पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/७७

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७४ रोग-साम्राज्य पर इलागावालस अन्तिोकास नाम इम्पिले युद्धके , कायम नई । प्रिटोरिया गार्डस नेनादलके नायक मिटो- घाट रोम-साम्राज्यका अधीश्वर हुआ। यद्द सन् २१८ लियाना नगरकी रक्षा करने के लिए नियुक्त हुआ। ६०को ७वों जूनकी घटना है। । उसने अपने अत्याचारसे वादशाहका प्रियपात्र वन का सोमियासका पुत्र राजा हुआ जोर मामियाका पुत सेनेट और नगरवासियों पर अपना प्रभुत्व कायम अलेकसन्दर उसका सहयोगी नन पर गजसंसारका किया। किन्तु प्रजाविष्वमें उसको अपना जीवन को कार्य करने लगा। किन्तु नया सम्राट अपने भाईकी देना पडा। उस समय सेनाको अर्थका लोम दे पर दोनों ईपसि कातर हो कर उसके प्राणनाशकी चेष्टा करने | गार्डियनाने राज्यको सुदृढ बनाया। किन्तु इससे विशेष लगा। मिटोरियान गार्डसदल वालक अलेकमन्दरकी कोई फल नही हुआ । सन् २३७ १०ी ३री जुलाईको प्राणरक्षाके लिये अग्रसर हुया । एक दिन यह प्रिटो- मौरियानियाका शासनकर्ता कापिलियानसने अरक्षित रिया दलने उसको राजपथमे ला कर निरनासे मार कार्थेजप्रदेश पर आक्रमण किया। कनिए गार्डियान डाला (२२२ ई०की १०वो मार्जको)। सनाटीने रणनेत्रमें मारा गया। यह सुन कर वृद्ध गार्डियानने माकिनासको मारनेवाला १७ वर्गक बलेकमन्दरको राज. यात्महत्या कर ली। इसने कुल ३६ दिन ही राजत्य सिंहासन पर बैठाया। इसके गनुमार अलेकसन्दर दिया था। भेरस नामसे सम्राट बन गया। गलेकमन्दग्ने दुर्भाग्य धर दोनों गार्डियानकी मृत्युसे सेनेटके सदस्य यशससे लौटते समय राइन नदी पर अपनी सेनाओं। आनन्दाय प्रवाहित करने लगे। लेनेटने माक्सिमास को एकल कर माक्सिमोन नामक एक व्यक्तिको एक और वालविनासको सम्राट के पद पर नियुक्त किया। नई सेना एकत्र करने तथा उसको सिवाने पढानेका पापिष्टमास गजशत्र के विरुद्ध युद्ध कार्यमें लित रहने भार दिया। यह मनुष्य धीरे धीरे प्रधान सेनापतिके लगा और सुवाम्मी और कवि बालविनास राजविधिका पद पर पहुंच गया। इस समय सम्राट के अत्याचारसे प्रभाव विस्तार करने लगा। माक्सिमासने सौरमतीय और पीडित हो कर लोगोंने सम्राट को मार डाला। इसके अम्मन जातिको पराजित कर सेनानायकत्वका यथेष्ट वाद माक्सिमीनको गद्दी पर बैठाया। यह सन् २०५ परिचय दिया था । किन्तु जब इन दोनों सम्राट विज- ई०की १६वी मा की घटना है। । योत्सवमे मत्त हो कर 'देवमन्दिरमें पूजा दान करनेमे ___ माक्सिमोन यसवासी एक किसानवशका था। मस्त थे, तब अकरमात् एक जनसंघने उस सुखशालिको इसने ऊंचा पद पा कर 'टाइरेण्ट' की तरह सर्वसाधा : मन का चीत्कार वर कहा--'गाडियन वंशधरको ले रणका सर्वस्व लूट लेना चाहा। अर्धलोलुपताके कारण कर तीन सम्राट बनाये जायें।" दोनों सम्राटोंने उमने देवमन्दिरको पूजामें भी कमी कर दी और अपनी थोडी सी सेना ले कर इस जनसमाजको तितर. प्रतिमाके निकट सञ्चिनमर्थसे पेट पालन करने लगा। वितर कर देनेशी व्या चेष्टा की। उन लोगोंने वृद्ध उसके धर्मनाशक इस कार्य्यसे सामाज्यका प्रत्येक गार्डियानके पौत्र और फनिष्ठ गार्डियानके भतीजे व्यक्ति बिगड़ उठा। थिर्सड स नगरमें अफ्रिकाके गाडियानको सीजर नाम दे कर सबके सामने उपस्थित प्रोकन्सल गडियानाशके अधीन साजिश करनेवालोंने किया । इस विरोधके समाप्त होने पर रोम आत्मरक्षा मार डाला । यस्सो वर्णके बुद्ध ने गार्डियाना विद्रो करने पर तैयार हुआ। हियोंके वन विमे पड कर अपने पवित्र जीवनको अन्त रणजयी उद्धत स्वभाववाले माक्सिमासके साथ ऑतिक विष्ठवजनित रक्तपातमें कलुपित कर डाला। विशाल रोमसामाज्यमें सुशासन विस्तार करने के लिये वृद्ध गार्डियानाग सद्बुद्धिसे राजसिंहासन पर बैठ कर ! बालविनाशका मनोमालिन्य उपस्थित हुआ समग्र नगर . सन करने लगा। उसके पुत्र छोटे गार्डि-1 केपिटोलाइन-क्रीड़ामें उन्मत्त हुआ था। दोनों समाट, का वीरता और दृढताले कार्थेज नगरमें राजधानी राजन्तःपुरको निभींक कोठरियोंमे विश्राम कर रहे