पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/४४६

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मेदितापुर योगडा वन्देश ४५१ पुर युद्धारमानमें टागालकी सीमा परिवद्धित हु। निता अगरेज गमेण्टने गगालको प्रेसिडे सोभा पर | (४)नदीया हानगर (५) जशोर नमोर अगरेजाघिरत यह बंगाल राज्य क्रमाने एक प्रसि (६) मुर्शिदाबाद परमपुर हे सीये पर्म निगन हो गया। सिर्फ ग गा तथा व्रहा ___ -बद्ध मान विभाग- पुत्र प्रवाहित समस्त मरवादिका प्रदेश ही नहीं, कि | (१) चमान पर्दमा सि धुनदफ ममप्र अपवाहिका प्रदेश तथा उसने हिना | (0) वाकुडा वाडा रय पृष्ठम्य शाखा प्रशाखा घ्याप्त स्थानोंको भी रेकर (३) वीरभूम निवडी यह विमागसगठित हुआ। तात्श्य यह, कि विध्यपवत । (४) मेदिनीपुर मालाफे उत्तर दिगपत्ती प्रायः समग्र मार्यारत भूमि वगाल (५) हुगली हुगली प्रेसिडे सीके अन्तभुस सुइयो। गाल पोसिडे सीके (६) हवडा हवड़ा इस विभाग सम्बयम अव फेवल क्यानो हा शेष है। ३-राजसाही विभाग- जिन पाच सुगृहत् प्रदेशीको ले कर गाठ नमिडेसी (१) रानसादी तमपुर वोमालिया सगठित हुइ थी, ये पाचों प्रदेश प्रमश निधि यिमि । (२) योगडा नासनदर्ताक अधीन हुए। जितु मोंक ऊपर। । (३) पधना पाना भारत राज प्रतिनिधि च पर दिये गये ।। (४) मालदह अगरेज बाजार यगार प्रेसिडे सा इस ऐतिहासिम विभाग सग। (५) रगपुर रगपुर ठित होनेके दात पीछे अर्थात् १८५१ १०८ मध्यप्रदेश (६) दिशाजपुर दिनापुर एक स्वत व शासन विभाग गठित हुआ था। जितु नो । (७) जपाइगोडा जरपारगोडी थगार गासियोंको जन्मभूमि है जो ग गा तथा ग्रहा (८) दानिलिङ्ग दानिरिग पुती उपत्यका रे दर प्रधानत गनित है चदी अग ४-दाश विमाग- रज राजकीय दपतरमें निम्न घग ( I over Ben,al ) (१) ढाका ढाका पनामस वर्णित है। (0)परादपुर परोधपुर पररका विभाग और मा| (३) वारगर वारिहाल नामनकार्य चलाने के न्येि घगदे पाच विभागों | (४) मेमनसिंह ममामिद ( DICTsion ) में पिमर है, रि निभाग निलों में ५-चट्टग्राम विभाग- विभक्त है । प्ररपेक जिलेका नासन भार यहाक क्लयर। (१) नमाम चहमाम मजिस्ट्रेटके ऊपर भनित है। उन कृरीर काय | (२) पात्य चहनाम रगामाटी देख रेख करनकरिये प्रत्येक विमागम ए ए मिना (३) नयावाला सुधाराम नियुक्त । नीचे धगदेशक विभागों जिलन और सदरों / (४) लिपुरा कोगिता (itend quarters) के नाम दिये जाने हैं। प्राकृतिक दृश्य । १ मेसिडेसी विभाग- गगालप्रदेशक प्राकृतिक मीन्दयाश पिशप कोई जिला असदार नदी दुमा है। दक्षिण तरंगमधुर (१)कत्ता घगापसागा उत्तार गर्मिमालास सागरसस्तो (२) मोदीम परगना 17Iपुर विधीत कर रहा है। उत्तर दिमार्गर प्रमोय (३)सुला सुनना गमासास समारोहित हो पर मानो पर अभि पदर