पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/६१

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गेम-साम्राज्य ईमासे ८७ वर्ग पूर्व मित्रा और अक्टेरियम मिलअपटेरियन मारे गये। विपियोंके निपानमे रोमका नियुक्त हुप | इसके बाद ही माठा इम बांके, प्रारम्भ गजपथ ग गया । इस मयावद हन्यामागम गमने ही पशिया चला। भोपण मृति धारण कर ली थी । दम दार शत्र अन्य महाने विजय पाई सहो, किन्तु उमने रोमनमा रोमनगर गयास के पक्षवादाने उसको नानी बार विशेष लामवान् न हुई । उमने देखा, कि जो मज: सन्म पद पर नियुन क्यिा ! मिनु पृछ मतादक कीय नेताओके अनुमोदनसे होता था। वह अद फौजों । मिया वह मका आनन्द न ले साना सवा की तलवारके वलसे ही सम्पन्न हो जाता है ! फौज भी , पूर्व के प्रारम्भमें ही वह म संसारमै चट बना । इसके अपने नेताओंके हुमके सिवा दसरा काय नहीं करती बाद मिन्नाके नं.न वर्ष तक गेमका शान्ति माय थी । सल्लाके रोम त्याग करने के बाद ही कन्लल सिन्नाः ' जानन करने पर भी वाम्दाधिक पसे गेगा शासन सालपिसियस के प्रस्ताविक ३५सातियोंमे समभावसे सम्बन्धीय उन्नतिपय बिल गुल कक गए। यह सटा निर्वाचनाधिकार विधि प्रचालन करने पर उनान हुप, सलाके याने मयमे उस सना भा । मोलिप जो सारे नरे नागरिक इस विषय पर मत या बोट देनेके ईसा पूर्व जन्मल भालवितम पटाकान मालाको लिये फोरम सामने उपस्थित हुए थे, उनको सिन्नाके नीचा दिनाने के लिए भेजा गया। किन्तु दुर्भाग्यम प्रतियोगी अन्टेवियसने मार डाला । मिन्ना भाग गया। ' निकोमिडिया ग्यानमे वह अपने संच द्वारा मार रोमक लिजन में जाकर रहने लगा। सेनेटने उसको फिर, डाला गया। कन्सल पद पर प्रतिष्टित किया। उसने पनियाकी प्रथम मबिटिर यु (८८८४ गान ) सेनाओंको प्रजाके स्वाधिकार नष्ट होनेकी बात कह यामागर के किनारे के पनिया-माइनरके बीच मिथि- कर उत्तेजित किया । देखने देखते सहन सहन्न व्यनि डेटिमा समृदगाली गय था। पूर्व मिथिदेटिसको उसके अनुयायी बन गये । निकटका इटली सम्प्रदाय गुनहत्या बाद में मिथिडेटिसने १ वर्षकी अवस्या इस नागरिक हत्या पर बहुत अब्ध हुआ था। यह भी , में ही राजसिंहासन लाम किया। यद्द गरन और शास्त्र सिन्नाले दलमें शामिल हुया और धनजनकी पूरी मदद । विग्यान पण्टिन था। २५ विभिन्न भाषाओंदा बद करने लगा। उधर सल्ला अदयाने गेमसे मागे । जानकार था। यह धीरे धीरे अपने गयको सीमा मेरायाम एक सहन न्यूमिडिया घुडमबार ले कर उद्रे बहाने लगा। मो ममय रे निकोमिडेमकी मृत्यु ग्यिास पहचा। वहां उसके दल के लोगाने उसके दलमे होने वाद निकोमिडेमगजगहो पर बेटा। किन्तु भती हा कर उसका बल बढ़ाया। अकालमै ही उनने मिबिटिमो यह मजर न थामस इमने एकदम सहस्त्र सेना लेर निकिउलमको घेर लिया और आदमोशी राजगह देनदे लिये उसने पक सत्य भेजा। पोछे रोमके प्रवेशद्वारके सामने सिन्नाके माय मिल ससे डर र यहाँका बालक राज छोड कर भाग रोमकी गया। शारणमे चला गया। रोमका माय चमका । रोमकोंक सनेट पहले बुद्धाय प्रस्तुन हुए , किन्तु दुमाग्यवश साहाय्य फिर यह गही पर बैठा और उसने रोमकोंका अधिक समय तक युद्धमे टिक न सका। इसासे पराजित बल पा कर उसने मिथिडेटिम पर आक्रमण कर दिया। होना पड़ा। सिन्नाको फिर कन्सल पद मिला और राज : किन्तु मिथिडेटिसने उनके पानपणका जवाब देते हुए द्रोहिताके लिए नियालित मेगयास फिर बुलाया गया। उसको पराजित किया और विद्याइनियासे उसे भगा उस समय सिन्ता और मेरायास ससौन्य रोमनगरम दिया। इसके बाद उसने फ्रिजिया और गलेसिया पर याये। अधिकार कर एगियाके रोमक प्रदेश पर आक्रमण किया। मेरायाराने नगरमें प्रवेश कर अपनी प्रतिदिमा | फन्मल एकुइलाम मिथिडेटिप्लके हाथ कैद हुआ। पिपामा शान्त की। प्रसिद्ध वाग्मी मारटोनियस और इसके बाद मिथिडेटिसने पार्गामास पर अधिकार कर