पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/२६८

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नामा-मारेन्स उनकी अपेक्षा होनप्रमाय सापग्न और भी क्तिने लामा रामा (दि. पु०) घाम खाने और पागुर करनेवाला एक चाल है। ये योति प्राप्त था देहातधारी कह र पूजित! पतु। यह अटकी तरह होता है। गाफारमें यह स श्रेणा लामाचार्य तिम्वतर्म ३०, उच्चर मङ्गो । ऊ रमे मोटा होता है और इमको पोड पर फवष्ट लिया १६, दक्षिण महोलिया ५७, कोकोनोरमें ३५ नहीं होता। यह दक्षिणी अमेरिकामें पाया जाता है। छियामदो माध्यनमें ५ मोर पेशिनमें १४ हैं । इन यह बहुत प्रपत्र, पल यान् गौर नौगाती होता है। इसे सब देहान्तरप्रयिष्ट लामाफे मध्य पश्चिम तिम्बतर से जब तक हरी घास मिलती है, तब तब पानीको कोई छेन रिणपोछे पजिन लो प, विलुड, रो-छेन, क्यि | भारश्यकता नहीं होती। इसका सा उगलिया अलग जर तिडिदे-छन मलिंग, क्डला और कोड तथा खाम। अलग होती हैं और प्रत्येक उंगली में एक छोटा मजबूत रिमागमें तु, छम शे दोजे भादि प्रधान हैं। पुर होता है। इसके रोप पहुत मुलायम होते हैं और पेकिन लामामएडलको तिम्वतीय भाषा, छर । इसकी खालका चरसा बहुत होता है, इसीलिये कुत्तोंकी पय (शाक्य ) कहते हैं तथा यहाँफे लामार्ग रोल । मापतासे इसका शिकार किया जाता है। जब कोई पहाक भयताररूपमै पूजित हैं। मम्रार कर हि-फे। इसे छेड़ता है। यह उस पर थूक देता है जिसका गासनकाला १६६० मे १७०० १०के मध्य ये देवशकि । कुछ विषैला प्रभाव होता है । जगली दशामें इसे पाना सम्पन्न हो गपे थे। सम्राट न उन पर विश्वास र शोर पालतू दगा लामा कहते हैं। रा देखो। उ है मध्य मड्डोलियारा धमाध्यक्ष पद प्रदान रिया। लामो (हि.पु.) या प्रकारका फल। यह प्राय डेट लदानके अयतीर्ण लामागण कुपी नामसे प्रसिद्ध बालित हवा होता है और दिल्ली तथा राजपूतानेकी ओर है। यमदोक हस्तारस्थ सद्धाराममें एक बौद्ध रमणीने | पाया जाता है। इसको तरकारी वनाई जाती है। नाधार्याणाका पद पाया है। ये यजमाराहीको अवतार | लायक (१० नि०) १ उचित, ठीक, धाजिव । २ उपयुक्त, मानी जाती थी। मि बोगर उनमे जा कर मिले थे। मुनासिव । ३ सुयोग्य, गुणवान् । समाचार्गगण देहत्याग करने समय अपने अपने | लायक (स.पु.) संलग, जुष्टा हुमा। पुनर्गमका हार वतला गपे हैं। वे लोग किस प्राममें लायकी (म० सी०) १ लायक दोनेका भाय या धम । विम परियारमें नम रेगे यह भी कह दिया करत थे। सुयोग्यता, काविलीयत । पिस्तु पशमान समयमें उस रामावतारका नियाचन | लायची (हि.यो.) इलायचा दमो। मौर परीक्षा स्वतन प्रयासे को जाता है। मृत रामा पल ( १० यि० ) राजमत । चार्ग विस नामस भयतीर्ण हो सकते है । पहले ११७ लायल्टी (म० खा०) राममक्ति । विशुरचेता हराया पकन हो उसका नाम निवारण र AR (हिं० स्त्री०) १ यह पतला लसदार थूक जो कोई रते हैं। नामनिर्देश करते समय मजन और पूजन बहुत करघोज याने या मु हमें कोई दया मादि लगाने होता है। जितने पयिस नाम उनके मनमें माते है उन्हे| पर तारफे रूपमें निकलगा है। २ लासा, लुमाव । ये एक एक कागाफे टुक पर लिख पक स्पर्णपात्रमें वक्तार, पकि। (क्रि० वि०) ४ साप पीछे। रातोपोरोसोनपान करते करते असे वारेस ( Sir John Latrence Bart KCB)- दिन तर उसमे एक निहारते हैं। उन भारतके एक मगजराजप्रतिनिधि। १८६३६०में सार पागोंके मध्य य मयतारा भाग पापा पाता है। पागन ( alexander Bruce Larlot Elkin anti पेफिगरामपुरको भविष्यवाणी पर विश्वास र Kincirdine )की धागागमें मास्मात् मृत्यु हो जाने महालगमा नियुक्त करते है। लामाचार्यको निर्वाचन स तथा मोहयो नामक मुगल सम्प्रदायका पिहोहिता प्रणालीका गुट रहस्य मौर उसके प्रान्त तस्यका मोन पररएटनको मम्लिसमा ददल गा गोर उन्होंने मदा पारन मनापश्यक पानदरमही रिक्षा गया। मति मरमान लगसको मारसके गयर पागल भोर FolzR6