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पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष भाग 1.djvu/४१३

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अनमीलना-अनर्कचतुर्दशी
अनमीलना (हिं॰ क्रि॰) उन्मौलन उठाना, चश्म खोलना, आंख उघारना।
अनमीव (वै॰ त्रि॰) न विद्यते अमीवो रोगो यस्य, नञ्बहुव्री॰। १ रोगहीन, जिसे कोई बीमारी न लगी हो। २ निर्दोष, बेगुनाह। (क्ली॰) ३ स्वास्थ्य, तन्दुरुस्ती, किसी बीमारीका न लगना।
अनमेल (हिं॰ वि॰) १ सम्बन्धरहित, बैरिश्ता; जो मेल न रखे। २ विशुद्ध, खालिस; बेमिलावट।
अनमोल (हिं॰ वि॰) १ अमूल्य, लाक़ीमत; जिसका दाम कोई न दे सके। २ बहुमुल्य; बेबहा, बेशकीमत; जिसका दाम बहुत ज्य़ादा हो। ३ सुन्दर, ख़ूबसूरत।
अनम्बर (सं॰ पु॰) नास्ति अम्बरं कच्छ-सहितं वस्त्र यस्य, नञ्-बहुव्री। १ जैन विशेष, दिगम्बर (त्रि॰) वस्त्रशूना, बेपोशाक; कपड़े न पहने हुवा; विरहना, नङ्गा।
अनम्र (सं॰ त्रि॰) नम्रताशूना, उद्दण्ड; नर्मीसे दूर, ज़ोरावर; जो झुकता न हो।
अनय (स॰ पु॰) नयति चालयति व्यसनं दैवलौकिक-विषयान् वा, नी-अच् नयः; न नयः, विरोधार्थे नञ् तत्। १ नियमसे उलटा विषय; अनवाय, अनीति; कदरत के खिलाफ़ काम; ज़ुल्म, दबदबा। २ अशुभ दैव घटना, परमेश्वरका गज़ब। ३ व्यसन, द्यूतादि क्रीड़ा; बुरी आदत, जुवा वग़ैरहका खेल।
अनयन (सं॰ वि॰) चक्षुरहित, नाबौना, अन्धा; जिसे आंख न हो।
अनयस (हि॰ वि॰) अनुत्तम, ख़राब, बुरा; अच्छा नहीं।
अनयास अनायास देखो।

{{outdent|अनरण्य (सं॰ पु॰) अनं जीवनपर्यन्तं रणे साधुः। सूर्यवंशके किसी राजाका नाम। विष्णुपुराणमें लिखा है, कि यह सम्भूतके पुत्र रहे। रावण दिग्विजय पानेको निकल अयोध्यामें जा घुसा था। उस समय अनरण्य वहांके राजा थे। रावण गवसे ललकारने लगा,-'राजन्! या तो आप मेरे शरणागत पहुंचिये अथवा आइये, मैं आपसे युद्ध ठानूं।' अनरण्यने

रावणके साथ मल्ल-युद्ध आरम्भ किया था; किन्तु अन्तमें उन्होंने अभिभूत होकर कहा,-'हम प्राणपणमें आपसे लड़ते, लेकिन हमारा मन टूट गया है। हमःआपको यही अभिसम्पात पहुंचाते हैं, कि हमारे वंशमें राम नामसे महाबल-पराक्रान्त जो राम राजा उत्पन्न होंगे, उन्हींके हाथसे आपके प्राण जायेंगे। (रामायण उत्तरकाण्ड १९ अ॰)

अनरथ, अनर्थ देखो।
अनरना (हिं॰ क्रि॰) अनादर दिखाना, ख़ातिर न करना।
अनरस (हिं॰ पु॰) १ वैरस्य, बेलुत्फ़ी, फीकापन। २ वैरभाव, बिगाड़। ३ दुःख, तकलीफ। ४ काव्य-विशेष, जिसमें रस न रहे। हिन्दीके सम्भ्रान्त कवि केशवदासने इस काव्यके पांच भेद बताये हैं,-१ पत्यनीक रस, २ नौरस, ३ विरस, ४ दुःसन्धान और ५ पात्रदुष्ट।
अनरसा (हिं॰ वि॰) १ असुख, बेचैन, बीमार। (पु॰) २ एक तरहको मिठाई। अंदरसा देखो।
अनराज-बम्बई, गुजरातके शाकम्भरी या सांभर राज्यके एक नृपतिका नाम। इनका विवाह त्रिभुवन पालकी कन्या देवलदेवीसे हुआ था। हम्मीरमहाकाव्यमें इन्होंका नाम अनलदेव लिखा है।
अनराता (हिं॰ वि॰) अरक्त, बरङ्ग; जिसपर कोई रङ्ग न चढ़ा हो।
अनरीति (हिं॰ स्त्री॰) १ रीतिका अभाव, बेरस्मी। २ कुरीति, बुरी चाल। ३ विपरीत व्यवहार, उलटा बरताव।
अनरुचि (हिं॰ स्त्री॰) १ अरुचि, नापसन्दगी। २ अग्निमान्द्य, खाना खुशगवार न मालूम होनेकी बीमारी।
अनरुस् (वै॰ त्रि॰) अनाहत, बेजख्म़; जिसके चोट न आयी हो।
अनरूप (हिं॰ वि॰) १ रूपरहित, बशल्ल। २ असदृश, नाहमवार; बराबर न रहनेवाला।
अनर्कचतुर्दशी (सं॰ स्त्री॰) कार्तिक मासकी शुक्लचतुर्दशी, इसी दिन हनूमान्का जन्म हुआ होगा।