पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/६७

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रोम-साम्राज्य विशाल सैन्य सुशिक्षित करने लगा। जिन गोंने एक। हरा कर रोममे वह लौट आया। सीजर इसी समय दिन इटलीका बहुत अनिष्ट किया था, उन गलीका वह वृटेन पर आक्रमण करनेका सङ्कल्प कर कैटके निकट दमन करनेकी बात सोचने लगा। वत्ती इटियास नामक स्थानमें जहाज पर चढ कर साउथ उक्त त्रयम्बीर समिति या द्रायन्मरेटके बुलाने पर फोरलैण्ड नामक स्थानमे उतरा । वृटेन भीम-पराक्रमसे सिसिरो उनके दल में सम्मिलित नहीं हुआ। इसलिये यद्ध करके भी पराजित हुए। द्रिव्यून पोक्लडियासने सिसिरोसे शत्रुताचरण करनेको सीजरकी पाचवीं और छठी याता (साके ५४ वर्ष पूर्व )। चेष्टा की। ईमाके ६२ वर्ष पूर्व सीजरको स्त्रोका "वोना इस बार ५ लोजन ले कर सीजर घटेनमें आया । डिया" व्रतोपलक्षमे पुरुपों का आना निषेध रहने पर भी वृटन मिडलसेक्स और एसेक्स प्रदेशके अधिपति केसि- क्लडियास स्त्री वेशमे स्त्री मण्डलीमें घुस गया था। भेलनासको सेनापति बना कर युद्ध करने लगे । वृटेन क्लडियासके अभियोगके सम्बन्धमे सिसिरोकी गवाही फर्ड य द्धों में पराजित हुए। उन्होंने रोमक खेमों पर आक्र देने पर उनके साथ विरोधका कारण उपस्थित हुआ। मण किया सही , किन्तु वे सीजर के साथ यु डमें परा विचारकों के अविचारसे क्लडियसको छुटकारा मिला था जित हो कर भाग गये। किन्तु शीघ्र हो विद्रोही हो कर वडियसने एक कानून बनाया, कि जिसने विना मामला वे स्वाधीनताकी चेष्टा करने लगे और बहुतेरे रोमक चलाये रोमकोंको फांसी दिलवाया है, वह निर्वासित सैनिकोंको उन्होंने मार डाला ! सीजरने सिसाल्पाइन किया जायगा । इसलिये सिसिरो रोम छोड़ कर यूनान गलसे दो दल सैनिक एकत्र कर गलोंको पराजित कर चला गया। यह ईसाके ५८ वर्ग पूर्वको घटना है। इस फिर विद्रोहियोंको अपने बगमें किया। जर्मनोंने गलोंका कार्य में लडियसने त्रयम्वीर समितिको राय नहीं ली। साहाय्य किया था , इससे सोजरने फिर राइन नदी पहले पम्पी द्वारा कैद टाइननसको छोड़ देनेके फलसे पार वार जर्मनों को हराया । गलोंने फिर रोमकों के विरुद्ध पम्पीके साथ उसकी शनु ता उत्पन्न हुई। पम्पीने प्रवलवेगले अस्त्र धारण किया। इसका बदला चुकाने के लिये यह चेष्टा की, कि किसी सीजरकी ७वीं यात्रा ( ईसासे ५२ वर्ष पूर्व )। तरह सिसिरो फिर रोममें बुला लिया जाय। पम्पीकी मनरकामना पूर्ण हुई । सेनेटने उसको बुलान के लिये दूत मर्सिङ्ग टोरिक्स नामक एक प्रसिद्ध वीर गलोंका भेजा और ईश्वर की कृपासे वह एक बार फिर रोम लौट सेनापति बना। इसके प्रबल-प्रतापके कारण सीनरके आया। रोममें सिसिरोके लौटने पर उसकी कल्याण ६ वर्षीको विजयविभूति पर पानी फिर जानेका उपक्रम झामनाके लिये जुपिटर-मन्दिरमे पूजा चढ़ाई गई। यह हो गया था। गलों का यह सेनापति वर्गाण्डी प्रदेशके ४थी सितम्बर सन् ५७ ईसाके पूर्वकी घटना है। पलसिया नगरके किले में जा कर ठहरा। बहुतेरे गल. सीजरकी चौथी यात्रा (५५ वर्ष ईसासे पूर्व )। सैनिकोंने रोमक सैनिकोको घेर लिया । इस विषद्के ईसाके ५६ वर्ष पूर्व सीजरने वृटानी प्रदेश मेनेटी | समय सोजरने म त साहस तथा अतुल वल विक्रमसे जातिके विरुद्ध यात्रा की और वहांसे कैले और बोलन | गलोंको छिन्न भिन्न कर दिया। एलेसिया सीजरके अधि- प्रदेशोंके निकटके मरिनी और मेनापाई जातियाँके दभेद्य कारमें आ गया। गलोंके सेनापति कैद कर लिया दुर्गा पर अधिकार कर लिया। सीजर राइन नदी किनारे गया। केल्टिक जातिके साथ युद्धमें लिप्त हुआ। इस युद्ध में | सीजरकी ८वीं यात्रा (५१ ईसाके पूर्व )। जर्मनोंको सीजरने पूर्णरूपसे पराजित किया। जयप्राप्त | सोजरने इस यात्रामे समूचे गल देश पर अधिकार कर सीजरने दश ही दिनों में राइन नदी पर एक पुल कर वहां रोमक-शासनको प्रतिष्ठा की। प्रत्येक प्रदेशमे तैयार कर राइन नदीको पार किया। वहांसे लौट कर शासन-व्यवस्था और 'कर' निर्धारित कर वह रोम लौट दोलन और सेलास्त्री नामक स्थानके अधिवासियों को जानेको तैयार हुआ। इस तरह नौ वर्ष तक लगातार