पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/२६६

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२७१ लामा २ रोदुन प्रामत्पो। २ शास्पय पण्डित। ३ पमोदनम्म । ३ युन स्तान दो में पाल। ४ पोन तान् । ४ ममप्रस गेलेगपालनलग। ५ इगर प्योर मन् म्यंमत्यो। ५ पञ्चेन् सोदनम पयोग फिनलगो। ६ तपास इन्स यंमत्यो। ६ घेन स पलोजन दोन प्रव। ७ सरन् । पे सब वौद्धति घा 'तापि लामा नामसे प्रसिद्ध थे ८ भम् पर। पा नहीं, यह नहीं सकते। पर्यापि तपिलहणपोशा प्रसिद्ध १ उग तागत । सवाराम १५वीं सीके प्रथम मागम प्रतिष्ठित हुआ। १. तपुल श्रमस मतपर उन तालिका मन्तिम दो लामाको दी तत्साम ११ मखस प्रय । यिक मान सकते हैं। पचेन रिनपोछे उपाधिधारी १२ मिन् लस। निम्नोक्त लामागण ही प्रश्न तापि-लामारुपमें सत्र १३ धुर यस्तान् । पूजित होते हैं। इम घफे प्रतिष्ठाता महालामा गैदुनका अयश स्को लोड छोस् पिपलमान । निकट किसी स्थानमें जन्म हुआ। पीछे उन्होंने तमिल २, पपे दपल जापा। हण पो सहारामको स्थापना की थी। छठे माफ ३ , पर सदर थे। चरित्रदोषसे राज्यच्युत मौर निहत होत पर तातारराज ४स्तान पदि निम। गिस्किर ने पोतर मठके अध्यक्षपद पर छगफोरिलस ५पाटादन छोम पिय। इग्य-यमत्पोरो नियुक्त किया। किन्तु थोडे हो शाक्य-साम्प्रदायिकक्षामाचार्य गण। दिनों में यह घोषणा कर दी गा किलियनगरमें देपुल। १शापय यसहयो। सहारामफे एक बौद्धपतिके पुत्ररूपमें क्लजह नामक २यड वत्सुन। उठे गमाने जम लिया। इस पर चीन ममारने उस ३यन् करपो। पालको कारारुद्ध कर १७२०१०के युदपय त तातार ४ छ्पहरिन सोम्य। राजफे नियोजित रामाकोदो रासा नगरीफे धर्मगुरया पर नियुग रमा। १७२८ १०में नरइत्या अपराधर्म उसने ६ यड-यड। भोरराजको तप्त परसे उतार दिया और छोतिन महा ७उददेरि। राम फेरा रिनपोछेको उनके पद पर अभिपित ८ मङलेन। किया। इसके कुछ समय बाद उन्होंने फिरसे अपनी ६ लेगम पदपल धाक पमा। उनके रानयकालके १७४६० चीन १०रेड गे दपल। राजशकि तितमे इरादी गई। ११ भोद जेर पल। मपये, पशय , ग्यारहये भीर वारहये महालामा वच १२ मोद सेर सेहगे। पनमें दो अपने अपन मभिमा द्वारा पिप बिल्या कर १३ कुनरिन। यमपुर भेज दिपेग शेरोश लामा नेरद हो यपी भय स्थामस शेश्मे चल स! पीछे १३ कामा खब १४ दौन नौद दपन। तसाम उस पक्षक मधिशाराहुए। १५ योन यरमुन। मुमसर ar" साम्याय १६ मोद-मर सहगेहय। १ चुग प रस स्सस-रतमग सहारामफे एक १७लय सहपो। १८६ यया पल।