पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/४२४

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वशीरदनदाम-यक ४२६ 34 ५शोरदनदास-पय गाला धेर पदफचा। राय (स.पु०) यानमिति घा भावेघ । १ मारमा पिताका नाम एमोडी महोपाध्याय या । सोही घाति गठनोति बार-गमन क । २वायु । २ पाण। पाटयम रहते थे। पाहे ये मदियाफ पुलियापहार पर, ४ यात्। ५ मत्रिण। ६ पल्याण । ७ वमति घन्ता। मार बस गये । १९१६ त्रास पूणिमाशे ८थरणारय, समुद्र ।। गाई। १० वरन । ११ पास, दमी पुगियापहार पर यगोदामका जाममा। जर में उत्पन होनाले पद । १२ चन्दा। १. वाण । गीीय वैष्णर समानमें सादाम धोरण अर | १४ मेरकी, कोका फर। १५ अत्रा १६ पर गवारी मारमाने जाते हैं। पुलियापदाद पर होन 'माणयाम', पप१७मया नाम रता। १८गया १६ मय। विपी प्रतिष्ठा की। पोछे पिताममें आ पर यस २० कलासे उत्पन ध्वनि । त्रि) २१ बयान । गये। विचमाम महावार्य य शायदा शाति है। य (फा० अव्य.) और स राजाश रहम। महामभु सन्यिासमण वाद घाशापदनने उ वा (स.पु०) स्वनामप्रसिद्ध नलसिनातिविरार दिन नयदापके गौरादमवनर्म दास दिया था। यदा वगा नाममा पक्षा। अगरेजो से Arden in ! 'दीपारिता' नाम पर छोराय लिया। पदन है। यह नामे मउरा पा कर अपना पेट इन दो पुत्र थे चैतन्य और नित्यानन्द । चैतन्य भरता है। पुर राम और शीन्दन प्रसिद्ध पदरता । चीनन्दनन "गौराहयिनय" नाम पर काव्य गी। लिया। पशायदन मा-पोट सक्षितमार व्यारपरी। टासा तथा Vाय टाकाफ रचयिता। यशाचादर (म० पु.) शुपिरष त पादानभिप, रद जो | पूब गच्या या बनाना जानता। मीयादा (1.पु.) यो बनाना। पोय (त्रि.) यशन फुल्में उत्पन। पशोभया (10 ग्रा०) पमरोबरा, यमगेन । २ दास काश मगम्ता पेट या 47 पदेपा नाम राम पन्य (नि.) यशे भव । यश (दिगादभ्या या धारणने यायायरामारा था। ४ग राक्षस निम पा ४३५४) नि यत् । १ सद मात भरपुरमें उत्पन्न, मोमन मारा था। ५पुर। ६ यशाम। मम्मान। पर्याव-पुण्य, याय। २यन कुटमें। ०६ारम्यगति प पर शपि। ८ राजाका नाम। सपना (प.) यापयविशेष, पाटा रोटा पर पानि नाम । 'पशेष रिय पारदमें दया । ४ गोविशेष पहलकानो मापन -काश्मीर पर गानक पिसाशा नाम पायरोटके समान होती है। सदर गोमिहिरपुर । मिहिरपुरगृन्युर बाद कामार मिता कहा। मापर या 28 व पानर शादादिमा वाद पमा (.पु.) र माट। याति प्रमरररियाना पिता पदिय (स.नि.) बन प्रयुत समय प्रज्ञाको नोगमा पा उमाप्रमान aru (मासिक) ममिप, मधिः। पाप पर मर गा| रायम्म धीर पाप पर 4 (R. Ro) र पोपमा ,पेसा। याग्नि एमाग पर नाम निशाना प(म.मी. पाक गानदिमा पा भीर पश्यतीना मा पार पाशम २याणाशा गामा ए मगर दमाया था या १३ दिन No. 1100 H पका