पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/११०

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रोहिनक-रोहिलखण्ड १०७ साल होती है। सव मललियोंमसे यह घेष्ट होती है। रोहितवत् ( म०नि०) रतायुक्त, लाल रंगका। इमका गुण योहा उग, बलकर, वातनाशक तथा पार्य (मायायन {१४) वर्द्धक माना गया है। (रानि.) रोहितयस्तु (स० को०) एक नगरका नाम । भावप्रकाशक मतम इसका पर्याय और गुण-रतो (लमितविक्ष) दर रकमुख रवास, रक्त क्षति, घाणपत्र मसण और रोहितवाह (सपु० ) भग्नि। रोहित । यह मत्स्य सपिशा प्रेट होता है। गुण- रोहिता (स० स्रो०) रोहित टाप (वर्णादनुदात्तातोपातो शुक्रबद्ध क, अदितरोगनाशक, कुछ पाय मधुररम, न पा ४११३८ ) इति पाक्षिको साप तकारस्य नकारा वायुनाशक पीर थोडा पित्तकारक । (भावप्र०) श्व न । रागादि द्वारा रतवर्ण, मोघसे लाल । हारीत में लिखा कि यह मछली से पार पाती तथा रोहिताक्ष (स० पु०) रकचा। रवलोचन, लाल खारहित होनेमे दीपीय और घुपा होती है। आँख । "शेपानाहारमानित्वात् स्वप्नस्य च विधज्मनान । राहितार-एक देशका नाम । राहतक देना। राहिता दीपनीयश्च लघुगका महावा ॥' रोक्षितानि (स.वि.) रच चिहविशिष्ट लाल चिडका। (हारात १० अ०)| रोहिताश्च (म. पु०) रोहितोऽश्यो यस्य । १ अग्नि । २ ५राजा हरिश्चन्द्र पुनका नाम । (देशमाग राना हरिश्च दो पुत्रका नाम । ३५क प्राचीन गढका ७।२३।१५) ६एक प्रकारका मृग । ७रोहितक नामका नाम जोगोन नदफे किनारे पर था। पेड। ८ कुसुमका फल परै का फूला हरकवर्ण, लार रोहितिका ( स० बी०) रोहितो पणाऽस्त्यस्या इति रग। १० एक नदीश लाम। (नरि० ५४॥२ ।। रोहित ठन, टाप रागादि द्वारा रतवर्ण, मोघस लाल । गधी पक जानि त्रि०) १२ पपर्णपिरिट, रोहितेय (स.पु०) रोहित एव स्वाद। रोहितक्ष, लाल रंगश। | रोहेडा। रोहितक (स. पु० ) रोहितम्न स्वार्थे क्न् । रोहिता रोहिदश्व (स.पु. ) अग्नि । पे, रोहनयह पेड मफेद और गाल दो प्रकारका रोहिन (म. पु०) अवश्य रोइतीति सह मावश्यक होता है। पयाप-हो, प्योहान दादिमपुपा रोहीणिनि । १ रोहितकक्ष रोहडा । २ अश्वत्यक्ष, पीपल तर, रोहिण, कुशाल्मलि, दाडिमपुर, सदाप्रसून फर , का पेह। पटक्ष, बडका पेड। रोह मछली। ५पर शाल्मलि, विरोचन, शाल्मनिक। गुण-कटु स्निग्ध प्रकारका मृग। ६ रोहिप धास। पाय, शीतल, मि, व्रण, रोहा और रवानरोग रोहिलमएड-युद्धप्रदेशके छोटे गटवे धान एक मानक (राजनि )२ हरिणविशेष । ३ पुसुम्मका पेड। शामन विभाग । यह अश्या० २७३. स २९५८ उ० तथा ४परू देशका नाम राहतक दाना। । दशा० ७८ २ स ८० २८ पू० मध्य मास्थित है। रोहितकारक (6.ली.) एक स्थानका नाम। भूपरिमाण १२८०० धर्ममाल है। विजर, मुरादाबाद, (भारत उद्योगप०) बदाऊं, बरेली पिरिमित और शाहजहानपुर जिला इसके रोदिनकर-पा पतिका नाम । (अनारि ५१२) शतर्मुन है। इसपे उत्तर में हिमालप, दक्षिण पश्चिम रोदितकूल (स०1०) जापदभेद। गङ्गा और पूर्व में अवधमदेश है। पहारा मानदया (चतिमा बहुत स्वास्थ्यकर है। इस और धान प्रधान पमल है। रोहितलीप (स. का मामभेद । { फिर गेहूँ, चना, रह तथा दाजरा यादि भी कम नही रोहितगिरि (स.पु०) पतिभेद । । उपजना। रोहितपुर (सलो०) रोहिना नगर। हरिराम पुत्र इस विभागर्म १८ प्रधान नगरके सिरा चौर मा २८ रोहितापने यह मगर सामा। रामग? दमा। - - छोटे छोटे नगर तथा ११३२७ माम रगत है। नामस्यो