पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/४३

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रोम-साम्राज्य ४० बंध गगे। इधर किलेको फौजोंकी विश्वामघातकनामे फर विभिन्न स्थानोंडी फोजीको एकल कर पर्वत परि. टेरएटम नगर रोगनों में अधिकारमै माया | फावियसके । वृत हिचाई नामक म्यानमें दृढताके साथ पेमा खडा रणकौशलसे रोमक वारम्बार रुतमार्या होने लगे। हानि कर ४ वर्ष तक विश्राम करता रहा। इस बार प्युनिक चलने अब सामने युद्धमे विपदको आगाहा जान नगर युद्धका रद न बदल गया। अफ्रिका और स्पेनमें युद्ध आदिको लूटते हुए दक्षिण इटलीमे ग्वे में पडा किये और होने लगे ! पहले कहा गया कि मिपियोने (२११०. हासन कके साहाय्यको प्रत्याशाम दिन गिनने लगे! के पूर्व ) स्वेनमे प्राण त्याग किया। उम्मका सुप्रसिद्ध इसी तरह ईनाके २०७ वर्षा पूर्व उटलोमे प्युनिक युद्धका पुत्र मिपिओ इग समय जबान हो कर तरुणाई में ही अन्द हुआ।

शो वीर्य में आश्चयां हो उठा।

दोनों सिपिओंकी मृत्युके बाद हासा बल, नेजीमे' युद्धका तीसरा या भन्निग समग (२०६००१ ई०पी ) भाईकी सहायता के लिये इटली की ओर चला। ईमाके रोमवामी उम्मको देवताका पुत्र कह कर २०७ वर्ष पहले वह अल्पस पर्वतको पार कर इरलोकी सम्बोधित करने थे और इसके सम्बन्धमें उनके मसमभूमिमे उतरा। इस वर्ष क्लाडियस निगे और एम मनमे भी ऐसी ही धारणा थी, कि देवता उसको लिभियम कन्सल नियत हुए। निरो दक्षिण टटलीने सारे कार्यो में सालाह दिया करने है । इसके वादका हानिवल पर आक्रमण करने चला और लिमियम दास रोम-इनिहारा इराकी उज्ज्वल कीर्तिसे चमक रहो टवलकी गति रोध करने के लिये आरिमिनियमी और है। ईगाके २१८ वर्ष पहले रिगिनाशके भीषण गर्म चला। गल हासन बलकी सहायता करने लगे। यह। उसने अपनी सत्रह वर्ष की आयमें हो पिताको प्राण- देख निरो यहाका आक्रमण छोड कर हासह वल की ओर । रला की थी। कानि के युद्धक्षेत्र में भी उमने ट्रिब्यून के ७००० फौजों को ले कर चला । यह बात हानियलको रूपमें रड किया था। इस समय वह अपियास रोडि. मालूम न होने पाई । सात दिनोंमे २५० मीलका पथ तय' यसा साथ स्पेनमें मौन्यपरिचालन करने लगे। इस दार लिभियसके साथ निरो मिल गया । कार्थे जिय समय प्रोकतालका पद ग्पाली देन २४ वर्षकी अवस्थामें भी इन दोनों के आनेकी वात जानने थे । एक दिन विधाम मिपिओ उत्त पटके प्राशी हुआ। ईगाके २१० वर्ग पहले कर दानों कन्सल-युद्ध करने के लिये आगे बढे । तुमुल- वह स्पेनमे ना उपस्थित हुआ । सिपिओने नगरा- युद्ध होने लगा हासह बल अद्भुत रणकौशलसे युद्ध : धिकार कर कैरियों के प्रति सद्व्यवहार किया। उसका फरने लगा। भीमकार्मा हासट बलके अति सद्भुत वीरत्व और सदष्यवहार देग स्पेनके सरदारों ने और भार युद्धमें सहन सहस्र रोमक धराशायी होने कार्थेजका पक्ष छोड कर उसका पक्ष प्रहण किया। लगे। पीछे हताश हो जयको आशा छोड हासद वलने । इसके बाद मएडोनियस और इण्डिविलिस नामक दो वातास कारने मारते हुए अपने प्राण दे दिये । उसको प्रकाण्ड राजाओ ने सिपियों का आश्रय ग्रहण कर पीठ पर अत्रका एक भी चिन्ह न था। कन्सल नीरो लड़ाई करना आरम्भ किया। स्पेनके सभी अधिवासी हासह वलका कटा शिर ले कर हानिवल के ग्वेमेकी ओर रोमकी जयध्वनि कर मिपिभोको शरणमें आये। वे ससैन्य चला। नीरोने वहा पहुँच कटे हुए शिरको सिपिओके चीरत्व तथा सव्यवहारसे मुग्ध हो गये। हानिचलके ग्वेमेमे फेक दिया। अब हानिवल को अपने सिपिओ अब अफ्रिकाके कायजियोंकी पराजयकी सहोदरकी मृत्यु पर वडा शोक हुआ। उसने कहा चिन्ता करने लगा। गीत्र ही उसने वहां जा कर था-"मैं जानता हूं, कि कार्थेजका दुर्भाग्य अब निकट न्यूमिडियाके राजाभोसे सदभाव स्थापित किया । सिपियोको आकारसदृश प्रानता और बुद्धिमत्चासे मेटोरसके युद्ध में रोमक फिर इटली पर कायम हुए। मुग्ध हो कर सभी मित्रतासूत्र में बंध गये । सिपिओ हानियल सम्मुन्न युद्ध तथा स्वदेश जाना असम्म समझ (ईसाके २०६ वर्ष पूर्ण ) राममें जा कर कन्सल-पद प्राप्त