पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/१८१

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लटकना-लटपटान लुभावनी वाल। ३ कलगी या सिरपेंचमें लगे हुए । लटकाना (हि क्रि०) किसी ऊ'चे ग्धानसे एक छोर रत्नोंका गुच्छा। यह नीचेको योर झुका हुआ हिलना लगा या टिका कर शेष भाग नीचे तक इस प्रकार ले रहता है। ४ मलखम्भको एक कसरत। इसमें दोनों ' जाना कि ऊपरका छोर किसी आधार पर टिका हो और पैरोंके अगुठोंमें त फसा कर पिंडलीको लपेटते हैं। नोचेका निराधार हो। २ किमोका कोई काम पुरा न और पिंडलीके ही बल पर अगृठोंसे वेतको ऊपर खींचते । करके उसे दुयधामें डालना, आमरेमें रखना । किसी हुए जंघोंके वल ऊपरका सारा धड़ नीचेको लटका देते हैं। चे आधार पर इस प्रकार टिकाना कि टिके या सड़ ५किसी वस्तुमें लगी हुई दूसरी वस्तु जो नीचे लटस्ती हुए छोरके अतिरिक्त और सब भाग अधरमें हो, एक या झूलती हो, लटकनेवाली चीज । ६ नाकमें पहननेका । छोर या अश ऊपर टिकाना जिमसे कोई वस्तु जमीन एक गहना जो लटकता या झूलता रहता है। यह या परन गिरे । ४ किसी कामको पूरा न करके डाल रखना, तोनाकके दोनों छेदोंके वीचमें पहना जाता है अथवा देर करना। ५किसी बडी चरतुको यि नथमें लगा रहता है। एक पेड़ जिसमे लाल रंगके , लचकाना या नन करना। फल लगते हैं और जिसके बीजोंका पानीमें मीसनेसे लटकीला (हि० वि०) झूमता हुआ, वल ग्वाता हुआ, गेरुवा रंग निकलता है। इस रंगसे कपड़े रंगते है।। लचकदार। लटकना (हिं० कि०) १ किसी ऊंचे स्थानसे लग या लटक ( हि पु०) एक प्रकारका पेड जिमकी छाठको टिक कर नीचेकी ओर अधरमें कुछ दूर तक फैला रहना, उपालनेसे रंग निकलता है। ऊपरसे लेकर नीवे तक इस प्रकार गया रहना कि ऊपर- लटकीवा (हि. वि०) लटकनेवाला, जो लटकता हो । का छोर किमी आधार पर टिका हो और नीचेका निरा-: लटजीरा (हिं पु०) १ अपामार्ग, चिवडा। २ एक धार हो. झलना। २ किसी ऊचे साधार पर इस प्रकारका जडहन धान। यह अगहन में तैयार होता है प्रकार टिकाना कि टिके या अडे हुए छोरके अतिरिक्त, और इसका चावल बहुत दिनों तक रहता है। और सब भाग नीचेकी ओर अधरमें हो, टगना। लटना हिं० कि० १ यक थक कर गिर जाना, लड़म्बढ़ाना। ३ ऊचे आधार पर टिकी हुई वस्तुका फुछ दूर नोचे तक२ ढोला पडना, शक्ति और उत्साहसे रहित होना। आ कर इधरले उधर हिलना डोलना, मूलना। ४ लच- श्रमरोग आदिसे शिथिल होना, दुवला और कमजोर कना, वलखाना। ५किसी खडी वस्तुका किसी ओर होना । ४ प्याकुल होना, विकल होना। ५ श्रमसे झुकना, नम्र होना। ६ किसी कामका पूरा विना हुप निकम्मा हो जाना, अधिक काम करने के योग्य न रह पढ़ा रहना, देर होना । ७ कोई काम पूरा न होने या जाना, यक जाना। ६ ललचाना, लुभाना। लिन किसी वातका निर्णय न होनेके कारण दुवघाम' पडा | होना, अनुरक्त होना। रहना, भूलना। लटपट (हिं० वि०) लटपटा देखो। लटकवाना (हिं० क्रि०) लटकानेका काम दूसरेसे कराना। लटपट (हि ० वि०) १ गिरता पड़ना, लडनदाता हुआ। लटका (हिं० पु०) १ गति, चाल । २ कोई शब्द या २ जो स्पष्ट या ठीक कपसे न निकले, हटा फूटा।३ यक वाक्य जिसके वार वार प्रयोगका किसीको अभ्यास पड़ कर गिरा हुआ, बेवस । ४ जो ठीक वधा न रहनेके गया हो, सखुननकिया । ३ वनावटी चेष्टा, हाव भाव । कारण ढोला हो कर नोचेकी ओर सरक आया हो, ढोला- ४ मन्वतन्त्रकी छोटी युक्ति, टोटका । ५ बातचीत ढाला। ५ जो ठोक क्रमसे न हो, अटसट। जो करनेमें म्यरका एक विशेष प्रकारसं चड़ाव उतोर, बात लेईकी तरह गाढ़ा हो, लुटपुटा । ७ गिंजा हुआ, जिसमें चोतका वनावटी ढंग।६एक प्रकारका चलता गाना। शिकन या सिलवट पड़ी हो। ७लिदा ८किसी रोग या वाधाको शान्तिकी छोटी लटपटान (हिं स्त्री०)१ लटपटानको क्रिया या भाव, युक्ति, छोटा नुसमा । लडखड़ाहट। २मनोहर गति या चाल, लचक।