पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/७८

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रोम साम्राज्य थे। ऐसे समय प्रिटोरिया गाईस दल्ने आ राजमहल ] डिसियास् नामक एक सेनेटके मदस्य इम विद्रोहका में घुस कर अधीश्वरके गहनोंको उतार कर मार डाला।। दमारनेके लिए भेजा । डिसियासको जानेकी इच्छा यह सन् ३२८ ३०की १५वीं जुलाहकी घटना है। यो पि तु वह राजाके मादेशसे गया। वहा जा कर इस तरह एक एक करके छ सम्राट कुछ महीने में ही | विद्रोहियोंक पहनेस सन्नाट के विरुद्ध उसने अस्त्र विद्रोही मजाफे हाथो मार डाले गये । गाहिंधान प्रजा | धारण किया। फौजोंने उसको हो राजमुदुर पहना पर पुनकी पासे रानतस्त पर बैठा सही, किन्तु उसकी भागे किया । फल हुमा, कि भेरोनाये युद्ध में फिलिपको माताके पापान खोजा उसके याल्यकालम ही भाधिपत्य परामित पर डिसियासको ही रोमका अधीश्वर बनाया। विस्तार करने लगा। प्रजाके प्रति अन्यारपगयण हो डिसियासने कद मास निर्मित राजत्य पर सोमात पर मीनिश्चित नहीं हुए। अन्तम उ होने वाला समाट आक्रमणकारो गथ जातिको दण्ड देने के लिये यात्रा की की दोनों आये निकाल ली। उस समय (२४३६०)। और यह डेयूबफ निफ्ट मा उपस्थित भा। इधर एक RATE प्राणके भयसे भाग पर प्रधान मताको शरण | दल साक्षिा प्रदेशको लूटने लगा और मिसियाकी अन्य में जा कर प्राणभिक्षा पाइ। उनके निरस्त परामर्श / तम राजधानी मार्मियानापोलिस पर घेरा डाल कर दाता और प्रिटोरिय मिफेफ्ट मिसिधियासने समार का यरोंने बहुत धन सम्पत्ति लूट ली । गथ सेनापति ओरसे मिसांपोटामिया मारमणकारो पारस्पके राजा frमा डिसियासको दलवल सहित अन्नमर होते देख भाग को पराजित किया और उस घटनाका स्मरण रखनेके गया । गथलोगोंने पीछे हट कर थे सके निकटफे हिमास लिपे उसने २४२ में जानासके मदिरका दरवाजा | पर्वतके पादमूलस्थ फिलिपोपोलिस नगर पर घेरा खोल दिया। डाला। डिसियास उनका पीछा करके भी आगे आ ___ पारस्यकी फौजोंशे भगा कर समाट ने उना पोछा न मा। शवुदलने एक दिन अचानक अधीश्वरके क्यिा और उह यूफेटिससे टाइनास तक भगा कर स्त्रेमे पर आक्रमण किया । रोमय तितर विरार सेनेटको अपने सचियकी प्रावर घुदिक्षा परिचय दिया। हो गया। फिलिपोपोलिस शनुमोब दाथ चला गया। किन्तु डाकस्मात् मिसिधिपासको मृत्युसे अधीश्वर डिसिपासने नये उद्यमसे फिर सेना पक्त कर उनको गार्डियानको समृद्धिका लोप हुआ। उसने अरव देशीय उचित दण्ड दने तथा रोमके प्रणट गौरवको प्रसिद्ध डाकू फिलिपको प्रिफेका पद पर नियुक्त किया। उद्धार करनेक लिये चेष्टा को। इस बार उनको रोमकी उसने इसको नियुक्त कर आप ही आप अपनो मृत्युको मनातिका प्रधान कारण मालूम हुआ। सारे सममें घुलाया फिलिप कथा ही, सामाज्यको इहप नाने । रिश्वतखोरोका याजार गम था। अथलालमास रोमकों के लिये उसने अधीश्वरपे विरुद्ध सोनिको माया का मस्तिष्क विस्त हो गया था और रीतिनीति होना उत्तेजित सैनिकों ने आयोराम नदोष किनारे सम्राट पो यर मापन थी। अधाश्वरने इस जातीय अवनतिका मारकर फिल्पिको सम्राट बनाया। मृलत सम्वार करनेके लिये मलेरिनायनको नियुक्त फिलिप पूर्वसे मा पर रोमके सिहासन पर बैठा।। रिया। वितु गय जातिके वारवार माझमणसे अधी उसने रोमयासियोंके हदयसे अपनो नीच यशोद्भवना भ्यरतो इसे मूलस नष्ट करनेका असर नहीं मिला। दूर करने के लिये पवित्र कोडामोश चापिया । मग सिसिया प्रदेशके फोरम ट्रेवोनिया नामक नगरके एसके याद रातियाम, डोमिसियाम और सभेरस सिया निकर दोनों ओरसे निम युद्ध हु । अधीश्वर पुत्रके मौर किसान इन क्रीडायों का प्रचलन नहीं किया था। साथ मारा गया। उसके शासनकालके सन् २४E TOम मिसिना लोजनों। ___ रोमीय लोजना भग्नमनारय होकर डिगियामके पुत्र के भीतर घोर विद्रोद फैग। मारितास नाम पर टिलियानासको सम्राट बनाया ( २५१ १० दिसम्बर) सापति इस पिद्रोहका मेता बना। उस समय सम्राट ने और गाल्लास दूसरे राजकायं सगाल्नके लिए