति अनभिशस्त्यः, नञ्-तत्। अनभिशस्त देखो।
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अनभिषङ्गः (सं॰ पु॰) सम्बन्ध या प्रेमका अभाव,
रिश्ते या मुहब्बतकी नामौजूदगी; अलगाव, साथका न रहना।
अनभिसंहित (सं॰ त्रि॰) न अभिसंहितम्, नञ्तत्। किसी फलके उद्देशयसे अभिसन्धि साधकर जो न किया जाये, कोई नतीजा निकालनेके लिये धोकेसे न किया जानेवाला।-
अनभिसन्धान (सं॰ क्ली॰) १ अभिसन्धानका अभाव,
बेनकशी ; जिसकी कोई नाप-जोख न हो। २ प्रयोअनभिरूप (सं॰ त्रि॰) कुरूप, बदसूरत; जिसका जनाभाव, बेग़रज़ी।
अनभिसन्धि (सं॰ पु॰) अनभिसन्धान देखो।
अनभिसम्बन्ध (सं॰ त्रि॰) सम्बन्धरहित, बेरिश्ता; जिसका कोई लगाव न रहे।
अनभिस्नेह (सं॰ त्रि॰) १ अभिस्नेहशून्य, मुहब्बतसे
ख़ाली; प्यार न करनेवाला। २ क्लेशरहित, तकलीफसे आज़ाद।
अनभिहित (सं॰ त्रि॰) अभि-धा-क्, न अभिहितम्:
नञ्-तत्। अनभिहिते। पा २।३।१। १ अनुक्त, अकथित, प्रत्ययादि द्वारा उक्तार्थभिन्न; न कहा हुआ, प्रत्यय वग़ैरहसे जाहिर न किया गया। (वै॰) २ बन्धनशून्य, बंधा नहीं। (पु॰) ३ गोत्रविशेष। अनभीषु (वै॰ त्रि॰) १ निरङ्कुश, बेलग़ाम। (पु॰) २ सूर्यको उपाधि-विशेष, आफ़ताबका एक नाम।
अनभीष्ट (सं॰ त्रि॰) अभि इष-क्त, न अभीष्टम्; नञ्-तत्। १ अभीष्ट-भिन्न, अवाञ्छित; ख़्वाहिशसे अलग, नापसन्द, जो चाहा न जाये। २ अनिष्टकर, बुराई करनेवाला।
अनभी (हिं॰ पु॰) १ आश्चर्य, तअज्जुब, अचम्भा;
अनहोनी। २ अनुभव, तजरबा।
अनभोगा (हिं॰ वि॰) जिसका भोग न किया गया हो। (स्त्री॰) अनभोगी।
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