पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/४७

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रोप-साम्राज्य ४९ सिरियाको फौजेध्यम हुई। ५३००० मिरीय फौजें । प्रणाली न कायम कर गम अधीन हो किया। उन्होंने हनादन हुई और रामकोंके केवल ४०० सिपाही काम । पार्गामसके राजा युमिन्सको चासोनिज, माइमिया और आये। उपाय न देख अन्तिधोकसने सन्धिको प्रार्थना लिमियाके शासनको वागडोर दे दो और केरियाका की। रोमकी गये हुई-(३) वह उगम पर्वतके अधिक माग रोडियन प्रजातन्त्र के अधीन कर दिया। पश्चिमके मारे प्रदेश रोमकों को प्रदान करेगा अर्थात् वह मनलियस १८७ ईसा पूर्व महासमारोहले राम लीट केवट एशिया माइनसा ही राजा रहेगा। (२) ११ वर्ग । आया। विरयात ऐतिहासिकोंने इन यद्धों की (सुल. के भीतर अन्तिोकस ३५००० रुपया प्रतिपूर्तिस्वरुप तान महमूदको तरह ) केवल धन लूटने का दूसरा पथ रामकों को देगा। (३) उसे सभी रणहस्ती और जली ! कह कर निन्दा की है। जहाज रामकोको देने पड़ेंगे। ( ४ ) हानिवलको कैद कर , । गनिक-निगारियन और स्पेनीय युद्ध ( २०० १७५ ईसा पूर्व) गमकोंके हाथ सौंप देना पड़ेगा। अन्तिओकस ने जिस समय रामक एशिया छोटे छेटे युद्धौ धन- मन्धिगतीको बोकार कर लिया। हानिबल बहासे भाग क्रीन होप पहुचा । यहाँसे वह विथाइनियाको राज समा- । ननां व विशानियाको राजममा- रत्न लूट रहे थे, उस समय पश्चिम युरोपमे उपरोक जातियों में भीषण लडाई चल रही थी। इटलीके उत्तर में जा पहुंचा था। पा नदी के किनारे के लडाई-विशारद गल और ठिगा.. ___पल मिपिओ अतुल धन सम्पनु ले कर महासमा रिओ जातियां हामिलकर नामक अन्य कार्थे जोय रोहसे गेम लौटा। उसके भाईने जैसे अफ्रिका पर विजय करने पर 'अफ्रिकनास-की उपाधि पाई थी, वैमे सेनापतिकी उत्तेजनासे रोम के विरुद्ध अस्त्र धारण हो उसको पशिया जय करने पर "एशियानिकास" को करने पर उतारू हुए थे । २०० वर्ष ईसाक १० गलों ने उपाधि मिली। इसके बाद विद्रोही इटोलियमोंको दण्ड रोमाधिकृत प्लासण्टिया और तत्सन्निहित कई स्थान देने में रोमक अग्रसर हुए। ईसाके १८६ वर्ष पूर्वा लूटते हुए लड़ाईको घापणा को। कानल फलवियस नोविलिमोने यूनान जा कर वहाके सिपिओ द्वारा अधिकृत स्पेन देशमे राम को शासन- प्रसिद्ध नगर पम्नशिया पर अधिकार कर लिया। इटो प्रथा कायम हो गई थी। स्पेन देश दो भागों में विभक्त लियोंने निरुपाय हो कर सन्धिकी प्रार्थना की । सन्धि हा कर दे रामक-प्रिटर या मजिष्ट्रेट द्वारा शासित होता नसार अपनी स्वाधीनता खा कर सब तरहसे राम था। किन्तु उत्तर और पश्चिममे अनेक युद्धप्रिय जातियों के अधीन हुए। इटालियनोंने युद्धकी क्षतिस्वरूप ५०० ने उस समय भी रामका अधीनता स्वीकार नहीं का को दिये। इस तरह प्रसिद्ध इटालियन थी। मध्य म्पेनके कल्डिवेरियम पुत्तगालके लिउसेटे- लीगी समताका हास हुआ। नोचिलिमाके सहयोगी नियन और केटिवियन तथा गलेगियन स्वतन्त्रभावसे इन्सल मानलियस भलसा इस समय एशिया माइनरके राज करते थे । रोमकोंने शान्ति स्थापन के लिये पराक्रान्त सनिकटक राज्यामि शान्ति स्थापन करने के लिये सेनेट। चार दल सैनिक गममे सुरक्षित रखे थे और इसके खर्च दाग भेजा गया था। किन्तु उसके हृदयमें विजिगया। चलाने के लिये अविवासियोंके सबसे पहले कर वसल और अर्थलालसा बलवती हो उठी थी। इसलिये सेनेटकं | करनेकी प्रथा चलाई गई । रोमक शासन स्पेनमे स्थायि आदेशकी अपेक्षा न कर उसने गलेशियोंके साथ युद्ध भाव वद्धमूल हो रहा है, यह देख कर वहांके अधिवासी घोषणा कर दी। उसने पहले किसी कन्सलने विना विद्रोही हो उठे। कन्सल एम पे.सियस केटो विद्रोह संनंट को आनाम किसी के माय युद्ध किया न था। दमन करने के लिये स्पेन भेजे गये । यह १६५ ई०के पृ०को मनालयमने अतुल विक्रमके साथ गर्लनियनोंका हरा घटना है। सारे देशने रोमके विरुद्ध अस्त्रधारण किया, कर बहुन बनग्न हाथ किया । किन्तु रोमाने उस किन्तु केटोकी शासनकुलशता और रणनिपुणतास फिर समय एशिया के जीत हुप देशोंमे काई मुख्य शासन- रामक शासन हद हुआ।