पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/६८६

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


वल्स-पल्गुसोम सुप्राचीन चाडोक राजधानीका धामावशेष दूष्टिगोचर | इस स्थान पर युबाराका अधिकार हुआ। इसके बाद होता है। इसके ही बाहर भागमें प्रत्नतत्वानुमपित्सु फिर अफगानिस्तान सीमाभुत हो गया है। भूर-गफ्ट तथा गुप्योका समाधिस्तम्म विद्यमान है। घलान ( स० लो०) बल्ग ल्युट । १ प्लुतगमन, घोडे का पहले ही कहा गया है कि, रामायणीय तथा महामारतीय | कूदते या उधरते हुए चलगा, दुलको। २ पहुभाषण, शुगमें यह नगर पहुत उन्नति पर था। फेवल हिन्दुओंके बहुत सो इधर उधरती पाते कहा। निकर ही नहीं, पश्चिम एशियारहवासियोंके निक्ट | वला (स. स्त्री०) पल्यतेऽनधेति पलग-करणे धम् भी इस स्थानका पथेष्ट गौरव था। ये लोग इस राज | राप् । दण्डालिका, लगाम, बाग। पर्याय-अवक्षेपणी, घानीको मास उस पालाद पा नगामाता कह कर उल्लेप रश्मि कुशा। । परते थे। पारसवासी इसे प्राचीन धर्म का केन्द्रस्थान बलिगत ( स० क्लो० ) वल्म भाचे च । वल्गन देखा। तथा ज्ञानभडार समझते थे। प्रयाद है, कि पारसवासो । यल्गु ( स० पु०) बलते इति पल प्रोणने घर 3, (वले काइयत्मजने यह नगर स्थापित किया एव प्रसिद्ध गुपच उण । ११२०) धातुकत्तर गुगागम । १ छाग दाशनिक सपा धर्मप्रचारक अयथुस्त्रने दुसरा अश वश्रा । २ वौपि योधिट मके चार अधिष्ठाता देवताओ स्थापन परफे उसका श्रीचि की। मेसे एक । (नि.) ३ सुदर, खूधसूरत । ___मातिदनीर पलेकण्डरने इस स्थान पर भधि | चल्गुक (स० क्ली०) वल्गुमशाया स्वार्थ या क्न् । १ च दन । कार करके वपिनया राज्यमें मिला रिया । इस समय | २ विपिन, वन । ३ पण, बाजी। ४ सौदा। (नि.)५ यह नगर स्थानीय पातणीसे तीन कोसको दूरी पर | रुचिर, मुदर। समतलक्षेत्रमं घसा है। यहाका जलवायु पैसा अच्छा | वल्गुज (स० ० ) छाग, पकरा। नही है। गरमें नल पहुचाने के लिये नदी तटसे जल | वल्गुन (१०नि०) १ सुदर जहाशिए, जिसकी नालियां (Aqueducts) गो हैं। जाघ सुदर हो। (पु०)२ विश्वामित्र के एक पुत्रका पक समय दुद्ध चस्त्रियाराना ओने सेनादल के साथ नाम । रणक्षेत्रमें युद्धकौशलका विशेष परिचय दिया था। घरगुपत्र (सं० पु. ) चल्गु मनोज पत्र यस्प । बनमुद्ग पालखरान म अर्मफेश पहलवरशीय थे। छोरेनो। पनमूग। यासा मोनेमने उनको चोरताका परिचय दिया है, मन वल्गुपोदकी ( स० स्त्री०) १ नहसुआ नामका साग। भेदसे असा मोगद जनपदाधी यर कहलाते हैं। २ एक प्रकारको लता। चंगेज खाने समय तक चालखनगरी अपने सौग़ यक्गुल ( स० पु०) शृगाल गोदड। समृद्धिसे पतियाफे दूसरे दूसरे नगरोंके मध्य टि | यल्गुठा (सं० यो०) यल्गु हातीति ला काप। १ गिनी जाती थी। तैमूरने राज्ययिजयको पासनासे यकुची। २ पक्षिविशेष, चमगादड। इस मा ध्यपहत अपनी विस्तृत मुगल-सेनाफे साथ समय समय पर पगु शब्दका पर्याप-चक्रविष्ठा, दिघा घा, निशाचरी, भा रस नगरशे मिट्टामें मिला दिया। पिण्यात परि वैरिणी, दिवास्वाया मासेष्टा मातृदारिणी। प्रापा माळपोळे इस स्थान प्राचीन समृद्धि कितने पन्गुलिको (स. स्त्री०) पल्गु सशाया पन, टोपि अत हो निदर्शन प्रत्यक्ष कर गये हैं । १७३६ ६०में पारसके पत्यश्च । १ कत्थई रगका पतग जातिका कोडा चपड़ा। राजा नादिरशाहने परम्प तथा फन्दज पर अधिकार कर इसे नेत्रपापी भी कहते हैं। २ मजपा, झापा, पिटारा। लिया। उनको मृत्युफै बाद यह म्यान दुरानावशी यल्गुली ( स० स्त्री०) रातिचर पक्षिविशेष, चमगाद। राजाओंफे अधिकारमें चला गया। १८२० इ०में कुन्दन | २ मजूपा मावा पिटारा। पति माह मुराइने म्वाधानता यलम्मन रफ इस स्थान | धनगुसोम-पक प्राचीन प्रार्ता । गोभिरगृह्यसूत्रभाष्य को अफ्गान भासमसे अलग कर दिया। उसके बाद ) में इनका उल्लेख है। Vol Ax 176