पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/७२४

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यममरता-यसव Rai पमम्मरोगा गित्मा परमी रोम! गुगनुरागिणा होगा। विरोधमागे पस मे पश्लिन गवर्नमेरसे शिगेमा प्रम पिया। पशेमारी तरह रमाण है। नोनल पमित योग का एणयकोनदन यमातास (म.पु) निभातश बा। विधासम वा नित्यानन्द मिना मगरम्य यमन्नाध्ययन ( को०) पर्मतमहामरिन अपन। लिया मोtr मारgat दिया गाम मभूति यमतितम ना० ) पामा नाम । ६४ प्रकार यममारोग होना है। यमम्तोरम (मो.) यमतस्प उत्सागुना चौपदर समान दिन मा भोग करना याद सोलारसय पाल्गुनमाप्ता पूर्णिा दिन प्राप यमग्न दिमागद देना हे पप निरम पाmamm पायों साप धोरण प्रिप भारा यमसद पूना जया युवार दो यारोग बारमीना प्रधान सय वरमा दोना। इस उत्सरी पिधिपाया PR विमिन प्रकार सतनाम सा यसररोग मादि भरिएडमें भगयानन R युधिष्ठिर मुगिर मिशानभूत गोतरालय पर्वतलगाये गान गामसतिया पर पेमा का नीरजादेवार मे पनरिया गया है। गाना दलो। हिजो मनुष्प वायुमार इस काल्गुनारमशा यमनासा (मोनायिकामे । करेगा मेरे प्रमादमे मफे ममी मनोरथ गिरगे। यमनमा (स. 410 गुण, सफेद तुगा मादा पाता दो पम सा जो पामा जिप पमनसा (स. ) पागम्यामद । दिए मरे पादम सयममा समायगा, पर (ATR० ०६५७) पिसौ सासर सुगर सपना सीपन दिया पसानया (स.पु.) चौदा तास । धेगा। (मचिमि. २४ कि०) ( दामादर) २१ उरमय जो प्रायानमारा मतपयमा मरे पमानपिनर (म.पु.) विशुनी एफ मूर्ति दिन होता था. समदन रसय मोहले थे। इसमें पमा (मो .) यस माप रोगजनित सा पानाम गारा पमत धीर वामदेपरा TIT मा करते थे। हालाका उस्मय इसारी परम्परा परातन (R ) कोरि। यम तोरमयमण्टल (०मातार परता यमशेर ( सं० १०) पिना। पममा (म0पु0)१गोरापमा २ पटक 13 मिनार पमतम (म.पु.) मतम ( वि पर प्रकारा पा सो पादाप गा पर IT UNIER ) हि । पागा क र जाता है। यमनमा (R.पु. मगा । पमई (म० पु. १मामा पापारी । २ मि। पसातसमयमय (पु.) पमतममा रमपम (म मारी HTTER पमत ममा रमप तोमर या रमय मो योगय पाEिR-ममा प्रप। गौरीक्षा पान्गुन मासा feer infor पार उपेमनिकर पि मगर नदा मातार मारे जाते .. पारपणे मा भागी मप ममा पगालमेर (म.पु.) मा। नुमा मनिये १ मामा Sams ) मा माहारम्प मी NEETalk ART पसATRI (M.A) मfam पु मार पुराण पनि गुप्यारि भREArun नापि merit grlfont-3 पौर मी ani पुणे मागुमर 1 प्रा मामलम पर Era ngn पाहामा नरमोपद्रि पुगात RT TERE ITRAAT RELATTA