पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/६५

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रोमन्सामान्य मम यात्रा । मिथिदिसने सन्धिकी | पहले पवित्र यही पुरोहित के सिवा इस मदिरसे कोई हिन्नुम प्रार्थना पर पायाने जरा गे! घुस न सकता था। पपीने हिर्कानासफो पुरोहितके मान नादियाना मिथिडेटिन अर्मेनिया मागा और सिंहासन पर प्रतिष्टित कर अरिष्टवुलसको कैद कर रोम- सापूर्ण पराजित दुश। पीछे सिनो । की यात्रा की। इस समय उसको मिथिडेटिसकी म गन रहर उसने फिर रोन्यस'ग्रह | मृत्य का समाचार मिला। मिथिडेटिस मृत्युंके पररिया। किन्तु सार उनका दामाद टारग्रेनसने पहले विराट सैन्य दल संगठन कर हाानवलकी तरह मायनानयो। मिथिडेटिस मंन्य के साथ। इटन्नी आक्रमण संकल्प कर रहा था। इसी समय नियो, अपने राज्य भाग गया। उनकी मृत्यु हो गई। उसके पुत्र फार्नासेसने कुछ पौने उनका पीछान र टाउन नस पर आक्रमण दिनों तक विपक्षता की थी। पीछे उसने वस्फोरसका for नमा पुत्र पितामे बगावत कर पगीकी राजा वन रोमकी अधीनता स्वीकार कर ली और डिओ- दारोगा । नाय ही अनिय सभी नगरवासियो । टेरस, गेलेशिया और शरिओ वाजेनस कापोडोकियाका नमीमी ग्रीनना बीमार कर ली। निरूपाय हो कर वरद राजा बना! पम्पीने जीते हुए देशोंमे ३६ नये नगर पन्सने पाणी सामने आत्मसमर्पण किया। पम्पी प्रतिष्ठित किये । इसी समय रोमकी पूरी सीमा दूर तक ने उस मास मद्यवहार कर ६००० टेलेएट ले कर फैली। को नरागदाची बार करना चाहा । सिरिया, रोमके वाहरी प्रदेशों में रोमको विजय वैजयन्ती फेह- जिनीरिया, मिलिगिया और कापाडोकिया रोमके अघि राने पर भी विशेष कोई उन्नति नहीं हो सकी। गेवियन पास आया। पपीने इसके बाद मिथिदेटिसके वियत और मानिलियन कानूनों द्वारा सेनेट की क्षमता कम हो याला ही दमे वास्वरिमन और अल्बेनियनों के साथ गई थी। प्रजा अपनी अवनति देख कासेसको मुखापेक्षी सहा युनाया। दोनों जानियों ने उनकी वश्यता हुई। साधारण पक्षके मध्य रोमम जुलियस सीजरकी ris लो (६,इसके पूर्व)। किन्तु मिथिडे प्रतिभा घ्याप्त हुई। वह रोममें प्रधानता लाभ कर गौरवं. दिमा मनुसरण पाध्य समभ फिर लौट कर उसने पथ पर चढ़ने लगा। उसने ईसाके १०० वर्ष पूर्व जन्म गदान गरम शासन कायम किया। इसके बाद पम्पी लिया। यह पम्पोसे व छोटा था। उसके चाचाकी निस्किारान्य मावशेषमे जो सर म्वाधान राज्य पुती जुलिया के साथ विख्यात मेरायासका विवाह हुआ। मन या, उस पर अधिकार करने लगा। यन्ति : सीजरने अपने सिन्नाकी कन्या कनिलियाके साथ विवाह imशयाटियस राज्यनयुत हुमा और उसका किया था। म न ल तरह मारा सिग्यिा और ! मा तत्सामयिक इतिहाम (६६.६१ १० पूर्व ) मन मा रोमक शासन प्रतिष्टित र मल्लाने लोजरको प्रतिमा देख कर कहा था, कि 13 :) पनी फिनिरिया और पलेरवाइन' एक दिन हम नये सम्प्रदायका प्राधान्य इस बालक द्वारा गा । इसमय हिसानाम भी अरिष्टा ही दास होगा। मोजरने वक्तृताशक्ति में भी बहुत HTTART रेष्टाइन र पुगेदिन टोनों नग्पति युद्धौ प्रमिद्धि प्राप्त की थी। उसने रोडमके अलफारिकोंसे FREE पाक नानका पक्ष लेने से अरिछा- शिक्षा काम की थी। सापलोनियमने उनकी आराधना समानदा रिया। किन्तु राजा' की थी। मेराबासक पक्षमा पुनः जीवित करना ही नने पर मो बजेटमयानो रदी प्रजाने मोजर का उद्देश्य मा। अपने व्यवहारसे वह मर्वसाधा- finitiira ! तीन मानक के रणका प्रियपात्र हो उठा था। साके ६८वर्ष पूर्व उसने HTR पीने दम पवित ' कोयेप्रका पद प्राप्त किया। किन्त इसो समय उमकी • feri ' . . . . ) प्रवरिया। इम। पवी कानिलिया और मेरायामको विधवा पती जुलिया