पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/९७

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


० रोप-साम्राज्य नीरोको जलप्रणाली ६२ ईसास पूर्ण १-६ च | हुई है। इसके बाद २०२७६६० नुधिर पान और टाइटासदा स्नानागार लोय थार प्राधाम प्राचौर ( Hall of irre him and डोमिसियानका प्रासाद Probus ) यना । मवाद ८५०१०में पोप लियो दी त भिनास और फो नेटायर नीके पश्चिम पारमें एक चहारदीवारी रोमका मन्दिर १२५ , , निर्माण कराया। इसके बाद २५६० से १६४०३०के बीच सेभेरेसका प्रासाद २००१ नक नदी पश्चिम किनारेक भाटिगानाम और जेनिकि औरेलीय चहरदीवारी १७६ , ३ ओलाम पर्वतको घेर कर गेम अधीश्वग्ने एक मह और ____ मसाला और सिमेण्टग्ने मरमर पत्थरकी जोड़ाई हन् चहारदीवारी निर्माण करा कर नगरमा पश्चिम सिवा रोमक अन्यान्य जोडाई पर मा मरमरकी पत्ती । भाग सुरक्षित किया था। विछाना या बैठना (l trble lining) जानने थे । प्राचीन कारीगरी (स्थापत्यविधा ) के प्रभाव विस्तारके Concord मन्दिरके भोनगे तृफाकी बनाई मीतरी भित्ति। माथ रोमकाने शिम्पविद्याकी भो यथेष्ट उनति की श्री। को रङ्गविरङ्गके मरमरों द्वाग सुमांजत करने के लिये। रोमकाजातन्त्र और गमतन्त्रके आधिपत्यकालगाम चे नाना द्रयों को मिला कर पलस्तर नय्यर कर दायार- नगरमै जो सब अदभुत कोम्तिम्भ स्थापित ा थे, में लगाते थे। Concrete cement hacking लामा, उ मानावशिष्ट निदर्शन (नमने) याज भी सुरक्षित रह सुरखी, मरमरको धुलि, तूफाखण्ड ओर द्राभाटाइन । कर प्राचीन शिल्पका गौरव बनला रहे हैं। इसके मिया प्रभृति द्रव्योंको मिला कर ( अर्थात् कारीगर घरमे जो मट्टी के भीतरसे भी प्रज्ञा और राजतन्त्रके उक्त युगौसे कुछ रहता था, वह एकत्र कर ) यह तैयार किया जाता पूर्व समयके भी वहुने नमूने पाये गये है। इन सय था । कभी कभी गेमगृहकी मीन अथवा चहार- दृश्यों के प्राचीनत्य निरूपणका कोई विशेष प्रमाण नहीं दीवारी इस मिले हुए द्रव्योंसे परिमाणानुसार ढाल मिला है। लेने थे। इसके घाट इस पलस्तर पर मरमरकी पत्तियां। प्राचीन युगकी फोर्ति भार स्मृतिचिहोंका विशेष पैठा कर अडीयुक्त धातवव धनी clumpes of rictal, : उल्लेग करना निम्प्रयोजन है । क्योंकि उनके कोई hooled at the end ) द्वारा दोवारमें गाढ़ देने थे। धारावाहिक इतिहास के उद्धारको गुञ्जाइश नहीं । रोमराजधानीसे विभिन्न प्रदेशों में गमनागमनकी पेलेटाइन पीनके नमूने । सुविधाके लिये प्राचीन रोमक समाजने सब तरहके कई ___ सबसे पहले पैलेटाइन शेलके रोमा कोयाटा नामक चौडे पथ तैयार कराये थे। इन सब रास्नेमे जिन स्थानकं "रोमूलाम प्राचीर" उल्ले पनीय है । चहार- जिन स्थानों को रोमकी प्रसिद्ध चहारदीवारी पार कर दीवारीसे निराइस सविस्नत भवण्डमें क्यरो भेटरिस. गई, उन स्थानोंमें एक एक दरवाजा यना था। । सेशेलाम लाराम, फोरम रोमानाम, नगरद्वार, जुपिटर- अपरमें जिस रोमके सीमान्त प्राचीर या चहार- चहार- का मन्दिर, सर्कसमाक्सिमास आदि विद्यमान है। दीवारीका उल्लेख किया गया है, उनमें रोमके प्रधान केपिटालाइन शलोपरिस्थित प्राचीन कीर्तिया। ऐतिहासिक या यों फहिये कि रोमके इतिहासके उत्पादक रोमूलासके कथित दीगरीका ( Hall of | 11cmple of Jupiter Capitolanus 2 Tabula. rium, 3 Forum Julla, 4 Torum of lugustus, 5 Romulus ) नमूना ही सर्वापेक्षा प्राचीन है। इसके | Torum Pacis, Grorum dersa, 7Torm of Tra. वाद रोमक राजा सर्वियास टालियासका सुवृहत् और Jan 8 Trajan's columu, 9 Temple of Trajan, 10 सुदृढ़ प्राचीर (wall of Sers ius Tufllus) उल्लेखयोग्य Temple of Tortuna Virl15, 11 Portcus Octariac, है । इस अतीत कृत्तिका ध्वंसावशेष-निनि अव पृथ्वी- 12 Temple of Neptune, 13 Temple of Tanus and गे निकला है। इस पर साधारणकी दृष्टि आकार्षत | Rme इन मन्दिरोंके निकट और भी कितने ही मन्दिर