पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/२८०

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लालसिंह-मालवान अम्मर ही इस पवित्र तीरको दो या त (संज्ञाया भतार कुछ ही भ्यने । पा४६) इति । सयोंकी धारणा है कि उक्त मरवा पना प्रभुमा पारशी, कायासम | 07717 सम्बन्। गा। १६३६ इन तमान गजनीय माजा जाता इम (पु.) ३ मारपणविशेर मिगपर। माधुरे उदेश्यले पर गौर वा मग यावराया। लागरी (मी ) 7121 मिघुराज मोर क्रमअलीमा नापुनि रमकार और लाठाकुर-आहिमपक रचयिता घामदेवर प्रति । चूना गुम्बज चालावे पत्तरम मढवा दिया। प्मक । पास। परेम परयो भारा लिम्मा एक शिलाफ । माप- भाग निय स्कुम गरम 1 लालसिह~एक मिन्द मरदार । ये गा चादगारास धे। जगम ० १८३१ हुगा था। हान 'शानि प्रियपात्र थे। इस कारण गजमरकाम नको गोगे मोव TIA भाषाकी एक उत्तम पुस्तर निया शो नम 7 घो। रा जगारि मिहये पर गलाप्रमे (म0पु0) मालामह दये। मिधारन पर १४१४-01 ही प्रधान मन्त्रा हुर। गर वाद--एक प्रनिदादारी माधु गौर परम वैष्ण। मिपाही विद्रोहके पहले ये कुछ समयय रिये अगर मुश्दामात जिरो पात्रो नगद सुप्रमि- उत्तर गोय नजरयद थे। कायमा जमीदार । णरे में इनका - भा। ाल मिर-एक प्रमिर ज्योतिपा। सत्ता उत्तर पाइपाद प्रापर्म 31ोगोंका पर नारसिंग (हि. गो०) पर की पत्ता जिमा घामान'। स कारण ग पा रादा गजा मिरलारना । पाहगने या मार धिरनि पर जासमोर (म० को ) पिरि गिलगिता। दुपये दु गित हो चेपुरे हाथ दान दिया परीधे लाग (सरो०) लणि भाटा। मुग्न 17 जल कारण रोगारे 37का लायाय नाम या था। उनके मुटसे निकलने वाली सार धृ। पर्याय-- गा गितामा दागा गदागोविन्द मि भारतप्रतिनिधि पारेन यन्दिाी , द्रायिका मृणोका मुखवाय । (रानी) मिटर शा1417 इण्डिया सम्पनाक दाया ला(दि. पु.) १ प्रकारका वोघा। इमरा थे। गदागोनिन पुत्र प्राणरपा (पदी पार विमाका नाम रेन समय उसय प्रति अदर अपने बडे भार राधामान (घडेश्वर यशव मिगत दिगमा रिये किया पाता है महालय । इमपा उद्दीगरे प्रधान राजस्वम्मा )को गरेन रद कर ध्यार प्राय पश्चिम बलिया और यनिया आदि विषयमा विशेष यताराम किया था। पिन लिये अधिक्तासे होता है। २ पाय नाति या सम्मति अधिकार हो उदारताका यथए परय५ पाया मम पाद । ३ छोटे प्रिय शेष दिये गये । सपोधन, प्रिय व्यक्ति विशेषत बालक । (पि.) ४ लाल ही महाभवर पुषण सिंह उर्फ 7171 रगावालया। पाय थे। गे पिता सदगुणगानी थे। प्रथम जीना गग(फा० पु.) पोस्तावाल गारमे यक्ष माग और काकी कस कृगम सामान पधे पाले प्राय करीसास पैदा होता है। इसे गुस्सागो 3mm वियागा धार धारे युझना | नाना किपा सिमी समग माग ऊपर गगन जयाण-डोशाध्य मीर हरि प्रता। रहे थे। म ममय एषध विजोगाम हा में रहना थी सासारामत्रमा पुर्व थे। राप्रपा सा जोरम पिता उग 'गृयामहान पामना (मा Pागर (सं०वि०)रलार सम्ब धाय । Hि )आगगादो।' यात माघाव लालमटि (स.पु० ) रारा गोनापत्य । प्राण नRT 32। सन २४ नहीं समझा कि धोथि। हालारिस (स.नि.) पार पश्पताति लकार! गपे प्रिये घासना या पक धितो नगमा ___Vot, II,