पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/२५

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रोमनामान्य लेटिन नगर अघियामियांने मनोरे विगट याद रे युदयन्द का अनुरोध करने लगी। ममीको धारा किया, किन्तु मात्र ही में पाजित १५ गेमु. प्रागार गान ध्यान नहीं दे सकता ! मेवानीने लासने रिनानी राजा यानो मार मार न मानेननुर यमशिवानो शीर नो डाला और लदी नई सम्पनिकों 'जुपिटर' पॉम' दृढ पर दिया । गमन रोमुलाम साधीनमें पेशान रय दिया। पदान पर रहने लगे। उभर न राइटन निगायके ___ अन्तम सेवाहन राय नगतमा पगम- चीन पंपिटारान पर्वत पर नेगे। म दोनों माली राजा दामने अन्य बीमातिनिधीको ने, गाई, बीनी या गटाया अधिन दोवा अयुटकी यात्रा जी! म तन्द ने ददया था। इसके साथ ही फोरमकी प्रनिष्टा टोनी मैनिकि गम गुटम तुला युद्ध करना अमाय गज्य पन दिनों तक यायो न राम फाटातटाग समन रेनुगमने रिले में प्रवेश दिया. मरे पटले. लेटिनों के द्वारा राष्ट्र माग गाल बाद इन दोनों मुलामने नैपिटा लाइन पर्वतके चारों ओर रक्षाा गों पर सरले गनुलाम ही मालग करने का कुल दचित प्रबन्ध किया था। टापिंगास न= 07 मेगा . ३६ य नकरामुदामने राजा किया। पर दिन गेमु. पनिको उमने केपिटा लाइनकी रक्षा मार देगा था। दाम पोम्पुट नामधान में कामयाममानिस प्रता किन्तु एस सेनापनिजी स्न्या हापिका नेवाइन माम पुनिरीक्षण पर गधे, मे ममम माया . कानोम लोनेका गुगनन्द पढ्ने रिमुग्ध उठी। प्राण निगाई दिया। नुग्त हो पर मान दिलाई दिया उसने मेवाइन् सेनापतिले पाम इन भेज रहना; बार उमी नृमान माथ रोमुराम के पिता मार्म एक दिया, कि "तुम लोग अपने कानोंके युगडन, ना अग्निमय पुष्पकर पा रोमुलामको टारगंगामी स्वीकार करो ना मैं क्लेिम धुम मानेका उपाय इनला। एए । दमो दिन कोई उनको देखन नमा। नी।" मैनापतिने टापियासी वात म्बीकार कर ली। नमामिपहिर आधी रातके समय मृपणप्रिया गर्षियाने नगरका दर. ( ६.३सए) बाजा बोल दिया। चीटियोंकी श्रेणीकी नरद सेवादन गनुगसकी मृत्यु बाट ने परमानी और सेन्च किले में घर आई। जय टापियाने सपना पुर : धार्मि कमवर नुमा पम्मिलियनको गा मनोनीत किया। कार मांगा ना, फीजोंने लात मुरेसे उसे उचित पुर. उन्होंने परलोश्वासी दास टेमिधाम पुनीने अपना कार दिया । वह मीत्र हो परलोकगामी दुई। उसी विवाह शिया। मने मान्ति साध ४२ वर्ग नक समरसे राजद्रोहियोंको इस पर्वतसे नीचे गिराया ' गजन्य क्यिा । : रोर नानायरे नयन धर्मशारल. जाता था। प्रयोक्ता है। दृमरे दिन गमनाने केपिटा लाइनकी रक्षा लिये नुमान सामान्य दिनकर शिनने ही काम किये। अपनी फौजको मुलजित किया। पलेशन और वैप. उमने पञ्चाको शद्ध कर निकालकी उमति की! टालाइनकी बीचशे उपत्यकामें नीषण युद्धानल प्रज्वलित उसने सम्पत्तिमा सीमा निर्मारिन पर उसे सानिनाम हुआ। कुछ देर तक भीषण युद्ध होने के बाद जिस , नामर देवनाने अधीन सौंप दिया। उसने जिनिस समय फौजे लौटनेको थीं, उस समय रामुलासने : नामक दोनवे पर देवताका मन्दिर बनवाया था। युद्धके मनमें मौनी की, यदि युदमे विजय पाऊंगा, : नमय ही इस मन्दिरमा दरवाजा खुलता था और तो जुपिटरका एक मन्दिर बना दूंगा! उसके । शान्तिके समय यह दरवाजा सहा बन्द रहता था। बाद रोमन सैनिक दुगुने उत्माहले युद्ध करने । लगे। ऐसे समय जिमके लिये युद्ध हो रहा था वहो । थानीयम्। अपहना कन्यायें भा कर युदझेदमें सेवाइन सेनिकों- (६३-६४२० पू1) नुमा मृत्युकेबाट टालामाष्टलियस गना मनोनीत