पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/३५९

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लेफ्टिनेट-लेवा लेफ्टिनेंट ( पु.) १ वह सहायक चारी जिसे है, तब नगरका पयघाट कभी भी 2 ट जल में इस यह अधिकार हो कि अपनेले उच्च कर्मचारीके आजा | जाता है। नुसार या उसकी आशाके अभाव कोई काम कर सके। लेय (रा० पु०) सिंगशि। २ सेनाका वह अध्यक्ष जो कप्तानके अधीन होता है और लेर ( सी०) नहर से। कप्तानकी अनुपस्थितिमें सेना पर पूर्ण अधिकार लेख्या ( दिपु०) य.31 । रखता है। लेलया ( म०सी०) कम्पमाना, कापती दुईत्री। ले वरना (हि कि० ) नानेमे माटी लगाना। लेलिह ( सं० दि०) लिया, यदुर ले लिए अन् । ले बुल ( पु०) नाम विधि, पते या विवरण मादिको पुनः पुनः लेखन, चार चार चाटना । २ लोर, जा सबक ग्रह चिट जो पुस्तकों, गोपध आदिकी पुडियों, ! ३सर्प, मांप। बोतलों या गठरियों यादि पर लगाई जाती है। लेलिदान ( स० पु० ) पुन पुनरनिशन या लेदंगि लेबोरेटरी (म० लो० ) वह माला या स्थान जिसमें । लिह-य शान ना । १ शिव, महादेव । २ सर्प, वैज्ञानिक परीक्षाएं की जाती हों, पिसी परिकियाकी सांप। (त्रि०) ३ पुन पुनः निरा. चार बार जाच की जाती हो अथवा रासायनिक पदार्थ, औषधे चाटनेवाला। इत्यादि वनाई या तैयार की जाती हो। लेलिदाना ( रा० सी० ) मुद्रातिशेष । मुखो दिनकर लेमनेट ( पु०) नीयूका शरबत । यह पहले नोचूके नीचे की ओर जिला परिचालित करे तथा दोनों हायकी रसको भरपतमें मिला कर बनाया जाता था, पर अभी मुट्ठी दोनों वगरमे रगे। इनोदी लेलिहान मुदा दिने नीबूके सत्तको शरयतमें मिला कर बनाया जाता है और है। यह मुद्रा तारापूजाम प्रगान बोतलमें हवाके जोरसे बंद करके रखा जाता है। यह ____ अन्य प्रकार-तर्जनी, म०पमा और अनामिकाको पाचक माना गया है। समान भावगे नीचेको ओर पहागुलिसे अना. ले मर ( २० पु०) एक प्रकारका जंतु । यह पेडों पर रहता। मिका पकड़े और कनिष्ठाको सरलभावमें रखे । इनोका है और फल, फूल, अ फुर, पत्ति, अडे यौर कीडे नाम ले लिदान-मुद्रा है। यह मुदा जीवन्यासमे विशेष मकोडे खाता है। इसकी आकृति वंदरोंसे मिलती जुलती प्रशस्त है। है। इसकी अनेक जातियां हैं जो अफ्रिका और पूर्वीय लेल्य ( म० ति० ) गाढ सालम, मच्छी तरह लिपटा टापुओं फिलिपाइन और सिलीचोङ तक मिलती हैं। हुआ। इनके सिवा इसकी एक और जाति है जिसे पूछ नही लेव (हिं पु०) १ गच्छी तरह घुली हुई मिट्टी या पीसी होती और जो मलया, वोर्नियो, सुमाता आदिमें पाई हुई थोपधियां जो किसी स्थान पर लगाई जाय। जाती है। २ दीवार पर लगाने का गिलावा, करगिल । ३ मिट्टी लेमरो-निम्न ब्रह्म के अन्तर्गत एक नदी । आराकान आदिका लेप जो डो या और रतनी पेंदी पर प्रदेशके उत्तर जो रोलमाला है उसीसे यह निकलता नाग पर चढाने से पहले किया जाता है। ऐसा करनेसे है। पर्वतसे निकलने पर इसमें अनेक छोटी छोटी नदियां वरतनको पेंदी जलने नही पानी । ४ लेया देखो। मिला कर गई हैं। पीछे यह नाना माग्वा प्रशाखाओं में , लेवक (हिं० पु० एकप्रकारका वृक्ष । इमझी लाडो विगत हो कर समुहमे गिरती है। इमारतके काममेशाती है। ले ग्योत् ह्रा-ब्रह्मराज्यके इरावती विभागके अन्तर्गत लेवडो (हि.पु.) लेपा, लेव। वेसिन जिलेका एक नगर। यह अक्षा० १७३४५०" लेवा (हिं पु० ) १ गिलावा । २ मिट्टीका गिलावा, उ० तथा देशा० १५१३४०पू०के मध्य वेसिन वा कहगिल । ३ नावको पेदोका वह तस्ता जो सिरेसे डगा नदी तट पर अवस्थित है। नदीमें जव वाढ़ आती । पतवार तक लगाया जाता है। ४ लेप। ५ पानीका