पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/४२१

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वंशवाटो देव इस अपीलके खर्च वर्ग के लिये रुपये सग्रह अरने मन्दिरगानमे एक प्रस्तर फलक पर निम्नलिखित श्लोक लगे। इस उद्देशले वे काणीधाम भी गये थे। वहां लिखा है :- धार्मिक-योगपथावलम्वी संन्यासियोंके साथ मिल कर "अाशाचलेन्दुसम्पूर्ण शाम श्रीमत् स्वयम्भवा । उनकी बुद्धि विलकुट पलट गई। अब वे उन साधुओंको रेज तत् श्रीरहञ्च श्रीनृसिंहदेवदत्ततः॥" सहायतासे योगमार्गमें शनैः शनैः उन्नति लाभ करने, नृसिंहदेव सरल और फारसी नापाके सुपण्डित थे। लगे। उन्होंने सोचा, कि विलायतमे अपील करनेसे चित्र और सद्गीतविद्यामें भी उनकी असाधारण निपुणता वहुत खर्च पडेगा, पीछे उसका फल क्या होगा वह भी थी। वे धर्मविषयक अनेक सुन्दर सङ्गीत रच गये हैं। अनिश्चित है। जो असं जमा हो चुका है, उससे यदि म राजा नृसिंहदेवकी पत्नी रानी शङ्करीने सुविख्यात कोई स्थायी कीर्ति-मन्दिर वनवाया जाय, तो अर्थाका हंसेश्वरी मन्दिरकी १८१४ ई०मे प्रतिष्ठा को। उस सहाय होगा। यह मोच कर वे चक्रभेदप्रणालोसे मन्दिरके एक प्रमतरफल में निन्नलिखित श्लोक लिखे हैं:- ह सेश्वरी मन्दिर बनवानेका आयोजन करने लगे। 'शाकाब्दे रसहिमेत्रगयिते श्रीमन्दिर मन्दिर मोक्षदारचतुर्दशवरसम हसेश्वरी राजित । मन्दिरका निर्माण कार्य थारम्भ हुआ सहो, पर वे उसे भूपालेन नृसिंढेवकृतिनारब्ध तदाजानुगा 'समाप्त न कर सके । १८०२ ई० में वे इस लोकसे चल बसे। तत्पत्नी गुरुपादपद्मनिरता श्रीगदरी निर्ममे ॥ १७८८ ई०में उन्होंने स्वयम्भवाका मन्दिर बनवाया था। (शकान्दा १७३६) .. ... हसेश्वरी मन्दिर। हंसेश्वरी मन्दिर बङ्गालकी एक उत्कृष्ट कीति है। की ओर ध्यान दौड़ा। वह सबोंको संतान की तरह प्यार नाना स्थानारे अनेक यात्री इस देवमूर्त्तिके दर्शन करने ' करती थी । प्रजा भी उनके मधुर व्यवहारसे सन्तुष्ट रहनी आते है। एक त्रिकोण यन्त्रके ऊपर देवादिदेव सो रहे थी। वे लोग 'रानी मा'का नाम स्मरण किये बिना जल हैं। उनके नाभिकुण्डले प्रस्फुटिन पद्म निकला है। दारु-: ग्रहण नहीं करते थे। रानोमाता सामान्य चाल चलनको मयी देवी मूनि हंसेश्वगे उसके ऊपर विराजित हैं।। पक्षपाती थी। पुत्र कैलासदेव शौकीनी और विलासिता इसको बनावट जनसाधारणकी दृष्टिको आकर्षण दिलकुल देखना नहीं चाहती थी। ऋणी व्यक्तिको वे करती है। खुले हायसे दान देती थी। पूजा-पार्वन आदिमे विशेषतः स्वामीको मृत्युके वाद रानी शङ्करीका वै पयिक कार्य दोलयात्राके समय वे वनालले पण्डितों को निमन्त्रण