पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/४००

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लोह steel ) बनाने में जो प्रथा काममें राइ जाती है उसे डन द्वारा यार वार चाप देनेसे तथा आवश्यक्तानुसार Ressemer process कहते हैं। स्वीडेन आदि पाश्चात्य | बहुत देर तक आच देते रहनेसे यह घोल विशेषरूपस देशों में प्राय उसी प्रथासे इस्पात धनाया जाता है। परिषरत हो जाता है। कितु प्रेट ब्रिटेन राज्यके विभिन्न स्थानों में विशेषत ___ जय यह उत्तप्त और दीभूत लोहधातु प्राय सम्पूर्ण सेफिरड नगरके प्रसिद्ध लोहेके कारखानेमें निस रूपसे कार्वाणविमुक्त ( D.earbonized) होती है, तब उपायसे इस्पात तैयार किया जाता है, यह ऊपर लिखी। उस पावस्थ नालोका टायोल देनेसे तरल इस्पात बड़ी प्रणा से एक्दम भिन है। तेजोसे बाहर आ कर तरस्थ Ladle नामक पातमें ___ मेफिल्मको दुरी केची (Cutlery ) प्रस्तुत करनेके , गिरता है। उम पात्र मातीचे तरल इस्पात गिरनेका उपयोगी इस्गत बनानेकी प्रणालो वनुत कठिन और छेद है। तर इम्पानमे पूर्ण उस लेडलको पीछे हिला पहुष्ययमाध्य है, यह जान पर इस देशके लोहारोंने पर साचे (Cast iron ingr t moulds ) के ऊपर ले कारखानों में काम करना छोड़ दिया है। यहा 'पिग आय | पाते हैं। यद्दा छेदका मुह खोल देनेसे इस्पात जल रन' पनानेके लिये एक बालोडन वा प्रतिपातकारी चूल्हा | स्रोतको तरह उस साने में गिरता है । ठढा होने पर ( reverberatory furnace ) रहता है। उम चूल्हेकी Nasmy th hammer नामक थोडे से उसकी पोट लेते गोसे काट आयरन गल र नरपथसे चालित हो हैं। इम प्रकार विभिन्न आकारके इस्पातका पत्तर बना Converter या Bessemer vessel नामक पात्रमें जमा कर वाजारमें विनया भेजे जाते हैं। होता है। वोडेर और माद्वाज के वेपुर कारणाने में उस उपरोक्त अगरेजी प्रधासे लोहा गलाने में परे प्रकारको चुली नहीं है। उन दोनों स्थानों में लाए चूहेकी आवश्पाता होती है। इमर्म अनेक प्रकार फारममसे मस्त रोह धातु गर र हत्येके जैसे | की अमुविधाए तथा पडीया एर्च बहुत ज्यादा पात्र विशेषम (Ordinary foundts Indle) परि देख कर यहाके कारग्नानों में अगरेनी प्रथासे आय चालिन होता है । पोछे घूमते हुए उत्तोलक यन्त्र लोहा गलाया नहीं जाता । १८३३ इ०में दक्षिण ( travellm, crane) की महायतास यह लौहपूर्ण मारय सलेम जिरे पोरनभो नारमें तथा मन इत्या ऊपर उठ कर भरर नामक पात्रमें द्रवलीड वारष किनारे बेपुर नामक स्थानमें कारखाने पोले गये। दाल देता है। दोनों में विशेषता यह है, कि मनरेजी। सलेमके कारखानेसे पिग् आयत्नको गला कर इसलैण्ड प्रथासे रक्षिन नमश्र पात्र चादण्डके ऊपर ( arles )| भेजा जाता था। पाछे उसे इस्पातम ला वर अधिर रखा रहता है, इच्छानुमार यह घुमाया जा सकता है। मोरमें येचने थे। उसा इस्पातसे निसानिया और मोनाइ कितु इस देश और स्वीडेनके उत कनभरर एक नगह | का पुल बनाया गया था। वेपुरके पारवाने में पदिया स्थिरभाव रखे रहते हैं तथा उसके चारों ओर अग्नि इस्रात तैयार हुआ था सहो पर बाहुण्ययसाध्य तथा कुछ उत्तापके साथ grचूर्ण (Tireclay sand और pul | लाभ न होनके कारण हा उक्त प्रयास इस्पात तैयार Hernzed english fire bricks ) आदिका प्रलेप दिया। परना घद कर दिया गया। १८५५६०में वीरभूम थायरन जाता है। इसके बाद यायलरमे करीव ५० पौएड याप्प पर्वसं कम्पनीले कार्य आरम्भ किया । १८५७ हम कुमायू उठा कर उम गरित धातुके प्रति वर्गच्च म्यानमे ६॥ से में और १८७१ इ०में इन्दोरराज्यके अन्तात वारवाई प्राम पौण्ड चाप दिया जाता है। कनभर रमे चायुरिता में पर लोहेका कारखाना खोला गया था। १८८० १०फे डनक लिये पौन इच ध्यासयुक्त ११ नाली ( Tuyeres)/ किमी ममप पञ्जार प्रदेके सिग्मूर राज्यके अन्तर्गत उक्त पात्रके नीचे पढे चलमें रहती हैं । उस पातक नाहुन नगरमें एक कारखाना स्थापित हुथा। कुछ दिन टोलको नाम करने में मालानिन या दूसरे किसी धातु चालू रहना वाद परिचालकॉन अधिक वर्ग इस पर मिश्रणको आवश्यकता नहीं होता। फेवल यात्या साता उसे यद कर दिया Vol xx 102