पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/२७०

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- मापा २७५ काटना प्रस्ताव दिया था, किन्तु राजोपम उतने , हैं। उनमस गवर्मेण्टको नारा नहर सबस पड़ी है। गपपे न रहने के कारण यह प्रस्ताव स्थगित रहा। उनक । उसशे लम्याइ३० मील और चौडाइ १०० फुट है। भादशसे भारतक गरम एट स्कूलों वाइविर प्राय पाटर इस जिलेका इतिहास शबार गौर करावी जिलेके पुस्तकरूपमै ध्यरहत हुआ था। साथ मिला हुमा है। क्लहोरा वशर्म जव आपसमें ___ET चे भातक प्रतिनिधिका पद छोड कर रहाइ होती थी, तब एक ग्राहर-सरदार मारा गया था। २७वीं मार्चको पहरीएड यापस आये । भारतसाम्रातीन उसीके क्षतिपूरणस्वरूप लाकानाश कुछ आश उसके उन्हे (Barou Lawne of the funjab and tra , यशधरको दिया गया। पाछे तालपुरों। उस छान कर tely in the country of Sonthamton ) मर्यादा अपने दखरम कर लिया। शाहशुनाफे गुद्रक बाद ताल तथा तरह तरहको मान्यसूचा उपाधि मोर पारितोषिक पुरफे मोरों में लार्काना उपविभाग यट गया। पीछे सिग्ध दिया था। १८७८ १ म उनका देहान्त हुमा। विजयके साथ साथ यह जिला मी अगरेजाके हाथ लारेन्स (सर हेनरी)-एक अगरेज सेनापति। इन्होन ) लगा। गदरके समय भयोध्याके विद्रोहिदल के साथ युद्ध करक! इस जिलेमें ५ शहर मोर ७०८ प्राम लगते हैं। जन पती श्रीरता दिखलाइयो। लखनऊ के अपरोप्रकारमें | सण्या साढे छः लायके करीब है। मुनलमानको सख्या सपा पिनहुतके युसमहान अगरेजोजी स्वार्थरक्षाके सबम ज्यादा है। सैकहे पीछे ६४ मनुष्य सिदी भाषा लिये भारमोत्सर्ग पर दिया था। चिनहुतके युद्ध में बोलत है। विद्याशिलाम रस प्रदेशके पीबोस निलों में विवाहिदग्ने जयराम कर रेमिडेन्सी पर चढाइ कर दी। इसका स्थान कोसया आया है। अभी कुल मिला कर उन लोगों का एक गोला हेनरी लारेन्सकी कमरम ऐमा | ६०० स्कूलें हैं। स्फूलके अलावा ८ अस्पताल है। एगा कि ये ४थी जुलाइयो इम लोकसे घर यसे। । स्थानीय प्राचीन कीर्तियों के निदर्शनस्वरूप एक पुराना लाकाकोल-पश्चिमी व गालक पहाडी मद में रहोगाला किला, शाहाल महम्मद कलहोरा तथा उनके प्रधान प्रसिद्ध कोल शातिकी एक शाम्बा। पेवडे बुद्ध हो । मन्त्री शाहवहादुरका मायरा विद्यमान है। शाहाल है। कोम देखा। महम्मदफे पौत्र भादम गाह एक प्रसिद्ध फकीर थे । उगके लाना-बार सिग्मार सिधुप्रदेशका एक मिला। घशधरीन एक समय सिन्धुप्रदेशका शासन किया था। पद मा०२५ ५३ मे २८ उ० तथा देशा०६७ ११० २उत जिलेका एक उपविभाग। इसमें राना, ६८ ३३ पूष्प मध्य अपत्ति है। भूपरिमाण ल्यदरिया, कम्वर और रतो दरो ताक लगते है । ५०६१ यगमोल है। इसके उत्तर में शहर मोर मपर सिद ३ बाना जिरे का एक तालु। यह अक्षा० २७२७ से मनटियर डिट्रिक पूयमे सिय नदी, गैरपुर राज्य भीर २७ ४६ उ० तथा देशा०६८१ से ६८ २८ पू०के मध्य इंदरावाद मिरा दक्षिगर्म कराचा जिला और पश्चिमम अयस्थित है। भूपरिमाण २६७ यगमाल और जनसख्या पारपर पर्वतमाला है। हर या लदान जातिसे जो लाम्बसे ऊपर है। इसमें लारवाना नाम शहर और एक समय लागा उपविभागमे रहती घी, जिलेगा। ७२ प्राम एगने हैं। मिथ नदी के किनारे गेहू बहुतायतसे मामकरण हुमा है। उपमता है। अगरम भाम भौर सजूरक पे भने दये __tस जिलेको प्रारतिष शोमा उनमा विद्याप नहीं जाते है। है। पवल सि धुनद भार पश्विम नारानदा तथा नारासे | राना तालुकका प्रधान मगर और विचार गार पाल तकका भूभाग हमें हरामरा दिखाई देता सदर। यह गमा० २७ ३३ ३० तथा दशा०६८ १६ । मरे सर म्यITET मान टा है। यहां बहुा । ५० गार नहरसे पाएं किनारे स्थित है। शिरपुर सी नहरें है। इस कारण म्वती धारा बग सुविधा है। शहरसे यह ४० माल दूर पड़ता है। इस स्थानका प्रार थानाय जमींदार मार गयर्मेटम ये सब गहरे फाटो गर । निज सौन्दर्य मन्यन्त मनोरम देख कर गत भ्रमण