पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/२७८

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


नमिचं २८३ १६ गदा यूरोम पहले पहर गठमिन की येनो। इस रामिनाको लगाते हैं । इसके फीका रग सिन्दूर हुइ हा के लोगोका कहा है कि उस परवत्तिकाल के समान गाढा लाल होता है। इसकी कडी उप्रता गारा उसको आमदना हुइगी। सायद पुर्तगाज ' दम कर ममाले अधया पवनादिके साथ नहीं पाते। नागिण वेष्ट इण्डिस भारतीय छापों और पीडे यूरोपीगण अमर पट्टे भचारम अपरा उसके धोये भारतपर्म गये रोग पर तु यद विश्च म न होना। निसठ उसम ममाला भर कर भिनिगार, डगो रखते पाकि नो दिदृ साय सुमात्रा, जागा पाली गौर है । ( minimum या c lastigintum धानकी रद्धा भादि दीगोंमें उपनिवेश स्थापन करन सार्श हुए तार छोरो होती है इस कारण इसको धानीमिर्ग कहते थे, वे पप गमेरिकार्य निष्टात्ती महाद्वोपजात है। इसके अलावा बेर या परफलकी सी लाल और ल्दा नामक यह उद्भिज भारतवर्ष में नहीं लाये गे गो7 ए और प्रकारको लालमिर्च देखी जाती है। चन्द्र गाल मिर्गक तरह कट जान कर उस समय प्रधान मणि नामक छोटी मिर्चमा एल और श्रेणी है। अपन अपन प्रथमें उसे मरिच नातिर अन्तभु न कर नो पका मूत्रा और अचारमं डुगाइ हुइ मभी दिया था। घिसम्म वि गोमिनाको तरट सट प्रकारकी लालमिर्च रोगपाते है। तरकारी आदिको गुण मम्म 1 न होनक कारण उसका उतावादर TET माल का नया अचागदिकी गध बहानेके लिये साल था। यही कारण है कि प्रध, युमाग्चि 1 मम मिचकापहार अधिा होता है। बता में मिाके उसरा बनवा जाता है। द्वीपों -4-हो कासे झो-गुडकी तरह एक प्रकारली वस्तु बनाते हैं। पारण मग हा यामिना सामा । इसका स्वाद नीता होता है। इद्गडमें भी लालमिर्च- पायुपमें समा गुण-कोपन, विदाह द्धि का यये आदर है। सूत्री लाल मिर्गको ढेकीमें फूट कर जमकर गुरुपा और विम्भ बत या पर धना जाते में पोर कर पो कप-म छान वोतर में मरि देना। विगा। कारि पाउरके माय ऊपरम गरपिता जातिविभागका उलेव विया उस चूर्णका व्यवहार होता है। गया है। अगरेनीमें जिमको Red r pner कहते हैं वैषप्रयमे र मिर्गको पुनरिच रहा है। यह उनका वैज्ञानिक नाम Caps cum ammuunt है। दागन, अनिार और वरपक है। वेदनायुन स्थान Irutescuns नाम इसको एक और नाति है। गद्गरेजी यह मिर्ज पाम का प्रलेप करास बद्द म्यान लाल हो में इस lullr Gost pepper Carene pepper ठता और पाडे वेदना जाती रहती। गरेका घगे Spur pepper दन है। इस जातिको मिच उपरोक्त वढने अथवा जीभक तम काटा पडसे यहा लालमिर्ग श्रेणीम छोरी होनी है। बङ्गाल और उत्तर पश्चिम ने घिस दे मारी उपकार होगा। सामयिा चा पिन प्रदेम इमो गाछमिना रहते हैं । रितु हिमायनदेश गलयतरोगमे इम सिद्ध किये हुए पलसे कुली करनमे म यह पसाना' ग्यारमा रोम्बस चाला घेदनाका नाश होता है। चीनी और कतीराप माथ मरित्र और दाग' निकापुरम घास मरिश' नामन , 7 मिका लोनेस पा र सवन करनेसे सरमन- प्रसिद्ध है। दक्षिण अमेरिका य गाठ उधि पा गोर दोष दूर होता है। गाया और वक्ताओं को यह रोलेस मद्राज प्रमें 'म गातिका समित यातायनम यहुन नि है। यह मलेरिया नाशक और गलगएडनिया उपजती है। इस सूयामुग्म मिमी कहते हैं। c | रक माना गया है। कुत्ते अपरा माप काटे हुऐ स्थान -ror un श्रेणीको लामिन बदर तथा भारत्यार सामियको पास र प्रग करनेमे पिताश होता है। अन्यान्य देना कमरगा पाप्रा मिर्च मसे हर | मदाध्ययरोग (D Ihrsuun Tremen9) ० मेन सा है। यह यनुन तिक्त होता है। पर इस जातिका मिनी परास बहुत उपकार होता है। गरयतमे एक बोट सेता नहीं करने । किमी किमी उद्यानम नौकोन लोग। जरमे ४ डाम लालमित्र सिद्ध पर यह जल लगानेम