पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/३५३

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३५९ लंत-ले पछा लेत ( स० पु०) सश्रुविन्दु, सास। नीत देयो। गाढ़ी गीलो बन्तुकी तह जो किसी वस्तुके ऊपर लेद (हिंपु०) एक प्रकारका गीत जो फागुनमे गाया | फैलाई जाय। ३ भोजन, ग्वाना । ४ उबटन, वरना । जाता है। ५ सम्बन्ध, लगाव । ६ सुधा, यांवले का चूर । लेदरी (सं० ला०) एक नगरका नाम । लेपक (सं० पु०) लिम्पनीति लिप ण्वुल । १ एक जाति । (राजतर०१८ पर्याय-पलगएट, लेपी, लेप्यरुत् । (त्रि०)२ ले पन लेदार (हि. पु० ) एक प्रकारको मिडिया। कारी, पोतने या लगानेवाला। लेटी (हिं स्त्री० ) १ जलायोरे किनारे रहनेवाली लेप्छा हिमालय पर्वत पृष्ठवासी जातिविशेष । सिकिम, एक प्रकारकी छोटो चिडिया । २ घासका पूला जिले पूर्व नेपाल, पश्चिम भोटान तथा दार्जिलिङ नामक हलके नीचे भागमे इसलिये दांध देते है जिसमें एवंतांगमें इम पावत्य जातिक, बाम है। वे ग्यान चौडीदने। माधारणतः लेपछा जाति के वासस्थान नामले पुकारे टेन ( हि० पु० ) १ लेनेकी क्रिया या माय ! २ वह रदम | जाते हैं। इन स्थानोंका प्रस्य प्रायः ५० मील है। ये जो किसीके यहां बाकी हो या मिलनेवाली हो, लहना। लोग कोटजानि, नेपालको नेवा जाति तथा अपगपर लेनदार ( फा० पु० ) जिसका कुछ बाकी हो, महाजन, जाति एवं मोटानकी लेफा जानि आदि जानियों के साथ लहनेडार । विपरपस मश्लिष्ट है। मुपाति तथा नागरिक लेनदेन । हि० पु० ) १ लेने और टेनेवा व्यवहार, आदान गठन देखनेसे उसी मोगलोय जातिको भाग्यासम्भूत प्रदान। २रुपये लेने देनेशा व्यवसाय, महाजनीय । जान पड़ने है। रुपया मृण देने और ऋण लेनेका व्यवहार जो किमी. इस लेपछा जानिके अन्दर रोग तथा वाया नामके के सार किया जाय। दो दल है । प्रथमोक्त लेपछा नद्राय अपनको मिकिम- लेनद्दार (हिं० वि० ) लेनेवाला, लहनेदार। के आदिम अधिवासी गतलान है। जनसाधारणका लेना (हिं क्रि० ) १ मरेक हायसे अपने हाथमे विश्वास है, कि खाम्या जाति चीन साम्राज्यके अन्तर्गत पन्ना, प्राप्त करना । २ ग्रहण करना, थामना।। खामप्रदेशसे यहां आ कर बस गये है। लोगों में इस ३ अपने अधिकारमें करना, जमे लाना, जीतना। तरह किंवदन्ती है कि प्रायः ढाई सौ वर्ष पहले अर्यान् ४ मोल लेना, खरीदना । ५ कार्य सिद्ध करना या सिफिममें बौदधर्म फैलनेके वाट चौडलामागणने समान करना, काम पूरा करना । ६ उधार लेना, कर्ज सिकिाने एक राजा निवांवन करने के लिये उक्त नाम- लेना । ७ मागने हुण्को पकड़ना, घरना । ८ जीतना । प्रदेशमें दृत भेजा था। स्वाम्बाने जिस राजाको निर्वाचन किसी आने हुए यादमीगे आगे जा कर मिलना, अग करके भेजा था वे तथा उनके आत्मीयगण या पर बानी करना ! १० प्राप्त होना, पहुंचाना। ११ किसी/ बस गये । उन्ही लोगोंके व गवरगण बाज भी पूर्वतन कार्य का भार ग्रहण करना, जिम्मे लेना। १२ गोद में वासस्थानके नामले पुकारे जाते है। वास्तविकमें उन थामना ! २३किसीको उपहास द्वारा लजित करना, इंसो | लोगों के वोचमें जातिगत कोई पार्थषय नहीं है। वे दोनों ठट्ठा करके या यंग बोल कर शरमिदा जरना । १४ मंचय दल परस्पर इस तरह हिलमिल गये है, कि एक ही करना, एकत्र करना । १५ सेवन करना, पाना । १६ पुरुष जाति नामसे पुकारे जाते हैं। वर्तमान जातितत्त्वविद्ध- यावाद साथ ल्भोग करना । २७धारण करना, गो. गण कहते है कि दो मोडलोय उपनिवेशके पर्यायक्रमसे कार करना। १८ काट कर अलग करना, काटना। सिकिममें आ कर वसनेसे सम्भवतः उनका नाम पार्थक्य लेप (सं० पु०) लिप-घञ्। १ गीली या पानी यादिके | हो गया है। साथ मिली हुई वस्तु जिसकी तह किसी वस्तुके ऊपर डा० काम्बेल तिब्बतको यात्राके उद्देशसे सिकिम फैला कर चढ़ाई जाय, लेईके समान गाढ़ी-गोलो वस्तु ।। गये थे। उन्होंने उस जातिको आकृति प्रकृतिके विषयमें