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अनाक्षित-अनाचार
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अनाक्षित (वै॰ त्रि॰) न रहते या न ठहरते हुआ, जो न रहता या न ठहरता हो।
अनाखर (हिं॰ वि॰) १ अनक्षर, हर्फ़ न पहि चाननेवाला। २ मूर्ख, बेवक़ूफ़। ३ असभ्य, नाशायस्ता।
अनाग (वै॰ त्रि॰) न आसम्यग् गच्छति स्वर्गमनेन नागं अधर्मम्; न नागम्, नञ्-तत्। पापरहित, इज़ाबसे अलग; पाप न करनेवाला।
अनागत (सं॰ त्रि॰) न आगतम्, नञ्-तत्। १ आगतभिन्न, जो आया न हो। २ भावो, होनेवाला। ३ अप्राप्त, न पाया गया। ४ अविदित, न समझा-बूझा। ५ अनादि, लाआगाज़। (क्ली॰) ६ भविष्यत्-कालकी वृत्ति, आयन्दे जमानेका हाल। (हिं॰ क्रि॰ वि॰) ७ एकाएक, धोकेसे।
अनागतवत् (सं॰ त्रि॰) भविष्य-जैसा, आयन्दे के मानिन्द; भविष्यसे सम्बन्ध रखनेवाला।
अनागतविधाता, अनागतविधातृ देखो।
अनागतविधातृ (सं॰ पु॰) न आगतस्य भविष्यतः अनिष्टस्य विधाता, नञ्-तत्। १ भविष्यत् प्रतिविधानकर्ता, होनेवाले कामको फ़िक्र रखनेवाला। २ किसी मछलीका नाम।
अनागताबाध (सं॰ पु॰) न आगतः आबाधः पीड़ा दुःखंवा, नञ्-तत्। देहका भविष्यत् दुःख, जिस्मकी आयन्दा तकलीफ़।
अनागताबाधा (सं॰ स्त्री॰) न आगता उपस्थिता बाधा पीड़ा। १ अनुपस्थित पीड़ा, नामौजूदः तकलीफ़। २ भविष्यत् दुःख, आनेवाली आफत। (त्रि॰) न आगता बाधा यस्य, नञ्-बहुव्री॰। ३ उपस्थित पीड़ाशून्य, मौजूदा तकलीफ़ न उठानेवाला।
अनागतार्तवा (सं॰ स्त्री॰) ऋतौ भवं अण् आर्तवं स्त्रीपुष्यविकाशनम्; अनागतमप्राप्तमातवं रजो यस्याः। १ अजातरजस्का; जिस स्त्रीको स्त्रीधर्म नहीं हुवा, रजः-प्रकाश न पानेवालो स्त्री। २ कन्या, लड़की। "गौरी तु नग्निकाऽनागतातवा।" इत्यमर
अनागतावेक्षण (सं॰ क्ली॰) भविष्यत्की ओर पात, आयन्दे की तर्फ़का देखना।
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अनागति (सं॰ स्त्री॰) १ नापहुंच, नारसायी।
२ अप्राप्ति, नादस्तयाबी।
अनागन्धित (सं॰ वि॰) न आगन्धितं आघ्रातम्। अनाघ्रात, बेसूंघा; आघ्राण या खुशबू न लिया गला।
अनागम (सं॰ पु॰) नास्ति आगमः स्वत्वहेतुः क्रयादि
र्यत्र। १ स्वत्व हेतु क्रयादि शून्य, क्रयपत्ररहित; क़बीला न रखनेवाली चीज़। २ आगमका अभाव, नापहुंच।
अनागमिष्यत् (सं॰ त्रि॰) न आने या पहुंचनेवाला,
जो आये या पहुंचे नहीं।
अनागमोपभोग (सं॰ पु॰) क्रयादिरहित सम्पत्तिका
भोग, बेकबीलेकी जायदादके मज़ेका उड़ाना।
अनागम्य (सं॰ त्रि॰) न पहुंचने काबिल, मिलनके अयोग्य; हाथ न आनेवाला।
अनागस् (सं॰ त्रि॰) नास्ति आगोऽपराधः पापं वा
यस्य। १ अकृतापराध, निरपराध, पापशून्य; बेगुनाह, २ किसी बेइज़ाब। २ निरपराधता देनेवाला, जो मुबारक बनाये।
अनागा (वै॰ क्रि॰) १ अपापहेतु। (ऋक् १०।१६५।२) (स्त्री)२ नदीभेद। (पुराण)
अनागामिन् (सं॰ त्रि॰) १ न आता या पहुंचता हुवा। २ भविष्यत् नहीं, न लौटनेवाला। (पु॰) ३ एक प्रकारका बौद्ध सन्यासी; बौद्धशास्त्रानुसार चालीस-हजार कल्पके साधनपर जिसको मुक्ति होगी।
अनागोहत्या (सं॰ स्त्री॰) निरपराध व्यक्तिको हत्या,
बेगुनाह शख शका क़त्ल।
अनाचरण (सं॰ क्ली॰) अनाचार देखो।
अनाचार (सं॰ पु॰) अप्राशस्त्येऽभावे वा नञ्-तत् ।
१ कदाचार, अशुद्धाचार; बुरा चालचलन। २ आचारदृष्टि का अभाव, चालचलनका बिगाड़। अनाचार दो प्रकारका होता है,-१ धर्मशास्त्रके बताये सकल
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