पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/६३

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


राम-साम्राज्य इस लोक भयडा नृशंस काळक ममत्र सल्ला रोगका नामक गर योमियन गुलाम युद्धमे केंदळे झपमें पकडा डिकेटर या सा भीम म्यामी हुआ। कन्सलका निर्वाचन : जाकर फापुगके अन्य क्रीडागारमें IGladi itoric लुन हुआ, किन्नु रोम में सल्टाका यथेच्छाचार शासन trauring echool ) शिक्षित हो रहा था। अम्फा-थिये- प्रचलिन होता देख ईसाये ८० वर्ग पूर्वा दो नहल नियन, टग्में यह अस्त्रकीटक भापमम एक दुसरेको वध कर हुए। किन्तु महा अनिर्दिष्ट काल के लिये डिटर , गेमक दर्शकोंकी नोणित-पिपासा दृर किया करता था। हुआ। शाम रोमने प्रनातन्त्र-शासन यन्त हुआ हमारे ७३ वर्ग पृ० स्पाट काम • अन्नकोडों के साथ और म्यजिगत गयेच्छाचारकी प्रतिष्ठा हुई । ईसाके व्यायाम घरसे भाग कई नीरों को ले कर विमुवियास ५८ वर्ग पूर्ण ६० को अन्यामे गलाकी मृत्यु हुई। पर्यंत पर जा पहुंचा और अपने दलकी पुष्टि करने लगा। सल्लाकी श्रानाने उमदी शवदेह पन्यास मणियाम । वहुनेरे बस्नकोडक या पेलाडी और गुटाम मीन दी नाम स्थान जलाई गई। उसकी बनाई एक कविता । स्पाट कामरे इलमे मिल गये। दो वांके भीतर स्पार्टा. उलवे म्मृतिम्तम्भमे खोदी गई थी। उसका मर्म इम। कासने ७० हजार मैन्य एपन्न कर समूचे इटली पर अधि. तरह है.-"मित्रका उपकार और शव का अपवार सल्ला , कार कर लिया। यदरमा ७२ वर्ष पूर्वकी घटना है। ने अच्छी तरह नियाहा था।" उसके बलाये शारानमे : दोनों जन्मल उमस हार गये। इसके बाद पाटीकास सेनेटका पुनर्गठन प्रादेगिक शासन व्यवस्था और नमचे उरली में लूटपाट मचा दी। लेनेटने दम विपद के फौजदान अदालतका संस्कार उसकी प्रतिमाके परि. समय ( के पूर्व प्रिटरकासासको ६ दल पाया है। ये सब रोममे स्थायी हुए थे। सैनिकका अध्यक्ष बना कर युद्धक्षेत्र में भेजा। लुकानिया- सल्लानी मृत्युकं वाद वारों बोरसे विश्रावटता दिखाई ' के पेटिल्ला नामक स्थानमें स्पार्टाकान के सैन्यके माथ देने लगी। उसने पकोका सर्वनाम पर फीजीको जागीर ' मासास का भयङ्कर युद्धमा । स्पार्टीकास पराजित हुआ दीची। वेसन इस समय उत्तेजित होने लगे । सलाके ' और आपुलियर मारा गया। पकड़े हुए ६ हजार मैनिकों- सहयोगी इमेलियस लेपिडसन तलाके वलाई भासन ' को कापुबाले रोम तक पप दोनो पावों में श्रेणीवद्ध भावस्थाका मृलोच्छेद वरनका सङ्कर किया। विन्तु ' भावसे बडा रानी पर चढ़ा दिये गये। बाकी सैन्य उसमें वह असफल हुआ। वनिक पद्रास्कान विद्रोहियोंक, पपी द्वारा विनष्ट हुआ था। पीछे पापी और काम में साथ मिल कर उसने रोमके विरुद्ध अस्त्र धारण किया। दोनों न्सिल बनाये गये। नियमानुसार वे पदके लिये मला लपटनएट टलसने मालभियान सेतु नामक उपयूक न थे, फिर भी सेनेटने उनको तल नियुक्त स्थानके युद्धम लेपिडसको पराजित किया। मेरायास ' किया। ईसा ३१ वर्ष पूर्व ३१ यों दिसम्बरको पम्पो पक्षी शासनस्ता क्यूना रियासने स्पेन देशमे अपने जयोलान महासमारोहसे रोम पहुंचा। इस के कार्य- प्राधान्य स्थापित करनेकी चेष्टा की । ईसाके ७६ वर्ष , कालसे सलाकी शासन व्यवस्थामे वहन फेरफार हुआ। पी मेटलास उसके विरुद्ध भेजा गया और पराजित इस समय अरेलियासकट्टाले लेक्सने अरेलिया नामक हुआ। अन्तमे वो कन्सल पद प्रतिष्टित कर पम्पी (प्रेट) कानून बनाया। स्पेनमें भेजा गया। माटांग्यिासने कई युद्धोंमे पम्पीको दूसरा मिथिदेटिम युद्ध (१८२० पू०) पराजित किया। दो वर्गके बाद सार्दावियास अपने विद्रोही सल्लाके पगियासे इटलोमे लौट आने के बाद रोमक सैनिक पानी द्वारा गुनमायसे मारा गया। पाानाने सेनाध्यक्ष नरेनाने अटेलाकी मायासे मिथिडेरिसके सोचा था, कि वह पम्पीको पराजित करेगा। किन्तु ' राज्य पर आक्रमण किया था। उसमें मिथिडेटिस पहले ही युद्धमै वह पापी द्वारा पगजित तथा कैट हुआ। रोमक सेनेट मरनाके विरुद्ध अभियोग उपस्थित कर पम्पीन शीत्र ही स्पेन जा कर इटलीकी यात्रा की। इस उसके प्रतिविधानकी आशा करता था; किन्तु उसका समय रोम विषम रिपकी सूचना मिली । स्पार्टाकास' कोई फल नहीं हुआ। वरं मरेनाने उत्तरोत्तर मिथिडेटिस